ऋषिकेश

*रामायण प्रचार समिति ने संस्कृत जगत के आने वाली नई पीढ़ी को किया सम्मानित*

देवभूमि जे के न्यूज 30/07/2022-
रामायण प्रचार समिति के 37 वे वार्षिक उत्सव में आज विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान का आयोजन किया गया जगतगुरु उत्तराखंड पीठाधीश्वर स्वामी कृष्णाचार्य महाराज की अध्यक्षता में चल रहे 10 दिवसीय तुलसी जयंती महोत्सव के अवसर पर समिति ने श्री दर्शन महाविद्यालय एवं श्रीभरत मंदिर संस्कृत महाविद्यालय एवं संस्कृत के लिए कार्य कर रहे नई पीढ़ी के छात्रों को किया सम्मानित।
ऋषि कुमार को अपनी सबसे बड़ी सिखा रखने के लिए भी सम्मानित किया गया वही सबसे लंबे समय तक शंख बजाने के लिए भी सम्मानित किया गया
संस्कृत गायन एवं रामचरितमानस संगीत में कंठस्थ पाठ करने के लिए भी सम्मानित किया गया कार्यक्रम संयोजक महंत रवि प्रपन्नाचार्य कहा कि आज पूरा विश्व हमारी संस्कृति को लोहा मान रहा है और संस्कृति के उत्थान के लिए हम लोग पीछे होते जा रहे हैं जहां विदेशों में संस्कृत का बोलबाला अधिक है वहीं भारत में हम संस्कृत नहीं बोल पाते ऋषि कुमारों द्वारा संस्कृत वचन एवं संस्कारों से ही इन ऋषि कुमारों में जागृति आएगी और यह नई पीढ़ी के ऋषि कुमार आने वाला कल कहलायेंगे आज के ऋषि कुमार कल पूरे भारत में संस्कृत का प्रचार प्रसार करेंगे और देश विदेशों में अपने भारतीय संस्कृत को आगे बढ़ाएंगे
इस अवसर पर सम्मानित ऋषि कुमार अक्षत डंगवाल जय कृष्ण उनियाल पवन कुकरेती रजत उनियाल मिथिलेश विमलेश शंकर मनीष अनुज सुमित राहुल यश शंकर मिश्रा सुधांशु उनियाल अमन चमोली आदित्य शंकर प्रशांत बलूनी शंकर रतूड़ी आदेश पैन्यूली शुभम गैरोला शुभम खंडूरी आदि जनों को सम्मानित किया गया इसी अवसर पर राजेश कुमार थपलियाल मधुसूदन शर्मा जय स्वरूप बहुगुणा राजीव लोचन ललित जिंदल अभिषेक शर्मा रमाकांत भारद्वाज अजय गर्ग राजीव मोहन दिनेश डबराल हर स्वरूप उनियाल आदि लोग उपस्थित थे

जय कुमार तिवारी

*हमेशा सच का साथ देना! ईमानदारी से आगे बढ़ना, दीनहीनों की आवाज को आगे पहुंचाना। सादा जीवन उच्च विचार और प्रकृति के बनाए हुए दायरे में जीवन निर्वहन करना। झूठ बोलने वालों और फरेब से दूर रहना, कभी किसी के अहित की बात नहीं सोचना। ईश्वर मेरे साथ हमेशा खड़े हैं!*

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