ऋषिकेशधर्म-कर्मशहर में खास

*ऋषिकेश-“सबका साथ हो- गंगा साफ हो”-अतुल्य गंगा*

अतुल्य गंगा साईकिल टीम के सदस्य।
ऋषिकेश- “सबका साथ हो- गंगा साफ हो” के नारे के साथ अतुल्य गंगा प्रोजेक्ट द्वारा गंगोत्री से गंगासागर तक 25 सदस्यों की टीम साइकिल द्वारा यात्रा कर रही है। अतुल्य गंगा की टीम का मुख्य उद्देश्य गंगा की स्वच्छता, पर्यावरण की सुरक्षा के लिए है।

दिनांक 1 मार्च को महाशिवरात्रि के अवसर पर उत्तराखंड के राज्यपाल रिटायर्ड जनरल गुरमीत सिंह ने मुहिम के सदस्यों को झंडी दिखाकर रवाना किया।
4 मार्च शाम को सीमा सड़क संगठन के शिवालिक मुख्यालय में अतुल्य गंगा की साइकिल टीम पहुंची, जहां मुख्य अभियंता ब्रिगेडियर राजीव श्रीवास्तव ने टीम के मुखिया एवं सदस्यों का स्वागत किया।

इस अवसर पर राजीव श्रीवास्तव ने कहा कि देश के सभी सभी प्रमुख नदियों को प्रदूषण से बचाना, स्वच्छता का ध्यान रखना नितांत आवश्यक है। खासकर गंगा से, जो हमारे देश की अमूल्य धरोहर है।
युवाओं को आह्वान करते हुए श्रीवास्तव ने कहा कि गंगा एवं पर्यावरण के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए आप सभी को आगे आना चाहिए। लोगों में जागृति जागृत कर भविष्य की भयावह स्थिति से अवगत कराना चाहिए। यदि नदियां और पर्यावरण सुरक्षित नहीं रहेगा तो जीवो का अस्तित्व मिट जाएगा। इसलिए सभी को सावधान रहने की जरूरत है।

आज 5 मार्च अतुल्य गंगा के मुखिया गोपाल शर्मा के नेतृत्व में ऋषिकेश में एक पत्रकार वार्ता का आयोजन किया गया। पत्रकारों से वार्ता करते हुए गोपाल शर्मा ने बताया कि 1 मार्च से शुरू हुई साइकिल यात्रा गंगोत्री से शुरू होकर बंगाल की खाड़ी तक चलेगी। 2800 किलोमीटर की यात्रा 33 दिनों तक में अपना सफर तय करेगी। यह साइकिल यात्रा गंगोत्री, ऋषिकेश, नरोरा, कानपुर, प्रयागराज, वाराणसी, पटना, फरक्का, दासा, हटिया बाजार होते हुए गंगासागर और बंगाल तक पहुंचेगी। इस बीच जगह-जगह हम गंगा की स्वच्छता और पवित्रता लोगों के बीच जाकर बताएंगे। प्रत्येक भारतीयों में जागरूकता लाना हमारा मुख्य उद्देश्य है। गंगा की पवित्रता स्वच्छता पर्यावरण की सुरक्षा और प्लास्टिक का उपयोग बंद हो। गंगा में बिल्कुल ही प्लास्टिक ना डालें, लोगों के बीच हम जाकर उन्हें समझाएंगे और जागरूकता फैलाएंगे।
शर्मा ने बताया की गंगा हमारी धरोहर है, इसे बचाना हमारा कर्तव्य है इससे पहले हमने 35500 किलोमीटर की पदयात्रा के दौरान गंगा तट पर पीपल, नीम, अर्जुन, बरगद के ज्यादा से ज्यादा पेड़ लगाए। हमारी यह मुहिम 11 साल की है, दो पंचवर्षीय योजना के अंतर्गत 35 करोड़ पेड़ लगाने की हमारी योजना है। तभी वृक्षमाला का लक्ष्य सफल होगा। गंगा तट पर गंगा माला के रूप में वृक्ष लगाकर गंगा के संरक्षण और संवर्धन में हम योगदान देंगे। गंगा इस समय अविरल नहीं है। कानपुर के आगे गंगा का बहाव थम सा गया है। हमारा प्रयास है कि अविरल गंगा, निर्मल गंगा फिर से धरातल पर आए और गंगोत्री से लेकर पहले की तरह गंगासागर तक अविरल बहती रहे। आपको बता दें कि 80% जल में सिविर का पानी है। जब तक जनता जागृत नहीं होगी तब तक गंगा साफ नहीं हो सकती है।
सरकार भी हमारे कार्यों को देखते हुए आगे आ रही है जल शक्ति मंत्रालय हमारे साथ हमारे अनुभव को हमारे कार्यों को देख कर हमारे सहयोग के लिए आगे आए हैं।
ऋषिकेश शिवालिक परियोजना के मुख्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में मुख्य रूप से जनरल कलेर, ब्रिगेडियर रोहिल्ला, कर्नल जयंत वारनेरे, कर्नल मनोज, कर्नल मिलन मठ, कर्नल दर्शन, कर्नल माइक, कर्नल विवेक, अवधेश त्यागी, लेफ्टिनेंट कर्नल मोहित, लेफ्टिनेंट कर्नल अर्चना, भार्गव, योगेश, दीक्षांत धीमान, वैभव, राघव, संजय, सक्षम सहित तमाम सदस्य उपस्थित थे।

जय कुमार तिवारी

*हमेशा सच का साथ देना! ईमानदारी से आगे बढ़ना, दीनहीनों की आवाज को आगे पहुंचाना। सादा जीवन उच्च विचार और प्रकृति के बनाए हुए दायरे में जीवन निर्वहन करना। झूठ बोलने वालों और फरेब से दूर रहना, कभी किसी के अहित की बात नहीं सोचना। ईश्वर मेरे साथ हमेशा खड़े हैं!*

Related Articles

error: Content is protected !!
Close