शहर में खासस्वास्थ्य

*आप सौभाग्यशाली है कि आप ऐसे समय मे आयुर्वेद विज्ञान पढ़नें आयें है जो इसका पुनः स्वर्णिम काल होने वाला है-डॉ डी के श्रीवास्तव*

देवभूमि जे के न्यूज 18/05/2022 ऋषिकेश-
आप को गर्व होना चाहिये कि चिकित्सक समाज का सर्वश्रेष्ठ एवं आदरणीय व्यक्ति होता है जिसे भगवान का दर्जा दिया जाता है, इसलिए आप सौभाग्यशाली है कि आपको श्रेष्ठ चिकित्सक बनकर स्वस्थ समाज के निर्माण का सौभाग्य मिला है। मेडिकल कॉलेज के इन साढ़े पांच वर्षों के एक एक क्षण को आंनद और खुशी के साथ चिकित्साज्ञान की गंगा में जिज्ञाशा सहित डुबकी लगाकर अपनी श्रेष्ठता को साबित कीजिये !
उक्त व्याख्यान अंतरराष्ट्रीय आयुर्वेद विशेषज्ञ एवं नवजीवनम आयुर्वेद संस्थान , ऋषिकेश के प्रमुख चिकित्सक डॉ0 डी0 के0 श्रीवास्तवा ने आयुष मंत्रालय भारत सरकार के एन सी आई एस एम के निर्देश पर ट्रांजिशनल करिकुलम प्रोग्राम (आयुर्विद्या आरम्भ संस्कार 2022) के लिये हिमालयीय आयुर्वेदिक पी जी मेडिकल कॉलेज फतेहपुर टांडा , में आयोजित संभाषा में दिया । डॉ0 श्रीवास्तवा ने कहा कि आप सौभाग्यशाली है कि आप ऐसे समय मे आयुर्वेद विज्ञान पढ़ने आये है जो इसका पुनः स्वर्णिम काल होने वाला है, आज विश्व की नजरें आयुर्वेद के ज्ञान को जानने और उपयोग करने के लिए लालायित हैं इसीलिए अब वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन ने भारत के साथ मिलकर आयुर्वेद को विज्ञान की कसौटी पर खरा उतारने के लिए राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान जामनगर में विश्व स्तरीय डब्लू एच ओ ग्लोबल ट्रेडिशनल सेंटर का आरंभ हो गया है जो सभी भारत वंशियो के लिए गर्व और खुशी का छण है। अब प्राचीन आयुर्वेद को आधुनिकता के साथ विश्व के सामने वैज्ञानिकता पूर्ण प्रसार और उपयोग होगा जिससे लाइफ स्टाइल डिजीज एवं स्वस्थ्य जीवन में यह विश्व के लिये एक माइल स्टोन साबित होगा ।
डॉ0 श्रीवास्तवा ने संवाद में आगे कहा कि आपको अपनी श्रेष्ठता सिद्ध करने के लिए अपने स्वभाव व व्यवहार में तनाव रहित रहकर खुशी एवं आनंदित माहौल में चिकित्सा विज्ञान को सीखना और उपयोग करना पड़ेगा । आपको जीवन के कुछ नकारात्मक व्यवहार को त्यागना पड़ेगा जैसे ज्यादा सोचना आजकल लोग ज्यादा सोच पाल कर दुःखी जीवन जी रहे है आप सोचिए कम कीजिये ज्यादा तभी ज्यादा फल मिलेगा , आज चिंता भी समाज का एक अभिशाप है आयुर्वेद कहता है कि चिंता और चिता एक समान है एक जिन्दे को जलाती है और एक मुर्दे को , आप जितना चिंता करेंगे उतने ही खोखले होते जाएंगे इसलिए अपने जीवन से इसे उखाड़ फेकिये। भूत काल पास्ट की बातों से अपना वर्तमान न बिगाड़े पास्ट के रिग्रेट , गलतियां सब को भूलकर वर्तमान का जीवन ही आपका शानदार भविष्य निर्माण करेगा । हम्बल यानी दयावान बनिये बड़ो का आशीर्वाद ही आपका मार्ग प्रसस्त बनाएगा सबकी ब्लेसिंग में रहने की आदत बनाइये। आज दुनिया सिलिसिसम क्रिटिसिसम यानी दोष दृष्टि से बहुत ही प्रभावित है हमारे प्रतिदिन की दिनचर्या का भाग हो गया है इसको केवल ऍपरिसियेसन से बदला जा सकता है। आप स्वयं या दूसरों पर डाउट कभी न करें अगर आप ऐसा करेंगे तो आप अपना आत्मविश्वास और आत्मसम्मान खत्म कर बैठेंगे फिर दुनिया आप पे विश्वास कैसे करेगी । आपको श्रेष्ठ चिकित्सक बनना है तो आपमे बर्निंग डिजायर होनी चाहिए आपको तपना पड़ेगा तब आप अपना व्यक्तित्व निखार पाएंगे। कॉलेज के प्राचार्य प्रो0 ए0के0झा , कन्वेनर डॉ0 निशांत राय जैन , सेक्रेटरी श्री बाल कृष्ण चमोली एवं प्रोग्राम कोऑर्डिनेटर प्रो0 डॉ0 नीरज श्रीवास्तवा ने डॉ0 श्रीवास्तवा का सम्मान करते हुए अपने छात्रों को इस मोटिवेशनल स्पीच के लिये आभार एवं धन्यवाद देते हुए कहा कि छात्र इस व्याख्यान से बहुत ही लाभान्वित होकर अपने लक्क्ष को आसानी से प्राप्त करेंगे।

जय कुमार तिवारी

*हमेशा सच का साथ देना! ईमानदारी से आगे बढ़ना, दीनहीनों की आवाज को आगे पहुंचाना। सादा जीवन उच्च विचार और प्रकृति के बनाए हुए दायरे में जीवन निर्वहन करना। झूठ बोलने वालों और फरेब से दूर रहना, कभी किसी के अहित की बात नहीं सोचना। ईश्वर मेरे साथ हमेशा खड़े हैं!*

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