धर्म-कर्मराशिफल

*आज आपका राशिफल एवं प्रेरक प्रसंग -राजा  मोरध्वज की कथा*

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*⚜️ आज का राशिफल ⚜️*
*दिनांक : 01 अक्टूबर 2022*

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मेष🐐 (चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, अ)
आज दिन के आरंभिक भाग में सेहत प्रतिकूल रहेगी छाती से निचले हिस्से में गड़बड़ रहने के कारण मानसिक तनाव बनेगा लेकिन दोपहर के बाद सुधार आने लगेगा गलत दवा के सेवन से एलर्जी अथवा अन्य समस्या बन सकती है देखभालकर ही इलाज करें। कार्य व्यवसाय में आज जो भी निर्णय लेंगे उसकी सफलता संदिग्ध रहेगी अन्य लोगो का दखल देना अखरेगा फिर भी व्यवहारिकता के कारण सहन करना ही पड़ेगा। निवेश करने से बचे धन फंस सकता है नौकरी पेशा भी आज प्रयोग करने से बचे अन्यथा अन्य लोगों की गलती आपके सिर आएगी। धन की आमद आज न्यून लेकिन खर्च कल की तुलना में कम होंगे। पारिवारिक वातावरण में विरोधाभास का अनुभव होगा जिससे सहयोग की आशा करेंगे वही अपना स्वार्थ सिद्ध करने के प्रयास में रहेगा। यात्रा से कोई लाभ नहीं मिलने वाला सम्भव हो तो टालें।

वृष🐂 (ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो)
आज का दिन बीते दिनों की तुलना में बेहतर रहने वाला है लेकिन इसको बेहतर बनाने के लिये दिन के आरम्भ से ही स्वभाव में नरमी और जिद को त्यागना पड़ेगा तभी दिन का आनंद उठा पाएंगे। सेहत आज ठीक ठाक ही रहेगी कार्य क्षेत्र पर व्यवस्तता के बाद भी थकान अनुभव नही करेंगे रोजगार के संबंध में छोटी बड़ी यात्रा भी हो सकती है इससे लाभ के साथ ही नई जगह देखने को मिलेगी। कार्य क्षेत्र पर पूर्व में की मेहनत दोपहर के बाद फल देने लगेगी लेकिन आर्थिक मामलों में जल्दबाजी ना करें संतोषि व्यवहार रखने पर धन के साथ सम्मान भी बढ़ेगा। नौकरी पेशाओ को जिस कार्य मे उत्साह नही रहेगा उसे करने पर प्रशंसा के साथ आय के स्त्रोत्र भी बन सकते है। घर परिवार का वातावरण आज सुखद रहेगा दाम्पत्य सुख भी उत्तम मिलेगा। विपरीत लिंगीय आकर्षण बढ़ने के कारण ख्याली पुलाव पकाएंगे।

मिथुन👫 (का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, हा)
आज दिन के आरंभिक भाग में आर्थिक एवं पारिवारिक कारणों से मन मे बेचैनी बानी रहेगी सेहत भी थोड़ी नरम रहने के कारण कार्यो में ढील देंगे। दोपहर के बाद स्थिति एकदम उलट होने लगेगी स्वभाव में हल्कापन अनुभव करेंगे विपरीत परिस्थिति में भी मनोरंजन के अवसर तलाशेंगे आप स्वयं अंदर से चिंताग्रस्त होने के बाद भी आस पास के लोगो को अपने मजाकिया व्यवहार से हंसने पर मजबूर कर देंगे। कार्य व्यवसाय में दोपहर तक अतिरिक्त परिश्रम करना पड़ेगा इसका फल निश्चित रूप से धन लाभ के रूप में मिलेगा परन्तु थोड़ा इंतजार करने के बाद ही। निवेश का जोखिम आज की जगह कल लेना ज्यादा बेहतर रहेगा। गृहस्थ में प्रातः जैसा तनाव अनुभव होगा संध्या के समय उससे अधिक आनंद मिलेगा। पति पत्नी में नोकझोंक के बाद भी आवश्यक कार्यो को लेकर एकमत हो जाएंगे।

