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*भारतीय जीवन दर्शन, साहित्य तथा संस्कृति विरासत के रूप में नई पीढ़ी को हस्तांतरित करना अत्यंत आवश्यक*

देवभूमि जे के न्यूज़ 29/09/2022- बाबा नागार्जुन ने जीवन दर्शन और साहित्य विलास को केंद्र में रखकर जहाँ प्रवास किया और कालजयी रचनाएँ रची; ऐसा पहाड़ी स्थल जयहरी खाल और वहाँ स्थित लगभग 100 वर्ष पुराना ऐतिहासिक और सुप्रतिष्ठित राजकीय आदर्श माध्यमिक विद्यालय जिसने स्वतंत्रता से पूर्व और पश्चात शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया; इसी स्थान पर हिन्दी साहित्य भारती (अंतरराष्ट्रीय), साहित्य सुधा डॉट इन और शैलपुत्री फाउंडेशन के संयुक्त तत्त्वावधान में भव्य अंतरविद्यालयीय काव्य गोष्ठी
आयोजित की गई।

कार्यक्रम का शुभारंभ माँ शारदा के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन से हुआ। तत्पश्चात राजकीय आदर्श इंटरमीडिएट कॉलेज की छात्राओं ने संगीत वाद्ययंत्रों सहित सरस्वती वंदना तथा स्वागत गीत प्रस्तुत किया।

वक्ताओं ने सारगर्भित स्वर में कहा कि भारतीय जीवन दर्शन, साहित्यिक तथा सांस्कृतिक विरासत नई पीढ़ी को हस्तांतरित करना चुनौतीपूर्ण और आज की महती आवश्यकता है। इस दृष्टि से कार्यक्रम अत्यंत फलदायी और रोचक रहा।

कार्यक्रम में एन सी सी सहित अन्य सभी छात्र/छात्राओं ने अथाह उत्साह सहित प्रतिभाग किया और अनेक विद्यालयों के शिक्षक – शिक्षिकाओं सहित लगभग 35 छात्र/छात्राओं द्वारा स्वरचित तथा अपने अभिरुचि के रचनाकारों की रचनाएँ प्रस्तुत की गई। इन रचनाओं में देशभक्ति, स्वतंत्रता, महिला सशक्तीकरण, प्रकृति प्रेम, उत्तराखंड सहित भारतीय संस्कृति, पर्यावरण प्रेम, मानवीय मूल्य तथा नैतिकता इत्यादि के विविध रंग रचे बसे थे।
राजकीय आदर्श इंटरमीडिएट कॉलेज लैंसडाउन, जयहरीखाल, राजकीय बालिका इंटरमीडिएट कॉलेज लैंसडाउन तथा राजीव गाँधी अभिनव विद्यालय के छात्र/छात्राओं द्वारा स्वरचित तथा अपने पसंदीदा कवियों की कविताओं का वाचन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ कार्यक्रम अध्यक्ष डॉ. कविता भट्ट ‘शैलपुत्री’ तथा मुख्य अतिथि श्री मयंक प्रकाश कोठारी जी सहित अन्य अतिथिगण ने माँ शारदा के चित्र के समक्ष द्वीप प्रज्ज्वलन से किया। तत्पश्चात राजकीय आदर्श इंटरमीडिएट कॉलेज की छात्राओं ने संगीत वाद्ययंत्रों सहित सरस्वती वंदना तथा स्वागत गीत प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में उपस्थित छात्र/छात्राओं ने भरपूर उत्साह के साथ अपनी प्रतिभागिता दर्ज की। जहाँ एक ओर कुछ छात्र/छात्राओं ने रामधारीसिंह दिनकर, माखनलाल चतुर्वेदी जी जैसे सुप्रतिष्ठित कवियों की कविताएं प्रस्तुत की वहीं दूसरी ओर कई उत्साहित प्रतिभागियों ने स्वरचित कविताओं से उपस्थित श्रोताओं का मन मोह लिया। कार्यक्रम में कोटद्वार से उपस्थित हिंदी साहित्य भारती के जनपद संगठन मंत्री रोशन बलूनी ने अपनी देशभक्ति प्रधान तथा पहाड़ों की दुर्दशा पर आधारित कविताओं से ख़ूब तालियाँ बटोरी। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मयंक प्रकाश कोठारी ने अपने उद्बोधन में कहा कि निरन्तर अभ्यास ही उत्कृष्ट काव्य सृजन का आधार है और निश्चित ही आज के ये बच्चे कल एक अच्छे चिंतक व साहित्यकार बनेंगे।
कार्यक्रम अध्यक्ष डॉ. कविता भट्ट ‘शैलपुत्री’ जी ने अपने उद्बोधन में हिंदी भाषा, साहित्य तथा भारतीय संस्कृति के दार्शनिक पक्ष पर विस्तार से अपने विचार रखे। विशेष आमंत्रित अतिथि प्रमोद खंडूरी ने वर्तमान समय में व्याप्त अकर्मण्यता तथा भ्रष्टाचार के प्रति सचेत किया। विशिष्ट अतिथि श्रीमती रामेश्वरी बड़वाल जी ने अपने विचार रखते हुए कहा कि प्रतिभागियों द्वारा प्रस्तुत भावपूर्ण कविता वाचन निश्चित ही इस कार्यक्रम की बड़ी उपलब्धि है।
कार्यक्रम संयोजक दिनेश चंद्र पाठक ने अपने वक्तव्य में कहा कि अपनी साहित्यिक तथा सांस्कृतिक विरासत को नई पीढ़ी तक हस्तांतरित करना आज एक बड़ी चुनौती है। हमारे नौनिहालों में सृजन के प्रति रुचि उत्पन्न करना ही इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य है। शिक्षकों में से श्रीमती भावना सती, श्रीमती देवेश्वरी रावत, छात्राध्यापिका गीतांजलि गौड़, निधि ने अपनी काव्य प्रस्तुति दी। मंच संचालन हिंदी साहित्य भारती के जनपद उपाध्यक्ष पंकज ध्यानी ने किया। विद्यालय के प्रधानाचार्य चंद्रमोहन नेगी ने आयोजक संस्थाओं को हार्दिक धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि निश्चित रूप से यह कार्यक्रम उपस्थित छात्र/छात्राओं के लिये अत्यंत ही लाभदायक सिद्ध होगा।

कार्यक्रम के अंत में सभी छात्र /छात्राओं तथा अतिथिगणों को प्रमाण-पत्र तथा स्मृति चिह्न प्रदान किये गए।

जय कुमार तिवारी

*हमेशा सच का साथ देना! ईमानदारी से आगे बढ़ना, दीनहीनों की आवाज को आगे पहुंचाना। सादा जीवन उच्च विचार और प्रकृति के बनाए हुए दायरे में जीवन निर्वहन करना। झूठ बोलने वालों और फरेब से दूर रहना, कभी किसी के अहित की बात नहीं सोचना। ईश्वर मेरे साथ हमेशा खड़े हैं!*

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