धर्म-कर्म

*जीवनोपयोगी -कोई भी काम शुरू करने के पहले तीन सवाल अपने आपसे पूछो-चाणक्य के कड़वे वचन*

डेस्क- महान विद्वान् आचार्य चाणक्य के कड़वे वचन आज भी प्रेरणा स्रोत हैं, चाणक्य नीति शिक्षा आज भी जीवन की हर कसौटी पर एकदम सटीक बैठती है| चाणक्य नीति की बातें केवल सामान्य प्रेरक विचारों की भांति नहीं होते, बल्कि वह हर प्रकार से जांचे परखे ऐसे अनमोल वचन होते हैं जिनको अगर कोई व्यक्ति अपने जीवन में उतार ले तो वह कभी असफल नहीं हो सकता!

चाणक्य के कड़वे वचन-
कुबेर भी अगर आय से ज्यादा व्यय करे, तो कंगाल हो जाता है – चाणक्य
दूसरो की गलतियों से सीखो अपने ही ऊपर प्रयोग करके सीखने को तुम्हारी आयु कम पड़ जाएगी – चाणक्य
जो व्यक्ति शक्ति न होने पर भी मन में हार नहीं मानता उसे संसार की कोई भी ताकत परास्त नहीं कर सकती – चाणक्य
व्यक्ति के मन में क्या है, यह उसके व्यवहार से प्रकट हो जाता है – चाणक्य
अपने रहस्यों को किसी से भी उजागर मत करो। यह आदत आपके स्वयं के लिए ही घातक सिद्ध होगी – चाणक्य
कोई भी काम शुरू करने के पहले तीन सवाल अपने आपसे पूछो – मैं ऐसा क्यों करने जा रहा हूँ ? इसका क्या परिणाम होगा ? क्या मैं सफल रहूँगा ? – चाणक्य

जय कुमार तिवारी

*हमेशा सच का साथ देना! ईमानदारी से आगे बढ़ना, दीनहीनों की आवाज को आगे पहुंचाना। सादा जीवन उच्च विचार और प्रकृति के बनाए हुए दायरे में जीवन निर्वहन करना। झूठ बोलने वालों और फरेब से दूर रहना, कभी किसी के अहित की बात नहीं सोचना। ईश्वर मेरे साथ हमेशा खड़े हैं!*

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