कर्क🦀 (ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो)
आज के दिन का आरंभ शांति प्रद रहेगा लेकिन जैसे जैसे दिन चढ़ेगा घरेलू एवं व्यावसायिक उलझने भी बढ़ती जाएंगी। आपका स्वभाव दिन के आरंभ में अत्यंत स्वार्थी रहेगा आपने लाभ के लिये किसी अन्य का नुकसान करने से भी नही चूकेंगे फिर भी जिस भी चीज अथवा कार्य से लाभ पाना चाहेंगे वह किसी अन्य को मिलने की संभावना है आपको मिलने पर भी कुछ कमी रहेगी। दोपहर के बाद किसी भी कार्य को लेकर ज्यादा भागदौड़ करने से बचेंगे। कार्य व्यवसाय में धन लाभ दिन के पहले भाग में होगा इस समय अधिक सतर्कता बरते दोपहर बाद भी धन प्राप्ति के संयोग बनेंगे लेकिन कछ कमी के कारण निरस्त भी हो सकते है। घरेलू जिम्मेदारी बढ़ने पर कुछ समय के लिये असहजता होगी फिर भी निष्ठा से निभायेंगे। यात्रा से आज लाभ की उम्मीद ना रखें।

सिंह🦁 (मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे)
आज के दिन आप मन ही मन किसी बात को लेकर चिंतित रहेंगे लेकिन अन्य लोगो के लिये अच्छे मार्गदर्शक सिद्ध होंगे। सेहत पेट संबंधित छोटी मोटी संमस्या को छोड़ उत्तम रहेगी खाने पीने में संयम रखें अन्यथा बेकार में दवाइयां खानी पड़ेंगी। कार्यक्षेत्र पर आपके धैर्य और नियंत्रण क्षमता की तारीफ होगी। प्रलोभन भी दिए जाएंगे इनसे दूर रहे अन्यथा भविष्य में ठगी का शिकार हो सकते है। दिन के आरंभ में बुद्धि विवेक से काम लेना मध्यान के बाद लाभ के मार्ग खोलेगा। धन की आमद आज आशाजनक नही होगी फिर भी कामचलाऊ आय आसानी से प्राप्त कर लेंगे। नौकरी पेशाओ को सहकर्मी द्वारा धमकी अथवा गलत आचरण का सामना करना पड़ेगा जिससे कुछ समय के लिये मानसिक दबाव अनुभव होगा। पारिवारिक वातावरण में आपसी समझ और तालमेल बना रहेगा। यात्रा की योजना बनते बनते अंत समय मे टल सकती है।

कन्या👩 (टो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो)
आज का दिन मिश्रित फलदायक रहेगा। सेहत छोटी मोटी बातो को छोड़ लगभग सामान्य ही रहेगी स्वास्थ्य की चिंता भी आज कम ही करेंगे। आज आपका मन दो तरफा रहने से भ्रम की स्थिति बनेगी। कार्य क्षेत्र पर नए लाभ के अनुबंध मिल सकते है पुराणों से भी आकस्मिक धन की प्राप्ति होने से उत्साह बढेगा। सहकर्मियो के ऊपर खर्च करने पर काम निकलना आसान होगा लेकिन आज दाम्पत्य जीवन मे सुख की कमी अनुभव होगी पति पत्नी में किसी न किसी बात को लेकर नए मतभेद बनेंगे संतान का भी सहयोग केवल इच्छा पूर्ति होने तक ही मिलेगा। घर के अपेक्षा बाहर सुख की तलाश में रहेंगे लेकिन आपका भावुक व्यवहार घर के सदस्यों के साथ बाहरी लोगो को भी बोझ जैसा लगेगा मन की बात किसी को ना बताये अन्यथा अन्य लोग अनुचित लाभ उठा सकते है। कार्य क्षेत्र पर नौकर सहकर्मी की गतिविधि पर नजर रखें।

