शहर में खासशिक्षा

*नर्चरिंग द ग्रेजुएट ऑन इंडस्ट्री रेडिनेस” विषय पर ओंकारानंद इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी में आयोजित हुआ एक दिवसीय वेबीनार।*

देवभूमि जे के न्यूज ऋषिकेश- ओआईएमटी में एक दिवसीय वेबीनार का आयोजन हुआ आयोजन के संचालक सहायक प्राध्यापिका शिवांगी भाटिया के द्वारा किया गया। सर्वप्रथम कार्यक्रम का आयोजन छात्र छात्राओं के द्वारा सरस्वती वंदना करके प्रारंभ किया गया। संस्थान के निदेशक डॉक्टर विकास गैरोला ने मुख्य वक्ताओं को धन्यवाद दिया एवं सभी से मुख्य वक्ताओं का परिचय कराया जिसमें सर्वप्रथम निदेशक प्रोडक्ट डेवलपमेंट और ओरेकल ( भारत) एवम श्री सुभजीत भट्टाचार्य एवीपी स्केल्ड एजेल्ड डिलीवरी एंड इंटेलीजेंट ऑटोमेशन एक्सेंचर(भारत) थे। एक दिवसीय ऑनलाइन संगोष्ठी इन विषयो पर 1. उद्योग की आवश्यकताओं पर छात्र समुदाय के बीच जागरूकता पैदा करना 2. उद्योग से अपेक्षित कौशल के बारे में छात्रों को शिक्षित करना 3. विभिन्न उद्योग क्षेत्रों में हाल के अवसरों पर छात्रों को अध्ययन करने के लिए 4. विभिन्न उद्योग क्षेत्रों में हाल के अवसरों पर छात्रों को अध्यतन करने के लिए, आयोजित हुई।तत्पश्चात डॉक्टर विकास गैरोला जी ने सभी छात्र छात्राओं को औद्योगिकी क्षेत्रों में हुई कमी व उसके पुनर्वथान के लिए किस प्रकार हम प्रयास कर सकते है उन कोशलो के बारे में बताया। और कहा की इसके परिप्रेक्ष्य में हम इस वर्चुअल सेमिनार का आयोजन कर रहे हैं मैं सुनिश्चित करता हूं कि वर्चुअल सेमिनार यहां उपस्थित प्रत्येक छात्र के लिए लाभदायक उपयोगी होगा।
इसी क्रम में प्रथम मुख्य वक्ता शरथ बाबू ने छात्रों को बताया की बढ़ती अर्थव्यवस्था के साथ भारत शिक्षा क्षेत्र में भी वृद्धि देख रहा है हालांकि भारतीय उद्योग स्नातकों की नौकरी की तैयारी के बारे में इतना आश्वस्त नहीं है वहां एक तत्काल आवश्यकता है कि भारत उद्योग और शिक्षाविद एक साथ आए और इनमें से कुछ अंतर्निहित शक्तियों को संबोधित करें। उन्होंने बताया कि उद्योग की आवश्यकताओं के साथ पाठ्यक्रम का संरेखण ,कौशल आधारित शिक्षा पर जोर देना, इंटर्नशिप लाइव प्रोजेक्ट और कॉरपोरेट इंटरकनेक्शन के माध्यम से कार्य स्थल पर प्रदर्शन करना, साथ ही केवल पाठ्यक्रम संरचना पर ध्यान केंद्रित करने के अलावा अध्यापकों को सही अनुभव कर प्रशिक्षण प्रदान करना अनिवार्य होना चाहिए। इसी क्रम में सुभजीत भट्टाचार्य जी ने छात्र छात्राओं को औद्योगिकी एवम प्रौद्योगिकी में होने वाले समन्वय को बताया। साथ ही बताया कि नौकरी व पाठ्यक्रम के लिए एक साझा मॉडल बनाने और विकसित करने का कार्य किया जा सकता है जिससे सभी को कई लाभ सुनिश्चित हो सकेंगे साथ ही स्नातक करने वाले छात्रों को उद्योग जगत में अपना योगदान होगा, इस हेतु भी उनको ज्ञान हो सकेगा। इस मॉडल से नियोक्ता कुशल व नौकरी हेतु उपयुक्त लोगों को प्राप्त कर सकेंगे।
शिक्षा और उद्योग के बीच कौशल अंतर के बारे में भी बताया।
इस मौके पर डीन प्रमोद उनियाल, डॉ अपूर्व त्रिवेदी, डॉ राजेश मनचंदा, डॉ आम्रपाली भंडारी, डॉक्टर संतोष डबराल, नवीन द्विवेदी, कैलाश जोशी, अनिल राणाकोटी,दिशा ढींगरा, अभिषेक कालरा,अजीत नेगी, मुकेश राणाकोटी,मुकेश शर्मा, आदि मौजूद रहे।

जय कुमार तिवारी

*हमेशा सच का साथ देना! ईमानदारी से आगे बढ़ना, दीनहीनों की आवाज को आगे पहुंचाना। सादा जीवन उच्च विचार और प्रकृति के बनाए हुए दायरे में जीवन निर्वहन करना। झूठ बोलने वालों और फरेब से दूर रहना, कभी किसी के अहित की बात नहीं सोचना। ईश्वर मेरे साथ हमेशा खड़े हैं!*

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