उत्तराखण्ड

*शहरी विकास मंत्री डा. प्रेमचंद अग्रवाल के साथ जर्मनी दौरे पर गई टीम ने ठोस अपशिष्ट प्रबंधन की जानकारी की साझा*

देवभूमि जे के न्यूज,देहरादून 23 सितंबर-

आज उत्तराखंड से शहरी विकास मंत्री डा. प्रेमचंद अग्रवाल के साथ जर्मनी दौरे पर गई टीम को स्टार्टगार्ट विश्वविद्यालय के द्वारा ठोस अपशिष्ट प्रबंधन को लेकर विस्तृत जानकारी साझा की गई। इस मौके पर मंत्री डा. प्रेमचंद अग्रवाल जी ने जर्मनी में उत्तराखंडी संस्कृति की पहचान पहाड़ी टोपी भी भेंट की। जिसकी सराहना की गई।

शुक्रवार को जर्मनी की स्टार्टगार्ट विश्वविद्यालय के प्रोफेसर गेब्रियल ग्रेस ने ठोस अपशिष्ट प्रबंधन को लेकर उत्तराखंड से गई टीम को जानकारियां दी। शहरी विकास मंत्री डा. प्रेमचंद अग्रवाल ने बताया कि प्रोफेसर गेब्रियल ग्रेस आईआईटी मद्रास से भी संबद्ध हैं। डा. अग्रवाल ने बताया कि डा. सत्य नारायण जो रोस्तोकी विश्वविद्यालय में कार्यरत है। बताया कि डा. सत्य नारायण ने यूरोप में अपशिष्ट प्रबंधन पर होने वाली गतिविधियों की जानकारी साझा की है।

डा. अग्रवाल ने बताया कि डा. सत्य नारायण तथा उनकी टीम द्वारा जर्मन कंपनी जीआईजेड के साथ मिलकर भारत में उत्तर प्रदेश, केरला के साथ अंडमान तथा निकोबार में भी ठोस अपशिष्ट प्रबंधन पर कार्य किया जा रहा है। इस मौके पर डा. सत्य नारायण व उनकी टीम ने उत्तराखंड में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के बारे में जानकारी हासिल की।

इस मौके पर डा. एलेसी जो कि टेक्निश यूनिवर्सिटी डार्मस्टेड में कार्यरत हैं, के द्वारा यूरोप में कूड़े के प्रबंधन में प्रयोग किये जा रहे अभिनव समाधान के बारे में भी जानकारी दी गई।

इस अवसर पर डा. अग्रवाल ने उत्तराखंड की संस्कृति की पहचान पहाड़ी टोपी भी जर्मनी में मौजूद टीम को भेंट की। साथ ही यूरोप में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के लिए किए जा रहे अभिनव प्रयोग की सराहना करते हुए जानकारी साझा करने पर आभार व्यक्त किया।

इस मौके पर अपर मुख्य सचिव आनंद वर्द्धन, निदेशक शहरी विकास नवनीत पांडे, अपर निदेशक अशोक कुमार पांडे, मुख्य नगर आयुक्त नगर निगम हरिद्वार दयानंद सरस्वती, मुख्य नगर आयुक्त नगर निगम ऋषिकेश राहुल गोयल, जीआईजेड कंपनी के प्रोजेक्ट डायरेक्टर फिऑन, लीगर एडवाइजर क्रिस्टोफर, जूनियर टेक्निकल एडवाइजर एनिका भी मौजूद रहे।

जय कुमार तिवारी

*हमेशा सच का साथ देना! ईमानदारी से आगे बढ़ना, दीनहीनों की आवाज को आगे पहुंचाना। सादा जीवन उच्च विचार और प्रकृति के बनाए हुए दायरे में जीवन निर्वहन करना। झूठ बोलने वालों और फरेब से दूर रहना, कभी किसी के अहित की बात नहीं सोचना। ईश्वर मेरे साथ हमेशा खड़े हैं!*

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