तुला⚖️ (रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते)
आज दिन आरम्भ में आपके स्वभाव में आलस्य भरा रहेगा कार्य एकदम सर पर आने पर ही करेंगे सेहत लगभग सामान्य रहने के बाद भी कार्य करने का उत्साह नही बन पाएगा जिसके परिणाम स्वरूप घर मे परिजन एवं कार्य क्षेत्र पर सहकर्मी अधिकारी की खरी खोटी सुन्नी पड़ेगी। दोपहर के बाद स्वभाव में एकदम से परिवर्तन आएगा जो लोग आपके विपरीत थे उन्हें गलती का अहसास कराएंगे लेकिन लोगो के मन में शक फिर भी बना रहेगा। कार्य व्यवसाय में आज कोई भी बड़ा निर्णय दोपहर के बाद ही ले अथवा कल ले लिए टालना भी बेहतर रहेगा। धन लाभ की संभावनाए बनेंगी लेकिन अंत चरण में पहुचकर या तो निरस्त होंगी या बहुत कम होने से मन निराश होगा। घर मे दोपहर तक मौन रहने का प्रयास करें खासकर महिलाए पुरानी बातों को भूलकर नए कार्यो पर ध्यान दें। यात्रा ये किसी न किसी रूप में लाभ होगा।

वृश्चिक🦂 (तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू)
आज का दिन आपके लिये बीते दिनों से अच्छा रहने वाला है लेकिन आज आपका स्वभाव पल पल में बदलने से आसपास का वातावरण भी कभी प्रसन्न कभी उदास बनेगा। बीते दिनों से मन मे भरी बातें आज एकदम से बाहर आने पर सामने वाले को परेशानी होगी लेकिन मन का बोझ हल्का होने से कुछ ही देर में स्थिति स्पष्ट हो जायेगी साथ ही आपके प्रति लोगो की सहानुभूति भी बढ़ेगी। कार्य व्यवसाय में कुछ समय के लिये निराशाजनक परिणाम मिलने से उदास होंगे लेकिन फिर भी परिस्थिति अनुसार स्वयं को ढाल कर कही ना कही से लाभ अवश्य उठाएंगे। धन की आमद में व्यवधान आएंगे फिर भी खर्च निकालने लायक सहज हो जाएगी ज्यादा पाने के प्रयास में गलती कर सकते है धैर्य से काम करें आगे का समय ठीक ही बना रहेगा। दाम्पत्य जीवन मे राग द्वेष लगा रहेगा जिस कारण घर की जगह बाहर का वातावरण अधिक पसंद करेंगे।

धनु🏹 (ये, यो, भा, भी, भू, ध, फा, ढा, भे)
आज दिन के आरंभिक भाग में पेट संबंधित समस्या परेशान करेगी पूर्व में बरती अनियमितता के कारण आज मध्यान तक सेहत में उतार चढ़ाव लगा रहेगा इसके बाद भी स्थिति यथावत बनी रहेगी लेकिन व्यवस्तता के चलते अनुभव नही होगी। कार्य क्षेत्र पर अतिमहत्त्वपूर्ण निर्णय दोपहर से पहले ले अधूरे कार्य भी शीघ्र पूर्ण करने का प्रयास करने इसके बाद परिस्थिति हानिकारक बनने वाली है जहाँ से लाभ की उम्मीद रहेगी वहां से खाली हाथ आएंगे। धन लाभ अंत समय मे आगे के लिए निरस्त हो सकता है। सहकर्मियो का सहयोग भी अन्य दिनों की तुलना में कम ही मिलेगा। दाम्पत्य जीवन मे बाहर की तुलना में शांति रहेगी परिजन आज आपसे सुख की कामना करेंगे लेकिन ना मिलने पर परिस्थिति अनुसार स्वयं को ढाल भी लेंगे। यात्रा में चोटादि का भय है सतर्क रहें अथवा निरस्त करें।

