ऋषिकेशधर्म-कर्म

*ऋषिकेश- मायाकुंड स्थित गुजराती आश्रम में श्री रामायण पाठ का विधिवत् हुआ शुभारंभ*

देवभूमि जे के न्यूज ऋषिकेश06/08 /2022-
मायाकुंड स्थित गुजराती आश्रम में आज रामायण पाठ का आयोजन किया गया।
आज सुबह 9:00 बजे गुजराती आश्रम के परमाध्यक्ष स्वामी राघवेंद्रानंद जी महाराज, कृष्णानंद जी, आलोकानंद जी, रमेश त्रिपाठी, कृपालानंद जी महाराज ने संयुक्त रूप से रामायण पाठ का विधिवत शुभारंभ किया। नवग्रह पूजा,षोडसमातृका पूजन, प्रधान देवता का विधिवत पूजा पाठ के साथ रामायणपाठ हुआ शुरुआत । रामायण पाठ में दूरदराज से आए भक्तों ने हिस्सा लिया।


इस अवसर पर महामंडलेश्वर परम पूज्य स्वामी वियोगानंद जी महाराज के प्रिय परम शिष्य स्वामी राघवेंद्रानंद जी महाराज ने रामायण पाठ के विषय में विस्तार से बताते हुए कहा कि रामायण का पाठ होता है उस घर पर भगवान शिव , श्रीराम, माता सीता, श्री हनुमान , शनिदेव, नव ग्रह, 33 कोटि देवी देवताओं की की सदैव कृपा रहती है। उस घर से दरिद्रता भाग जाती है, उस परिवार का यश बढ़ने लगता है। उस घर पर साक्षात मां लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है। बच्चों को कभी भय नहीं लगता।

रामायण के पाठ में राम के कर्मों, सीता के पत्नी धर्मं और एक-दूसरे के लिए प्रेम के माध्यम से वैवाहिक जीवन के आदर्शों को अपनाने के लिए आते हैं। राम अपने बड़प्पन के लिए लोगों के बीच आदर्श जीवन को प्रेरित करते हैं, जबकि सीता को आत्म-बलिदान, शुद्धता के रूप में देखा जाता है। राम के भाई लक्ष्मण, जिन्होंने अपने भाई राम और भाभी सीता के साथ निर्वासित होने का फैसला किया। लक्ष्मण ने पारिवारिक निष्ठा का परिचय दिया, जबकि युद्ध के मैदान में हनुमान का प्रदर्शन बहादुरी और कुलीनता का प्रतीक है। इसलिए हमें रामायण पाठ का अनुसरण करना चाहिए और समय-समय पर घर में रामायण पाठ का आयोजन करना चाहिए।

इस अवसर पर पटसारिया जी, जवाहर लाल त्रिपाठी, सौरभ दास, रवि शास्त्री इंद्रदेव पंडा, स्वामी प्रेमचेतन्य जी महाराज सहित तमाम लोग उपस्थित थे।

जय कुमार तिवारी

*हमेशा सच का साथ देना! ईमानदारी से आगे बढ़ना, दीनहीनों की आवाज को आगे पहुंचाना। सादा जीवन उच्च विचार और प्रकृति के बनाए हुए दायरे में जीवन निर्वहन करना। झूठ बोलने वालों और फरेब से दूर रहना, कभी किसी के अहित की बात नहीं सोचना। ईश्वर मेरे साथ हमेशा खड़े हैं!*

Related Articles

error: Content is protected !!
Close