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*चुनाव 2022- सियासी गलियारों में हलचल-चुनाव से पहले हरदा और त्रिवेंद्र रावत की मुलाकात-वायरल हुई तस्वीर*

उत्तराखंड में जहां एक ओर भारतीय जनता पार्टी उत्तराखंड में बार फिर से सत्ता में आने के प्रयासों में जुटी हुई है तो वहीं दूसरी ओर भारतीय जनता पार्टी के मंत्री और उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत और हरदा की एक तस्वीर में सियासी पारा बढ़ा दिया है। जी हां, पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत की बीते रविवार को हरदा के साथ हुई मुलाकात चर्चाओं का विषय बनी हुई है और सियासी गलियारों में दोनों पूर्व मुख्यमंत्रियों के मिलने को लेकर कई तरह की कानाफूसी भी हो रही है। चुनाव से ठीक पहले दोनों मुख्यमंत्रियों के बीच हुई इस मुलाकात के कई मायने निकाले जा रहे हैं। दरअसल पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत का कहना है कि वह डिफेंस कॉलोनी में स्थित एक फिजियोथैरेपिस्ट सेंटर में गए थे और उसका पता लगने पर पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत भी उनसे मिलने वहां पर पहुंच गए और दोनों विपक्षी पार्टियों के पूर्व मुख्यमंत्रियों के बीच खुशनुमा माहौल में मुलाकात हुई।
बकायदा त्रिवेंद्र सिंह रावत ने इस मुलाकात के बारे में अपने सोशल मीडिया पर भी जानकारी दी और उन्होंने इस मुलाकात की तस्वीर सोशल मीडिया पर डालते हुए लिखा कि “हरदा से चलते-चलते मुलाकात हुई है। कोरोना के बाद उनके स्वास्थ्य में सुधार देखकर संतोष हुआ। स्वास्थ्य के बारे में पूछने पर उन्होंने अपने अंदाज में कहा मैं स्वस्थ हूं। ” वहीं उत्तराखंड के दोनों पूर्व मुख्यमंत्रियों के बीच हुई इस मुलाकात के बाद सियासी गलियारों में हलचल तेज हो गई है और इस मुलाकात के कई मायने निकाले जा रहे हैं। दरअसल सूत्र बताते हैं कि त्रिवेंद्र सिंह रावत भारतीय जनता पार्टी से इन दिनों नाराज चल रहे हैं और इसी बात का फायदा कांग्रेस उठा रही है। हरदा अब भाजपा के असंतुष्टों से संपर्क कर रहे हैं। पार्टी की पद यात्रा अभियान के बहाने हरीश रावत ने बृहस्पतिवार को डोईवाला विधानसभा में भाजपा नेता के घर जाकर संपर्क साधा था। इसे भाजपा के असंतुष्टों को साधने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।
पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत डोईवाला से विधायक हैं। हरीश रावत इस विधानसभा में पिछले कुछ दिनों से ज्यादा ही सक्रिय दिखाई दे रहे हैं और विभिन्न कार्यक्रमों के बहाने विधानसभा के चक्कर काट रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस की नजर भाजपा के उन असंतुष्ट मंत्रियों और विधायकों पर लगी है जो कि पार्टी से नाराज चल रहे हैं। दरअसल पिछले दिनों भाजपा की बैठकों में पूर्व दायित्वधारियों व जनप्रतिनिधियों की नाराजगी खुलकर सामने आई थी। पार्टी में कई बड़े और छोटे नेता हैं, जो संगठन और सरकार में जिम्मेदारी न मिलने से नाराज हैं। कांग्रेस अब इन असंतुष्टों को साधने की कोशिश में जुटी हुई है। हैरान करने वाली बात यह है कि हरदा और त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने अपने कार्यकाल में एक दूसरे के उपर जमकर निशाना साधा था मगर अब दोनों साथ में मुलाकात करते दिख रहे हैं। अब इसको मात्र एक संजोग बोला जाए या फिर हरदा की विपक्षी पार्टी के नेताओं को अपनी तरफ करने की राजनीति, इसका आगामी चुनावों पर क्या असर पड़ता है यह वक्त ही बताएगा।

(न्यूज़ सोर्स)

जय कुमार तिवारी

*हमेशा सच का साथ देना! ईमानदारी से आगे बढ़ना, दीनहीनों की आवाज को आगे पहुंचाना। सादा जीवन उच्च विचार और प्रकृति के बनाए हुए दायरे में जीवन निर्वहन करना। झूठ बोलने वालों और फरेब से दूर रहना, कभी किसी के अहित की बात नहीं सोचना। ईश्वर मेरे साथ हमेशा खड़े हैं!*

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