मकर🐊 (भो, जा, जी, खी, खू, खा, खो, गा, गी)
आज दिन के आरंभिक भाग में सेहत चुस्त रहेगी लेकिन मन मे कोई चिंता भी बनी रहेगी। अतिआवश्यक कार्य दोपहर से पहले पूर्ण करने का प्रयास करें इसके बाद बनते कार्य बिगड़ने लगेंगे आपसी संबंधों में भी भावनाओ की कमी आएगी हर कोई अपने स्वार्थ के लिये ही व्यवहार करेगा। घर मे गकतफहमी अथवा किसी पुरानी गलती के चलते तीखी झड़प होने की संभावना है आज राह चलते लोग भी आपको बुरा भला कह सकते है प्रतिक्रिया देने से पहले आगे होने वाले नुकसान को अवश्य ध्यान में रखें। कार्य क्षेत्र पर लाभ के अवसर मिलते रहेंगे लेकिन कलह क्लेश के कारण आज कोई भी लाभ मन को लुभा नही पायेगा। नौकरी पेशाओ को कार्य क्षेत्र पर नए अनुभव मिलेंगे लापरवाही ना करें अन्यथा लंबे समय तक उन्नति को तरसेंगे। आज प्रत्येक कार्य दूरदृष्टि रखकर ही करना हितकर रहेगा।

कुंभ🍯 (गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा)
आज का दिन आपका भविष्य बनाने में सहयोग करेगा सेहत में आज कल की अपेक्षा सुधार अनुभव होगा लेकिन चुस्ती की कमी दिन के आरंभ में रहेगी बाद में धीरे धीरे सामान्य हो जाएगी। मध्यान से पहले किसी आवश्यक कार्य के लिये भागदौड़ करनी पड़ेगी लेकिन कोई न कोई अड़चन आने से तुरंत सफलता नही मिल पाएगी मन मे कुछ देर के लिए विपरीत खयाल आएंगे परन्तु धैर्य से काम लें मध्यान के बाद किसी बाहरी व्यक्ति का सहयोग समर्थन मिलने से अपनी योजनाओं में सफलता पा लेंगे। आज व्यवसाय में निवेश करने से पहले बाजार की मांग का अवश्य ख्याल करें जल्दबाजी में हानि हो सकती है। पारिवारिक वातावरण में शांति रहेगी मित्र परिचित स्वार्थ के लिये अधिक मीठे बनेंगे। आज आर्थिक कारणों से होने वाली यात्रा टालना ही बेहतर रहेगा लाभ की जगह खर्च ही होगा।

मीन🐳 (दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची)
आज का दिन आपके लिए मिला जुला फल देगा सेहत आज ठीक ठाक ही रहेगी आर्थिक विषयो की परवाह भी आज कम ही करेंगे। दिन के आरंभिक भाग में आध्यात्म एवं परोपकार में रुचि रहेगी लेकिन मन मे कोई न कोई उलझन रहने से ठीक से ध्यान नही दे पाएंगे। आज फिजूल की बातों पर ध्यान ना दे अपने कार्य को योजना बनाकर करे मध्यान के बाद अवश्य ही कोई सकारात्मक खबर मिल सकती है। नौकरी वालो के लिये आज दिन थोड़ा अधिक परिश्रम वाला रहेगा लेकिन इसका परिणाम अंत मे सुखद अनुभूति कराएगा। धन की आमद प्रयास करने पर आवश्यकता अनुसार हो जाएगी। दाम्पत्य जीवन एवं पैतृक कार्यो से आज उलझन के बाद भी सुख मिलेगा। तीखे वचन बोलने से बचे दिन आनददायक सिद्ध होगा। व्यावसायिक अथवा अन्य कारणों से पूर्व निर्धारित यात्रा हो सकती है।
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     राजा  मोरध्वज की कथा

महाभारत युद्ध की समाप्ति के बाद अर्जुन को बहम हो गया कि,श्रीकृष्ण का सर्वश्रेष्ठ भक्त मैं ही  हूं।

