अजब-गजब!

*पत्नी ने पति को बाहर न पीकर घर पर पीने की दी सलाह- लेकिन पति ने भी रखी ऐसी शर्त पत्नी ही बन गई पति से बड़ी नशेड़ी*

डेस्क-भोपाल- मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से मिडिया में आ रही खबरों के अनुसार पत्नी की शराब की लत पति के लिए जी का जंजाल बन गई। परेशान होकर उसने तलाक के लिए कोर्ट में अर्जी लगा दी। ताज्जुब यह कि पत्नी को शराब पीने की आदत खुद पति ने ही लगाई थी। दोनों साथ बैठकर ही शराब पीते थे, लेकिन जब पत्नी नशे में हंगामा करने लगी तो पति के लिए संभालना मुश्किल हो गया।

नौ साल पहले हुई शादी-

भोपाल के शाहपुरा में रहने वाले दंपति की शादी नौ साल पहले हुई थी। दोनों का छह साल का बेटा भी है। फैमिली कोर्ट में पांच राउंड की काउंसलिंग के बाद दोनों इस बात पर राजी हुए कि वे शराब छोड़ देंगे। शहर में यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है।

पति ने कहा, चलो साथ पीते हैं जानकारी के मुताबिक महिला का पति रोजाना शराब पीकर घर आता था। पत्नी इससे परेशान थी। उसने पति से शराब छोड़ने को कहा, लेकिन वह राजी नहीं हुआ। तब पत्नी ने जिद की कि पीना ही है तो घर में पिओ। पति इसके लिए राजी हो गया। पति ने पत्नी वादा किया कि वह बाहर से शराब पीकर नहीं आए लेकिन दो-चार दिन में ही वह इससे उबने लगा। उसने पत्नी से कहा कि अकेले बैठकर पीने में मजा नहीं आता। उसने पत्नी को भी साथ बैठकर पीने को कहा। … फिर पति से भी बड़ी नशेड़ी बन गई पत्नी

पत्नी ने पति की यह बात मान ली। दोनों टेबल पार्टनर बन गए। थोड़े दिनों में ही पत्नी को भी शराब की लत लग गई। इतना ही नहीं, वह पति से भी बड़ी नशेड़ी बन गई। पीने के बाद जमकर हंगामा भी करने लगी। अब परेशान होने की बारी पति की थी। उसने पत्नी से मनुहार की कि वह शराब पीना छोड़ दे। पति ने बहुत मनाया, लेकिन वह नहीं मानी। पति ने घर में शराब रखना बंद कर दिया, लेकिन इसका भी कोई असर पत्नी पर नहीं पड़ा। वह शराब ऑनलाइन मंगाकर पी लेती।

अब पति को बच्चे की चिंता हुई, पत्नी ने रख दी शर्त अब पति को अपने बच्चे के भविष्य की चिंता होने लगी। शराबी मां बच्चे का कैसे ध्यान रखेगी, यह सोचकर उसे घबराहट होने लगी। उसने पत्नी को फिर मनाने की कोशिश की, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। पत्नी कहती रही कि अब उसे लत लग गई है। वह शराब के बिना नहीं रह सकती। फिर भी, पति शराब छोड़ने को राजी हो तो वह कोशिश कर सकती है।

फैमिली कोर्ट में हुई काउसंलिंग-

पति को भी उसकी शर्त मंजूर नहीं थी। उसने फैमिली कोर्ट में तलाक के लिए अपील की। यहां दोनों की काउंसलिंग हुई। कई राउंड की काउंसलिंग के बाद दोनों शराब छोड़ने को राजी हुए। अदालत में शपथ पत्र दिया कि वे शराब नहीं पीएंगे। दोनों इस पर कायम रहते हैं तो एक बसा-बसाया घर उजड़ने से बच सकता है। शपथ टूटा तो फिर एक गृहस्थी शराब की भेंट चढ़ जाएगी।

जय कुमार तिवारी

*हमेशा सच का साथ देना! ईमानदारी से आगे बढ़ना, दीनहीनों की आवाज को आगे पहुंचाना। सादा जीवन उच्च विचार और प्रकृति के बनाए हुए दायरे में जीवन निर्वहन करना। झूठ बोलने वालों और फरेब से दूर रहना, कभी किसी के अहित की बात नहीं सोचना। ईश्वर मेरे साथ हमेशा खड़े हैं!*

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