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*भरोसा फाउंडेशन के अध्यक्ष राहुल बहुखंडी का जन्म दिन धूमधाम से मनाया गया*

राहुल बहुखंडी के जन्मदिन पर केक खिलाते उनके प्रसंशक।
यमकेश्वर- सुप्रसिद्ध समाजसेवी राहुल बहुखंडी का जन्म दिवस आज धूमधाम से मनाया गया उनके मीडिया प्रभारी विनोद पांडे बेखबर ने राहुल बहुखंडी के विषय में बताते हुए कहा कि भरोसा फाउंडेशन के अध्यक्ष राहुल बहुखंडी के जीवन गाथा में संघर्ष और कर्तव्य निष्ठा, समर्पण के बारे में आपको अवगत करा रहा हूं।

राहुल बहुखंडी के पिताजी का का नाम हेमंत बहुखंडी और माता जी का नाम श्रीमती सुशीला देवी है। वह गुरुग्राम में उद्योगपति हैं। ।आपका जन्म 14 जनवरी 1986 को गुरुग्राम में हुआ। आप का लालन-पालन और शिक्षा गुरुग्राम में हुई।आप बचपन से ही मेधावी रहे हैं।

राहुल बहुखंडी अपनी फील्ड में काफी नाम कमा रहे हैं साथ ही इस भरोसा फाउंडेशन को भी निरंतर आगे बढ़ाने का अभूतपूर्व योगदान दे रहे हैं।
आपकी समाज सेवा की भावना के कारण समाज सेवी संस्थाओं से जुड़े रहे। उसके बाद आपने। भरोसा फाउंडेशन की स्थापना की। जिससे। आपने। समाज सेवा की परिभाषा ही बदल दी। आपने इस भरोसा फाउंडेशन एनजीओ के माध्यम से बच्चों में खेल भावना से ओतप्रोत किया।
आपने कई बार हरियाणा में हॉकी टूर्नामेंट , क्रिकेट टूर्नामेंट, मैराथन का भी सफल आयोजन किया। साथ ही कई असहाय बच्चों को गोद लेकर उनके रहने और पढ़ने और खेल के ट्रेनिग तक जिम्मेदारी ले रखी हैं। साथ ही पर्यावरण को स्वक्ष रखने के लिए आपने कई बार बड़े स्तर पर प्लांटेशन भी की है।इसके अलावा भी कई काम हैं देन में स्वदेशी को बढ़ावा देना अनगिनत सेवाए आपकी संस्था ने दी है। वो भी बिल्कुल फ्री।
आपकी यही बेदाग छवि,मातृ भूमि प्रेम आपको उत्तराखंड खींच लाई। आप शुरू से हैं उत्तराखंड से जुड़े रहे हैं और इसी उत्तराखंड प्रेम की वजह से आपकी लोकप्रियता का है यह जीवंत उदाहरण है। आप अपने ग्राम गोला मल्ला जो दुगड्डा ब्लॉक मे यमकेश्वर क्षेत्र पहुंचे और इस क्षेत्र की गरीबी और पलायन से व्यथित हो गए। गांव में जाकर यहां के लोगों की सेवा की। इस महा विपदा कोविड-19अपने इस क्षेत्र में भोजन, कपड़े और दवाइयों का वितरण किया। कुछ गरीब बच्चे को और कई स्कूलों में आपने और पुस्तकें भी वितरण की।
आज आपके जन्मदिन पर हम सभी आपके उज्जवल भविष्य की कामना करते हैं, दीर्घायु शतायु और स्वास्थ्य की कुशलता के लिए यम्केश्वर महादेव से प्रार्थना करते हैं।

जय कुमार तिवारी

*हमेशा सच का साथ देना! ईमानदारी से आगे बढ़ना, दीनहीनों की आवाज को आगे पहुंचाना। सादा जीवन उच्च विचार और प्रकृति के बनाए हुए दायरे में जीवन निर्वहन करना। झूठ बोलने वालों और फरेब से दूर रहना, कभी किसी के अहित की बात नहीं सोचना। ईश्वर मेरे साथ हमेशा खड़े हैं!*

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