अर्जुन सोच रहे थे,कि कन्हैया ने सवंय सार्थी बन कर मेरा रथ चलाया,और मेरे साथ रहे। इसलिये मैं ही भगवान का सर्वश्रेष्ठ भक्त हूँ।अर्जुन को क्या मालूम था कि वह तो केवल भगवान श्रीकृष्ण के “धर्म स्थापना अभियान” का जरिया मात्र था।

भगवान् श्रीकृष्ण जानते थे कि,अर्जुन को मेरा सर्वश्रेष्ठ भक्त होने का भ्रम हो गया है। इसीलिये भगवान श्रीकृष्ण अपनी लीला के माध्यम से उसका गर्व तोड़ने के लिये एक दिन उसे भ्रमण हेतु अपने साथ ले गए।

श्रीकृष्ण ने स्वयं का और अर्जुन का जोगियों का वेश बना लिया और वन से एक शेर साथ में ले लिया।चलते -चलते भगवान् श्री कृष्ण राजा मोरध्वज के द्वार पर पहुंच गये।

राजा मोरध्वज,भगवान् विष्णु के परम-भक्त थे,तथा बहुत ही दानी और आवभगत वाले थे। अपने दर पर आये किसी भी व्यक्ति अथवा अथिति को वो खाली हाथ और बिना भोजन किये नही जाने देते थे।जोगी वेशधारी कृष्ण भगवान ने अलख जगाई।

दो साधुओं को एक शेर के साथ द्वार पर आये देखकर राजा मोरध्वज नंगे पांव दौड़ के द्वार पर गए, और भगवान के तेज से नतमस्तक हो आतिथ्य स्वीकार करने के लिये प्रार्थना की।

भगवान श्रीकृष्ण ने राजा मोरध्वज से कहा,”हे राजन् हम आपकी मेजबानी तब ही स्वीकार करेंगे, जब आप हमारी शर्त स्वीकार करें।”

राजा ने जोश से कहा,” महाराज! आप जो भी कहेंगे,मुझे सहर्ष स्वीकार होगा।

“भगवान श्रीकृष्ण ने कहा, “हम तो ब्राह्मण हैं, कुछ भी खा लेंगे, परन्तु हमारा यह शेर ‘नरभक्षी’ है,और केवल हलाल किया हुआ मांस भक्षण करता है। इसलिये यदि आप अपने इकलौते बेटे को,अपने हाथों द्वारा आरी से चीरकर इस शेर को खिला सको, तो ही हम तुम्हारा आतिथ्य स्वीकार करेंगे।

परंतु ध्यान रहे, तुम दोनो की आँखो में आँसू नही आने चाहिए।भगवान् श्रीकृष्ण की शर्त सुनकर, राजा मोरध्वज के होश उड़ गए। फिर भी राजा अपना आतिथ्य-धर्म नहीं छोडना चाहता था।

उसने भगवान से कहा,” प्रभु ! मुझे मंजूर है, परंतु एक बार मैं अपनी पत्नी से पूछ लूँ।”

भगवान श्रीकृष्ण से आज्ञा पाकर राजा महल में गया तो, राजा का उतरा हुआ मुख देख कर पतिव्रता रानी ने निराशा का कारण पूछा।

राजा ने जब रानी को सारा हाल कह सुनाया तो, उसकी भी आँखों से अश्रु बह निकले। फिर भी उसने गर्व के साथ राजा से कहा,”हे स्वामी!आपकी आन् पर मैं अपने सैंकड़ों पुत्र कुर्बान कर सकती हूँ।

आप साधुओ को आदरपूर्वक अंदर ले आइये।” अर्जुन ने भगवान से पूछा,” माधव ! ये क्या माजरा है ? आप ने ये क्या मांग लिया ?

