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*प्रॉपर्टी डीलर का अपहरण कर हत्या करने वाले चार अभियुक्त गिरफ्तार-एक करोड़ की फिरौती के लिए किया था अपहरण -नही मिली लाश*

डेस्क- लखनऊ – 8 दिन पूर्व 22 वर्षीय प्रॉपर्टी डीलर विशाल गौतम का एक करोड़ रुपए की फिरौती के लिए अपहरण कर उसकी हत्या करने के बाद लाश को बोरे में भरकर पत्थर से बांधकर नदी में फेंकने वाले चार लोगों को आज लखनऊ कमिश्नरेट के दक्षिण जोन की दुबग्गा पुलिस ने क्राइम ब्रांच और डीसीपी दक्षिण की सर्विलांस टीम की मदद से गिरफ्तार कर घटना में प्रयुक्त एक मारुति वैन, एक मोटरसाइकिल 4 मोबाइल फोन अपह्रत विशाल गौतम की बुलेट मोटरसाइकिल और उसका मोबाइल फोन के अलावा हत्या में इस्तेमाल की गई लोहे की रॉड और गमछा बरामद कर लिया है।

गिरफ्तार किए गए लोगों के कुबूल नाम के बाद पुलिस ने मृतक विशाल गौतम के शव को एसडीआरएफ और गोताखोरों की मदद से गोमती नदी से निकलवाने का प्रयास किया लेकिन सफलता नहीं मिली । दुबग्गा पुलिस के द्वारा करेंद्र रहीमाबाद के रहने वाले धीरज कुमार , जेहटा दुबग्गा के रहने वाले राजेश गौतम, पटकापुर रहीमाबाद के रहने वाले मुकेश कुमार और सहजनवा रहीमाबाद के रहने वाले आशीष को गिरफ्तार किया है जबकि अपहरण और हत्या में शामिल सूरज नाम के एक व्यक्ति की अभी तलाश जारी है । पुलिस के द्वारा गिरफ्तार किए गए लोगों ने कुबूल किया है कि इन्हीं लोगों के द्वारा 25 सितंबर को ग्राम जेहटा दुबग्गा के रहने वाले 22 वर्षीय विशाल गौतम का एक करोड़ रुपए की फिरौती वसूलने के लिए अपहरण करने के बाद उसे कलुआ खेड़ा में स्थित धीरज की नमकीन फैक्ट्री में रखा गया था लेकिन अपहरण में शामिल विशाल गौतम के पड़ोसी और दोस्त राजेश को जब ये पता चला कि पुलिस विशाल की तलाश में सक्रिय हो गई है तब पकड़े जाने के डर से राजेश के कहने पर ही इन लोगों ने विशाल गौतम को भैंस को लगाए जाने वाले 2 इंजेक्शन लगाकर मूर्छित किया और गमछे से गला घोट कर उसकी हत्या करने के बाद विशाल गौतम के पैरों पर लोहे के रॉड से हमला कर उसके पैरों को तोड़ दिया गया। पुलिस के द्वारा गिरफ्तार किए गए लोगों के कुबूल नामे के अनुसार विशाल की हत्या करने के बाद उसके शव को बोरे में भरा गया और दूसरे बोरे में पत्थर भरकर दोनों बोरो को एक साथ बांधकर लाश को पटकापुर गोमती नदी में फेंक दिया गया । एक करोड़ रुपए की फिरौती के लिए 22 वर्षीय नौजवान विशाल गौतम का अपहरण करने वाले इन चार अपराधियों की गिरफ्तारी के बाद ये तो स्पष्ट हो गया कि इन्हीं लोगों ने पकड़े जाने के डर से विशाल गौतम की हत्या की थी लेकिन पुलिस के द्वारा विशाल गौतम की लाश की तलाश में लगाई गई एसडीआरएफ की टीम और गोताखोरों को विशाल गौतम की लाश ढूंढने में अभी सफलता नहीं मिली है। आपको बता दें कि 25 सितंबर की शाम बुलेट मोटरसाइकिल पर सवार होकर निकले विशाल गौतम के गायब होने के बाद उसकी बहन संध्या के द्वारा दुबग्गा थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया था । पुलिस के अनुसार विशाल गौतम की बहन संध्या के मोबाइल पर विशाल गौतम के मोबाइल से ही लगातार व्हाट्सएप चैटिंग की जा रही थी पुलिस के द्वारा मुकदमा लिखे जाने के बाद सर्विलांस टीमों को सक्रिय किया गया जिन्होंने यह पता लगा लिया कि विशाल गौतम के नंबर से व्हाट्सएप के जरिए चैटिंग मुकेश के मोबाइल वाईफाई से की जा रही थी पुलिस ने आईपी एड्रेस ट्रेस किया पुलिस की टीमों ने मुकेश की लोकेशन को ट्रेस कर जब उसे दबोचा तो मुकेश ने रट्टू तोते की तरह अपना और अपने साथियों का गुनाह कुबूल करते हुए पुलिस के सामने पूरी घटना खोल कर रख दी। बताया जा रहा है कि गिरफ्तार किए गए लोगों को अगर पकड़े जाने का डर न होता तो शायद एक करोड़ रुपए वसूलने के चक्कर में ये लोग विशाल गौतम की हत्या न करते । पुलिस के द्वारा गिरफ्तार किए गए लोगों के आपराधिक इतिहास का पुलिस पता लगाने का प्रयास करने के साथ-साथ अपहरण और हत्या में शामिल लोगों के साथी सूरज की तलाश भी सर गर्मी से कर रही है। भले ही पुलिस विशाल गौतम की जान नही बचा सकी लेकिन विशाल की फिरौती के लिए अपहरण कर उसकी निर्मम हत्या करने वाले हत्यारे पुलिस की पकड़ से नही बच पाए।

जय कुमार तिवारी

*हमेशा सच का साथ देना! ईमानदारी से आगे बढ़ना, दीनहीनों की आवाज को आगे पहुंचाना। सादा जीवन उच्च विचार और प्रकृति के बनाए हुए दायरे में जीवन निर्वहन करना। झूठ बोलने वालों और फरेब से दूर रहना, कभी किसी के अहित की बात नहीं सोचना। ईश्वर मेरे साथ हमेशा खड़े हैं!*

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