ऋषिकेश

*ऋषिकेश -मां गंगा रामलीला समिति द्वारा प्रथम भव्य एवं दिव्य रामलीला का होगा आयोजन*

देवभूमि जे के न्यूज़ ऋषिकेश, 23 सितंबर 2022- मां गंगा रामलीला समिति द्वारा प्रथम भव्य रामलीला मंचन एवं दशहरा मेले का आयोजन खेल मैदान नया पुल 14 बीघा मुनि की रेती में आयोजित किया जा रहा है।
इस आशय कि जानकारी देते हुए आयोजन समिति के अध्यक्ष राजपाल राणा ने बताया कि रामलीला मंचन 26 सितंबर 2022 से 6 अक्टूबर 2022 तक 6:30 से प्रारंभ होगा और यह भव्य रामलीला में गणेश वंदना, गुरु वंदना, नारद मोह के साथ शुभारंभ किया जाएगा। दूसरे दिन ऋषि अत्याचार, श्री राम जन्म, ताड़का वध, तीसरे दिन सुबाहु वध, अहिल्या उद्धार, जनक राजा का नगर भ्रमण, गौरी पूजन, चौथे दिन धनुष यज्ञ ,सीता स्वयंवर, लक्ष्मण परशुराम संवाद, पांचवे दिन दशरथ कैकई संवाद, श्री राम बनवास, केवट संवाद, भरत मिलाप। पांचवे दिन नारद सुमंत का संवाद, खर दूषण वध, सीता हरण, जटायु उद्धार, छठे दिन श्री राम हनुमान मिलन ,सीता जी की खोज, लंका दहन। सातवें दिन श्री रामेश्वर पूजा, रावण अंगद संवाद, लक्ष्मण शक्ति। आठवें दिन कुंभकरण वध, मेघनाथ वध, अहिरावण वध।नवें दिन राम रावण संग्राम, विजयदशमी सायं 4:00 से आयोजित की जाएगी। जिसमें प्रभु श्री राम का राजतिलक सम्मान एवं विदाई समारोह आयोजित किए जाएंगे और रावण के पुतला दहन का आयोजन किया जाएगा।

आपको बता दें कि मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम परब्रह्म के लीला के दर्शनार्थ सपरिवार देंखें, उत्तराखंड के प्रसिद्ध रामलीला के कलाकारों एवं संगीतकारों द्वारा संगीतमय रामलीला का आयोजन किया जाएगा।

इस रामलीला में मनमोहक झांकियों एवं रावण दहन हास्य कलाकारों की प्रस्तुति एवं भजन कीर्तन उत्तराखंड की धार्मिकता क्षेत्र में अपना महत्वपूर्ण योगदान दे रहे व्यक्तियों की गौरवमई उपस्थिति में आयोजित की जाएगी।

इस कार्यक्रम के रामलीला कमेटी के अध्यक्ष राजपाल राणा, कोषाध्यक्ष संदीप परमार, महासचिव अनिल बलूनी, उपाध्यक्ष अनिल राणा, उपाध्यक्ष एवं मीडिया प्रभारी मनीष उनियाल। इसके साथ ही सदस्यों में गंगा रावत, प्रदीप सकलानी, डॉक्टर विकास सूर्यवंशी एवं समिति में अनेकों सदस्य गणों का सहयोग रहेगा।

जय कुमार तिवारी

*हमेशा सच का साथ देना! ईमानदारी से आगे बढ़ना, दीनहीनों की आवाज को आगे पहुंचाना। सादा जीवन उच्च विचार और प्रकृति के बनाए हुए दायरे में जीवन निर्वहन करना। झूठ बोलने वालों और फरेब से दूर रहना, कभी किसी के अहित की बात नहीं सोचना। ईश्वर मेरे साथ हमेशा खड़े हैं!*

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