कृष्ण बोले,”अर्जुन! तुम चुप रहो और देखते जाओ। राजा तीनों को अंदर ले आये और भोजन की तैयारी शुरू कर दी। भगवान् श्रीकृष्ण और अर्जुन को छप्पन भोग परोसा गया। परंतु अर्जुन के गले में तो भोजन उत्तर ही नहीं रहा था। राजा ने स्वयं जाकर अपने पुत्र को तैयार किया। पुत्र अभी तीन वर्ष का था और नाम था रतन कुँवर। रतन कुँवर भी अपने मात-पिता का भक्त था। भगवान् श्रीकृष्ण ने भोजन ग्रहण कर लिया था। राजा-रानी ने आरी लेकर,अपने हाथों से पुत्र के दो  टुकड़े किये और शेर को परोस दिया। पुत्र रत्न कुंवर ने बिना उफ़ किये खुशी-खुशी अपने प्राण त्याग दिये। परन्तु अपने पुत्र के दो टुकड़ों में विभाजित शरीर को देख कर रानी अपने आँसुओ पर नियंत्रण न रख सकी। परिणामस्वरूप भगवान् श्री कृष्ण क्रोधित हो गये और रुष्ट होकर, जाने लगे तो राजा-रानी ने साधू वेशधारी प्रभु के चरण पकड़ लिये और रूकने के लिये मिन्नतें करने लगे। अब तक अर्जुन को भी आभास हो गया था कि भगवान मेरे ही अभिमान को तोड़ने के लिए ये सब कर रहे हैं। अतः वह स्वयं भगवान के चरणों में गिरकर विनती करने लगा और कहने लगा,” हे प्रभु मेरी आँखें खुल गई हैं।आप ने मेरे झूठे अभिमान को तोड़ दिया है। राजा रानी के बेटे को उनके ही हाथों से मरवा दिया और अब रूठ के जा रहे हो? यह कदापि उचित नही है। प्रभु ! मुझे माफ़ कर दो और इन भक्तों का भी कल्याण करो।

तब केशव ने अर्जुन का घमंड टूटा जान, राजा-रानी के सर पर हाथ रक्खा और कहा,” उठो रानी! अपने पुत्र रत्न कुंवर को आवाज देकर यहां बुलाओ।”

रानी ने सोचा पुत्र तो मर चुका है,और शेर के उदर में समा चुका है। अब इसका क्या मतलब !!

वह बोली, ” हे ब्राह्मण देव! पुत्र तो आप के शेर के उदर में समा चुका है। अब यह कैसे संभव हो सकता है? साधू रूपी श्री कृष्ण बोले,”देवी! एक बार मुझ पर विश्वास करके मेरी आज्ञा का पालन तो करो।”

साधुओं की आज्ञा मानकर रानी ने अपने पुत्र रतन कुंवर को आवाज लगाई।

कुछ ही क्षणों में चमत्कार हो गया। मृत रतन कुंवर, जिसका शरीर शेर ने खा लिया था, वो हँसते हुए दौड़ा-दौड़ा आया और अपनी माँ से लिपट गया।

भगवान् श्रीकृष्ण ने राजा मोरध्वज और रानी को अपने विराट स्वरुप का दर्शन कराया। पूरे दरबार में वासुदेव कृष्ण की जय जय कार गूंजने लगी।

भगवान के दर्शन पाकर, अपनी भक्ति सार्थक जान कर मोरध्वज की आँखें भर आई और वो बुरी तरह बिलखने लगे।
भगवान ने राजा-रानी को वरदान मांगने के लिये कहा। तो राजा रानी ने कहा,”हे प्रभु अब एक ही वर दे दो,भविष्य में कभी भी अपने किसी भक्त की ऐसी कठोर परीक्षा न लेना, जैसी आप ने हमारी ली है।”

तथास्तु कहकर भगवान ने उनको आशीर्वाद दिया और पूरे परिवार को मोक्ष दिया।
इस प्रकार भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन का घमंड चकनाचूर किया।

जय कुमार तिवारी

*हमेशा सच का साथ देना! ईमानदारी से आगे बढ़ना, दीनहीनों की आवाज को आगे पहुंचाना। सादा जीवन उच्च विचार और प्रकृति के बनाए हुए दायरे में जीवन निर्वहन करना। झूठ बोलने वालों और फरेब से दूर रहना, कभी किसी के अहित की बात नहीं सोचना। ईश्वर मेरे साथ हमेशा खड़े हैं!*

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