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नयी शिक्षा नीति 2020 कौशल विकास, एकीकरण और आत्मनिर्भरता पर केन्द्रित हैं: प्रो नौटियाल

नयी शिक्षा नीति, 2020 एकीकरण द्वारा आत्मनिर्भरता हेतु कौशल विकास पर केन्द्रित है। यह बात उद्घाटन सत्र की अध्यक्षता करते हुए हे न ब गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो0 अन्नपूर्णा नौटियाल द्वारा भारत वर्ष के विभिन्न राज्यों में उच्चशिक्षण संस्थानों में अध्यापनरत शिक्षक प्रतिभागियों को सम्बोधित करते हुए कही गयी। वे मानव संसाधन विकास मन्त्रालय की योजना पण्डित मदन मोहन मालवीय नेशनल मिशन ऑन टीचर्स एण्ड टीचिंग के अन्तर्गत परिचालित फैकल्टी डेवेलपमेंट सेंटर, हे न ब गढ़वाल केन्द्रीय विश्वविद्यालय, श्रीनगर गढ़वाल, उत्तराखंड द्वारा आयोजित ऑनलाइन शॉर्ट टर्म टेªनिंग प्रोग्राम के उद्घाटन सत्र में बोल रही थीं । एक सप्ताह तक चलने वाला यह कार्यक्रम 28 दिसम्बर, 2021 से 03जनवरी,2022 तक “स्ट्रेटजीज फॉर इम्प्लीमेंटेशन ऑफ़ नेशनल एजुकेशन पालिसी 2020” विषय पर आयोजित किया गया है। इस कार्यक्रम में महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, राजस्थान, मध्य प्रदेश, बिहार, झारखंड, हरियाणा, जम्मू और कश्मीर, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड से विभिन्न उच्चशिक्षण संस्थानों में कार्यरत शिक्षक प्रतिभाग कर रहे हैं।

इसके बाद प्रो नौटियाल ने कहा कि अनेक स्टेक होल्डर्स को -प्राथमिक से उच्च शिक्षा तक सभी लाभार्थियों को- समन्वित ढंग से देखने की आवश्यकता है। छात्रों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए डिग्री और डिप्लोमा कार्यक्रमों के अतिरिक्त अनुवाद, सम्प्रेषण और पर्यटन सम्बन्धी कौशल विकास की आवश्यकता है। इस योजना को कार्यान्वित करने के लिए अपेक्षित संसाधनों का प्रबंधन, संस्थानों, तकनिकी और ज्ञान के एकीकृत प्रयोग से किया जा सकता है। उन्होंने पुनः कहा कि आलोचनात्मक और रचनात्मक सोच साथ- साथ चलते हैं। इस उद्देश्य के लिए अध्यापकों को आधुनिकतम ज्ञान से संपन्न होना चाहिए; क्योंकि वे ही समाज में परिवर्तन की चेतना के संवाहक होते हैं।

बतौर मुख्य अतिथि तथा की नोट स्पीकर के रूप में बोलते हुए प्रो0जे पी पचौरी, कुलपति, हिमालयीय विश्वविद्यालय, देहरादून, उत्तराखंड ने कहा कि भारतीयता, शिक्षा का सर्वतोमुखिकरण, नैतिक मूल्यों का विकास और मातृभाषा में शिक्षा राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के चार स्तम्भ हैं; जिनका उद्देश्य आर्थिक विकास करते हुए ज्ञान से परिपूर्ण समाज का निर्माण है। इसके लिए शिक्षकों की प्रतिबद्धता और छात्रों और समाज के साथ जुड़ाव आवश्यक है और तभी हम गुणवत्तापरक शिक्षा और शोध के अपेक्षित परिणामों की बात कर सकते हैं ।

कार्यक्रम की संयोजिका प्रो0 इन्दु पाण्डेय खण्डूड़ी,निदेशक,फैकल्टी डेवेलपमेंट सेंटर ने सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए इस कार्यक्रम के मुख्य उद्देश्यों,आवश्यकता एवं प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला। उन्होंने बल देते हुए कहा कि दूरदर्शिता, कार्य और लक्ष्यों की दृष्टि से नयी शिक्षा नीति 2020 नवाचार से युक्त है। छात्रों की पूर्ण प्रतिभा, बहुमुखी ज्ञान और कौशल का यथोचित उपयोग करते हुए उनका विकास करने के सन्दर्भ में यह बहुत ही महत्त्वाकांक्षी है। इस उद्देश्य से सूचना, सम्प्रेषण, तकनीकी, डिजिटल टीचिंग, पेडागोजी, शिक्षण के सैद्धांतिक और प्रायोगिक पक्षों, बहुविषयी शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया के सन्दर्भ में शिक्षकों को प्रशिक्षित करने की आवश्यकता है। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में फैकल्टी मेंबर्स को देश भर के रिसोर्स परसन डिस्प्ले, व्याख्यान तथा परिचर्चा द्वारा प्रशिक्षित करेंगे ।

डा कविता भट्ट, रिसर्च असोसिएट,फैकल्टी डेवेलपमेंट सेंटर द्वारा अतिथि और सत्र के अध्यक्ष का परिचय करवाया गया तथा डॉ0 आर के सिंह,एसिस्टेंट डायरेक्टर,फैकल्टी डेवेलपमेंट सेंटर ने सत्र का सञ्चालन किया।

जय कुमार तिवारी

*हमेशा सच का साथ देना! ईमानदारी से आगे बढ़ना, दीनहीनों की आवाज को आगे पहुंचाना। सादा जीवन उच्च विचार और प्रकृति के बनाए हुए दायरे में जीवन निर्वहन करना। झूठ बोलने वालों और फरेब से दूर रहना, कभी किसी के अहित की बात नहीं सोचना। ईश्वर मेरे साथ हमेशा खड़े हैं!*

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