धर्म-कर्मराशिफल

*आज आप का राशिफल एवं प्रेरक प्रसंग -लालच बुरी बला है*

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*आज का राशिफल*
*28 जून 2022 , मंगलवार*

मेष🐐 (चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, अ)
राजकाज में संघर्ष होगा। दैनिक रोजगार में प्रगति होगी। दिन अच्छा रहेगा। मन प्रसन्न होगा। कारोबार से लाभ होगा। आज धार्मिक कार्य सम्पन्न होगा। माता-पिता का सहयोग मिलेगा। दैनिक रोजगार नियमित रहेगा। मित्र से मिलाप होगा। सुखद समाचार मिलेंगे।

वृष🐂 (ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी , वु , वे, वो)
दूर-समीप की यात्रा बनेगी। परिवार पर व्यय होगा। मान-प्रतिष्ठा बढ़ेगी। दायित्व का निर्वाह होगा। राजकाज में सफलता मिलेगी। पराक्रम में वृद्धि होगी। परिवार में सहयोग मिलेगा। संतान द्वारा सहयोग मिलेगा। प्रतियोगिता में विजय होगी। शत्रु परास्त होंगे।

मिथुन👫 (का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, हा)
परिवार में सामंजस्य बनेगा। संतान सुख मिलेगा। शत्रु परास्त होंगे। शिक्षा में प्रगति और निर्माण कार्य में बाधा आयेगी। अधिकारी से विवाद हो सकता है। धन में कठिनाई आयेगी। पारिवारिक समस्याएं आयेंगी। निर्माण में प्रगति होगी। भौतिक सुखों पर धन खर्च होगा।

कर्क🦀 (ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो)
शारीरिक स्वास्थ्य में कमी आएगी। मानसिक तनाव अधिक होगा। व्यय अधिक होगा। दूर-समीप की यात्रा होगी। शारीरिक स्वास्थ्य में कमी आयेगी। मानसिक तनाव अधिक होगा। व्यय अधिक होगा। दूर-समीप की यात्रा होगी। साझेदारी से लाभ होगा।

सिंह🦁 (मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे)
कुटुम्बजनों में प्रसन्नता रहेगी। धन का लाभ होगा। समस्या का समाधान होगा। मानसिक शांति मिलेगी। कार्य में विजय प्राप्त होगी। पारिवारिक समस्याएं आयेंगी। पराक्रम में वृद्धि होगी। संतान का सहयोग मिलेगा। शत्रु परास्त होंगे। राजकाज में सफलता मिलेगी।

कन्या👩 (टो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो)
धन का लाभ होगा। नौकरी में उन्नति होगी। समस्या का समाधान होगा। व्यापार में विस्तार होगा। दाम्पत्य सुख की प्राप्ति होगी। दैनिक दिनचर्या अच्छी रहेगी। कार्यों में प्रगति होगी। धन का लाभ मिलेगा। राजकाज में सफलता मिलेगी।

तुला⚖️ (रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते)
धन का लाभ होगा। कारोबार में विस्तार और लाभ होगा। संतान का सहयोग मिलेगा। धर्म कार्य सम्पन्न होंगे। पराक्रम में वृद्धि होगी। स्वास्थ्य का ध्यान रखें। खर्च अधिक होगा। दूर-समीप की यात्रा होगी। पराक्रम में वृद्धि होगी। घरेलू समस्या आयेगी।

वृश्चिक🦂 (तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू)
कारोबार में सहयोग मिलेगा। कठिनाइयां दूर होगी। योजना का विस्तार होगा। शिक्षा पर धन खर्च होगा। धन का लाभ होगा। समस्या का समाधान होगा। परिवार की समस्या रहेगी। प्रतिष्ठा का लाभ होगा। शत्रु पर विजय प्राप्त होगी।

धनु🏹 (ये, यो, भा, भी, भू, ध, फा, ढा, भे)
व्यापार में लाभ होगा। शिक्षा में लाभ मिलेगा। उदर-विकार होगा। कठिन परिश्रम करना पडेगा। धन का लाभ मिलेगा। धन का लाभ मिलेगा। परिवारिक समस्याएं रहेंगी। राजकाज में संघर्ष होगा। मान-सम्मान का ध्यान रखें।

मकर🐊 (भो, जा, जी, खी, खू, खा, खो, गा, गी)
गुप्त शत्रु से हानि हो सकती है। मानसिक परेशानी रहेगी। उदर-विकार होगा। दैनिक रोजगार सामान्य रहेंगे। पत्नी के स्वास्थ्य में कष्ट रहेगा। दैनिक कार्य में बाधाएं आयेंगी। मानसिक अशांति रहेगी। राजकाज में विलम्ब होगा। निर्माण में प्रगति होगी।

कुंभ🍯 (गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा)
व्यय अधिक होगा। कारोबार से आर्थिक लाभ पहले से बढेगा। राजकाज में वृद्धि होगी। शिक्षा में लाभ मिलेगा। धन का लाभ होगा। अपव्यय रहेगा। यात्रा में कष्ट रहेगा। शत्रु पर विजय प्राप्त होगी।

मीन🐳 (दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची)
धन का लाभ मिलेगा। व्यापार में विस्तार होगा। मित्रों का सहयोग मिलेगा। संतान सुख मिलेगा। नई योजनाएं बनेंगी। कार्य में उत्साह रहेगा। राजनीतिक लाभ मिलेगा। धन का लाभ होगा। घरेलू समस्याएं आयेंगी।

