धर्म-कर्म

*ऋषिकेश-विश्व प्रसिद्ध गंगा आरती में पूर्णानंद घाट पर महाआरती का हुआ आयोजन*

केंद्र सरकार के सिंगल यूज प्लास्टिक को बंद करने के निर्णय का स्वागत किया।

देवभूमि जे के न्यूज 29/06/2022-

29 जून। ऋषिकेश गंगा आरती ट्रस्ट द्वारा महिलाओं द्वारा की जा रही विश्व प्रसिद्ध गंगा आरती में सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा के समापन पर मां गंगा की महाआरती की और पूर्णानंद घाट पर उपस्थित हजारों श्रद्धालु इस अद्भुत पल के साक्षी बने। मां गंगा की महाआरती से पहले षोडशोपचार विधि से मां गंगा का विधिवत पूजन अर्चन हुआ। कोरोना के कारण पूरे दो साल बाद पूर्णानंद घाट पर इस भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। वहीं श्रद्धालुओं की माने तो उन्होंने गंगा आरती का इतना भव्य नजारा इसके पहले कभी भी यहां नहीं देखा। बताते चले कि पूर्णानंद घाट पर मां गंगा को भोग लगाया गया इसके अलावा गंगा मैया को 51 मीटर की चुनरी भी चढ़ाई गई। षोड्षोपचार विधि से पूजन अर्चन के साथ 11 लीटर दूध से मां गंगा का अभिषेक किया गया फिर महाआरती हुई। इसके बाद सांस्कृतिक कार्यक्रम ने आयोजन में समां बांधा।
सुशीला सेमवाल ने कहा देश में 1 जुलाई से सिंगल यूज प्लास्टिक पर बैन लगने जा रहा है। सरकार ने अभी सिंगल यूज प्लास्टिक से बने 19 आइटम्स पर बैन लगाया है इसका हम सभी लोग स्वागत करते हैं।
गंगा भक्त सोनल पांड्या ने कहा कि कहा कि सिंगल यूज प्लास्टिक हमारे वातावरण और पर्यावरण के लिए बहुत बड़ा खतरा है, लेकिन लोग आज भी इस खतरे को लेकर गंभीर नहीं हैं। पिछले पांच साल के आंकड़ों को देखा जाए तो प्लास्टिक वेस्ट का उत्पादन दोगुना से भी ज्यादा हो गया है। उन्होंने कहा कि इस वेस्ट को कम करने के लिए सरकार की ओर से सिंगल यूज प्लास्टिक पर एक जुलाई, 2022 से पूर्णतया पाबंदी लगाई गई है। हम सभी महिलाएं इसका स्वागत करते हैं।

महिला गंगा आरती में मुख्य रूप श्रीमद् कथा वाचक आचार्य पंडित अश्विनी मिश्र, आचार्य अभिनव पोखरियाल, पंडित प्रशांत शास्त्री, हरिओम शर्मा ज्ञानी जी, सुशीला सेमवाल, गंगा भक्त सोनल पांड्या जी, संध्या शुक्ला, डॉ. ज्योति शर्मा, दिल्ली से आनन्द गुप्ता, सुषमा बहुगुणा, प्रियंका शर्मा पूजा गुप्ता रूबी गुप्ता, प्रिया गुप्ता, आयुष्मान शर्मा, प्रमिला जी, सरिता जी आदि महिलाओं ने गंगा आरती की।

जय कुमार तिवारी

*हमेशा सच का साथ देना! ईमानदारी से आगे बढ़ना, दीनहीनों की आवाज को आगे पहुंचाना। सादा जीवन उच्च विचार और प्रकृति के बनाए हुए दायरे में जीवन निर्वहन करना। झूठ बोलने वालों और फरेब से दूर रहना, कभी किसी के अहित की बात नहीं सोचना। ईश्वर मेरे साथ हमेशा खड़े हैं!*

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