मनोरंजनशहर में खास

*गढ़वाली फ़िल्म “खैंरी का दिन” के पहले शो रिबन काटकर शुभारम्भ कांग्रेस नेता जयेन्द्र रमोला ने किया*

ऋषिकेश के एक मात्र सिनेमाघर रामा पैलेस ऋषिकेश में प्रदर्शित हो रही गढ़वाली फ़िल्म “खैंरी का दिन” के पहले शो रिबन काटकर शुभारम्भ कांग्रेस नेता जयेन्द्र रमोला ने किया व शुभारंभ से पूर्व सभी ने सिनेमा घर में मणिपुर में भू स्खलन से शहीद हुऐ सैनिकों के लिये दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि दी ।
कांग्रेस नेता जयेन्द्र रमोला ने बताया कि पूरे हिन्दुस्तान में हर प्रदेश में अपनी बोली व अपनी भाषा से पहचान है परन्तु उत्तराखण्ड में आज भी हमें अपनी बोली को भाषा का दर्जा दिलाने के लिये संघर्ष करना पड़ रहा है क्योंकि हम लोग स्वयं अपनी गढ़वाली बोली में बात करने में हिचक महसूस करते हैं परन्तु उत्तराखण्ड के स्थानीय कलाकार आज उत्तराखण्डी फ़िल्मों के माध्यम से अपनी भाषा व संस्कृति को बचाने का कार्य
कर रहे हैं और हमें इनको प्रोत्साहित करना चाहिये,आज से ऋषिकेश के सिनेमाघरों में प्रात: 10:50 बजे पहला शो शुरू हो गया है ।
इस फिल्म को देखने आने वाले ग्रामीणों को जयेंद्र रमोला ने आज के लिए लोगों को फ्री बस की सुविधा और आज के पूरे शो की मुफ्त टिकट की सुविधा प्रदान की है ।
फ़िल्म के निर्देशक अशोक चौहान ने कहा कि यह फ़िल्म एक संयुक्त परिवार की कहानी पर आधारित है और इसके माध्यम से हमने यह संदेश देने का प्रयास किया है कि आज की भागदौड़ भरी ज़िन्दगी में एकल परिवार के चलन की ओर जा रहे हैं परन्तु संयुक्त परिवार से हमें किस तरह रिश्तों और अपनत्व का अहसास दिलाता है साथ ही संयुक्त परिवार संजोये रखने के लिये परिवार के सदस्यों को बहुत त्याग करना पड़ता है ।
उद्घाटन के अवसर पर गोकुल रमोला, हरभजन चौहान, कुंवर गुसाई, दीपक नेगी, मनोज पंवार, कैलास सेमवाल, हितेन्द्र पंवार, राकेश सिंह, भगवान सिंह पंवार, रवि राणा, प्यारेलाल जुगरान, राजेश नौटियाल, रोहित नेगी मनोज गुसाँई, डा० राजे नेगी, बरफ सिंह पोखरियाल, देवेश्वर प्रसाद रतूड़ी, शेर सिंह रावत, दिग्विजय कैन्तुरा, राजेन्द्र पंत, सहित फ़िल्म के कलाकार रोशन उपाध्याय सहित फिल्म के मुख्य कलाकारों में राजेश मालगुड़ी,गीता उनियाल,पुरषोतम गहतोड़ी,रमेश रावत,धमेन्द्र चौहान,पूजा काला,रणवीर चौहान,शिवांगी देवली,रवि ममगाई,गोकुल पंवार,विक्रम बिष्ट,राजेश नौगाई,सतीष भट्ट,इन्दू भट्ट,रीता भण्डारी,सयुक्ता ध्यानी,बसंत धिडियाल,नवल सेमवाल,गुंजन तिवारी,निशा भण्डारी प्रमुख है जबकि बाल कलाकारों में गरिमा राज्य आंदोलन कारी दर्जनों की संख्या में मौजूद थे ।

जय कुमार तिवारी

*हमेशा सच का साथ देना! ईमानदारी से आगे बढ़ना, दीनहीनों की आवाज को आगे पहुंचाना। सादा जीवन उच्च विचार और प्रकृति के बनाए हुए दायरे में जीवन निर्वहन करना। झूठ बोलने वालों और फरेब से दूर रहना, कभी किसी के अहित की बात नहीं सोचना। ईश्वर मेरे साथ हमेशा खड़े हैं!*

Related Articles

error: Content is protected !!
Close