🔅 *_कृपया ध्यान दें👉_*
यद्यपि शुद्ध राशिफल की पूरी कोशिश रही है फिर भी इन राशिफलों में और आपकी कुंडली व राशि के ग्रहों के आधार पर आपके जीवन में घटित हो रही घटनाओं में कुछ अन्तर हो सकता है। ऐसी स्थिति में आप किसी ज्योतिषी से अवश्य सम्पर्क करें। किसी भी भिन्नता के लिए हम उत्तरदायी नहीं हैं।

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2️⃣8️⃣❗0️⃣6️⃣❗2️⃣0️⃣2️⃣2️⃣

*📜 आज का प्रेरक प्रसंग 📜*

*!! लालच बुरी बला है !!*
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एक बार एक बुढ्ढा आदमी तीन गठरी उठा कर पहाड़ की चोटी की ओर बढ़ रहा था। रास्ते में उसके पास से एक हष्ट – पुष्ट नौजवान निकाला। बुढ्ढे आदमी ने उसे आवाज लगाई कि बेटा क्या तुम मेरी एक गठरी अगली पहाड़ी तक उठा सकते हो ? मैं उसके बदले इसमें रखी हुई पांच तांबे के सिक्के तुमको दूंगा। लड़का इसके लिए सहमत हो गया।

निश्चित स्थान पर पहुँचने के बाद लड़का उस बुढ्ढे आदमी का इंतज़ार करने लगा और बुढ्ढे आदमी ने उसे पांच सिक्के दे दिए। बुढ्ढे आदमी ने अब उस नौजवान को एक और प्रस्ताव दिया कि अगर तुम अगली पहाड़ी तक मेरी एक और गठरी उठा लो तो मैं उसमें रखी चांदी के पांच सिक्के और पांच पहली गठरी में रखे तांबे के पांच सिक्के तुमको और दूंगा।

नौजवान ने सहर्ष प्रस्ताव स्वीकार कर लिया और पहाड़ी पर निर्धारित स्थान पर पहुँच कर इंतजार करने लगा। बुढ्ढे आदमी को पहुँचते-पहुँचते बहुत समय लग गया।

जैसे निश्चित हुआ था उस हिसाब से बुजुर्ग ने सिक्के नौजवान को दे दिये। आगे का रास्ता और भी कठिन था। बुजुर्ग व्यक्ति बोला कि आगे पहाड़ी और भी दुर्गम है। अगर तुम मेरी तीसरी सोने के मोहरों की गठरी भी उठा लो तो मैं तुमको उसके बदले पांच तांबे की मोहरे, पांच चांदी की मोहरे और पांच सोने की मोहरे दूंगा। नौजवान ने खुशी-खुशी हामी भर दी।

निर्धारित पहाड़ी पर पहुँचने से पहले नौजवान के मन में लालच आ गया कि क्यों ना मैं तीनों गठरी लेकर भाग जाऊँ। गठरियों का मालिक तो कितना बुजुर्ग है। वह आसानी से मेरे तक नहीं पहुंच पाएगा। अपने मन में आए लालच की वजह से उसने रास्ता बदल लिया।

कुछ आगे जाकर नौजवान के मन में सोने के सिक्के देखने की जिज्ञासा हुई। उसने जब गठरी खोली तो उसे देख कर दंग रह गया क्योंकि सारे सिक्के नकली थे।

उस गठरी में एक पत्र निकला। उसमें लिखा था कि जिस बुजुर्ग व्यक्ति की तुमने गठरी चोरी की है, वह वहाँ का राजा है।

राजा जी भेष बदल कर अपने कोषागार के लिए ईमानदार सैनिकों का चयन कर रहे हैं।

अगर तुम्हारे मन में लालच ना आता तो सैनिक के रूप में आज तुम्हारी भर्ती पक्की थी। जिसके बदले तुमको रहने को घर और अच्छा वेतन मिलता। लेकिन अब तुमको कारावास होगा क्योंकि तुम राजा जी का सामान चोरी करके भागे हो। यह मत सोचना कि तुम बच जाओगे क्योंकि सैनिक लगातार तुम पर नज़र रख रहे हैं।

अब नौजवान अपना माथा पकड़ कर बैठ गया। कुछ ही समय में राजा के सैनिकों ने आकर उसे पकड़ लिया।
उसके लालच के कारण उसका भविष्य जो उज्जवल हो सकता था, वह अंधकारमय हो चुका था। इसलिए कहते हैं लालच बुरी बला है..!!

*शिक्षा:-*
ज्यादा पाने की लालसा के कारण व्यक्ति लालच में आ जाता है और उसे जो बेहतरीन मिला होता है उसे भी वह खो देता है।

*सदैव प्रसन्न रहिये।*
*जो प्राप्त है, पर्याप्त है।।*
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जय कुमार तिवारी

*हमेशा सच का साथ देना! ईमानदारी से आगे बढ़ना, दीनहीनों की आवाज को आगे पहुंचाना। सादा जीवन उच्च विचार और प्रकृति के बनाए हुए दायरे में जीवन निर्वहन करना। झूठ बोलने वालों और फरेब से दूर रहना, कभी किसी के अहित की बात नहीं सोचना। ईश्वर मेरे साथ हमेशा खड़े हैं!*

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