उत्तराखण्ड

*पुस्तक चर्चा: डा अतुल शर्मा-संकल्प के हिमालय -सुन्दर लाल बहुगुणा संपादक -मधु पाठक*

देवभूमि जे के न्यूज 28/05/2022-

यह पुस्तक कई मायनो से आवश्यक पुस्तक है । पर्यावरण विद् व चिपको नेता सुन्दर लाल बहुगुणा की प्रथम पुण्यतिथि पर एक सार्थक कार्य क्रम देहरादून के एक होटल मे हुआ ।वहां इस पुस्तक का विमोचन किया गया। सुश्री राधा भट्ट जल पुरुष राजेन्द्र सिंह तारा भट्टाचार्य डा अनिल जोशी विमला बहन अमरदीप कौर राजेन्द्र डोभाल सुमित्रा धूलिया आदि के साथ धूमसिह ने व संपादक मधु पाठक ने विमोचन किया ।
पुस्तक का कवर बहुत मुखर है ।इस पर पहाडो के बीच बहुगुणा जी की तस्वीर है। जिसे रघुराय ने खींची थी ।
शुरू मे दलाईलामा का संदेश है व एक और संदेश दिया गया है । संपादकीय के बाद विमला बहुगुणा का संस्मरणात्मक लेख मे दृढता व आत्मीयता है। लेख है, सहयात्री की विदाई /तारा गांधी का लेख है _ प्रकृति और मानव/राधा भट्ट ने लिखा -हिमालय के हमकदम /मेधा पाटकर का लेख है -मिट्टी पानी और बयार की विरासत/इसके साथ मृणाल पांडे डा संतोष गोयंदी अमरनाथ भाई धूमसिह नेगी विद्यासागर नौटियाल खड्गसिह वाल्दिया रामचंद्र राही कुमार प्रशांत सशील चंद डोभाल कुंवर प्रसून सोमवार लाल उनिऐ प्रदीप गोविन्द प्रसाद बहुगुणा डा अतुल शर्मा सदन मिश्र कुसुम बहन अनिल प्रकाश जोशी राजेन्द्र सिंह कुलभु उपमनयु डा बी पी नौटियाल कमला पाठक कमला पंत राजीव लोचन शाह अरंण्य रंजन शीशराम कंसवाल विजय जलधारी विमल भाई डा राजेन्द्र डोभाल डा वीर सिह चंद्र सिह ललित मोहनरयाल राम मोहन राय राजीव नयन बहुगुणा डा खुशाल सिह पुरोहित कुमार सिद्धार्थ डा अर्चना बहुगुणा कौशल किशोर डा प्रज्ञा पाठक हेमचंद सकलानी डा रमेश ंत मधु पाठक राहुल कोटियाल किशोर उपाध्याय कैलाश चंद उनियाल विजय शंकर शुक्ल कुसुम रावत प्रदीप बहुगुणा अलोका अंशुल श्री कुंज विनीश गुप्ता उमेद सिंह चौहान समीर रतुडी और अनेक लोगो के संस्मरणात्मक लेख छापे गये है / अंग्रेजी मे भी लेख दिये गये हैं ।
सब मे सुन्दर लाल बहुगुणा जी के व्यक्तित्व कृतित्व पर लिखा गया है । गढ़वाल मे प्रजामंडल गांधी विचार सर्वोदय चिपक़ आन्दोलन टिहरी बांध विरोध पत्रकार सहज व्यक्ति गहरा सोच कभी न समझोता करने वाले आदि महान गुड़ की विस्तृत चर्चा हुई है ।
राजीव नयन बहुगुणा ने बचपन के आत्मीयता भरे क्षण उभारे है जो बहुत आवश्यक है । उन्होंने लिखा कि जब उन्होंने टिहरी बांध का विरोध किया तो सिलयारा आश्रम यह कह कर छोड़ दिया कि जब टिहरी बांध रुके गा तभी यहां आऊगा। पर न बाध रुका न ही वे आश्रम लौटे, साथ विजय जलधारी का भोगा हुआ यथार्थ व्यक्त किया है। बडियारगढ मे चिपक़ो आन्दोलन का वर्णन जीवन से भरा है।
सभी ने बहुत महत्वपूर्ण सत्य लिखे हैं । अलोका ने लिखा कि हमेशा उनसे नया सीखने को मिलता रहा ।
सभी हिन्दी अंग्रेजी लेख बहुगुणा जी के चिंतन को समझने के लिये जरुरी हैं ।
इस पुस्तक 459 पृष्ठ है और अंत मे महत्वपूर्ण फोटो भी हैं।
देहरादून जेल मे उपवास तोड़ने के अवसर का चित्र मैने उपलब्ध कराया तो लगा मैने दायित्व निर्वाह किया उसमे शैलीकार पत्रु कन्हैयालाल मिश्र प्रभाकर भी है।
यह पुस्तक शताब्दी के एक ऐसे नायक पर है जो सदियो तक हमारे साथ रहेगे ।
पुस्तक समय साक्ष्य देहरादून से छपी है।

जय कुमार तिवारी

*हमेशा सच का साथ देना! ईमानदारी से आगे बढ़ना, दीनहीनों की आवाज को आगे पहुंचाना। सादा जीवन उच्च विचार और प्रकृति के बनाए हुए दायरे में जीवन निर्वहन करना। झूठ बोलने वालों और फरेब से दूर रहना, कभी किसी के अहित की बात नहीं सोचना। ईश्वर मेरे साथ हमेशा खड़े हैं!*

Related Articles

error: Content is protected !!
Close