ऋषिकेश

*श्री भरत मंदिर इंटर कॉलेज में राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवकों ने सिंगल यूज प्लास्टिक निस्तारण हेतु जागरूकता चलाया अभियान*

ऋषिकेश- दिनांक 26अक्तूबर श्री भरत मंदिर इंटर कॉलेज के राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवकों द्वारा अमृत महोत्सव के अंतर्गत सिंगल यूज प्लास्टिक निस्तारण हेतु विद्यालय परिसर एवं आसपास के क्षेत्रों में स्वच्छता के साथ जनजागृति अभियान चलाकर लोगों को प्रेरित किया
इस अवसर पर विद्यालय के प्रधानाचार्य श्री मेजर गोविंद सिंह रावत ने स्वयंसेवी छात्र छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि प्लास्टिक सबसे खतरनाक प्रदूषण का कारण है जो कई समय तक न सड़ता है न कभी समाप्त होता है जो अनेक प्रकार की बीमारियों के साथ भूमि की उपजाऊ शक्ति को भी नष्ट करता है इससे होने वाले खतरों के प्रति आगाह करते हुए प्रधानाचार्य मेजर गोविंद सिंह रावत ने कहा कि हम सब का नैतिक दायित्व है कि सिंगल यूज प्लास्टिक का निस्तारण समाज के प्रत्येक व्यक्ति के बीच जा कर जनजागृति अभियान के माध्यम से समाप्त करना है और यह कार्य राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवकों द्वारा इस प्रकार के अभियानों के माध्यम से ही सम्भव हो सकता है, ।
इस अवसर पर विद्यालय के वरिष्ठ प्रवक्ता यमुना प्रसाद त्रिपाठी एवं शिव प्रसाद बहुगुणा ने अपने वक्तव्य मे कहा कि सिंगल यूज प्लास्टिक निस्तारण के लिए सामूहिक रूप से प्रयास किए जाने चाहिए इसके लिए छात्र छात्राएं सबसे उपयुक्त बिंदु हैं जो घर घर में लोगों को सिंगल यूज प्लास्टिक उन्मूलन का संदेश दे सकते हैं,
राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम अधिकारी जयकृत सिंह रावत ने अपने उद्बोधन में कहा कि सभी स्वयंसेवकों को अपने आसपास के क्षेत्रों में प्लास्टिक निस्तारण के लिए जूट एवं कपड़े के थैले के प्रयोग हेतु प्रेरित करना होगा जब भी बाजार से अपने दैनिक उपयोग की वस्तुएं लाते हैं उनके लिए स्वयं घर से थैले साथ में ले जाना होगा प्लास्टिक उन्मूलन तभी संभव होगा जब सभी मिलकर के इस कार्य के लिए आगे आएंगे,
इस अवसर पर स्वयंसेवकों द्वारा विद्यालय एवं आसपास के क्षेत्रों से लगभग डेढ़ कुंटल प्लास्टिक एकत्रित किया गया ।
उक्त अवसर पर श्री यमुना प्रसाद त्रिपाठी शिवप्रसाद बहुगुणा रंजन अंथवाल ,जयकृत सिंह रावत, नीलम जोशी ,सुशीला बडथ्वाल, सुनीता, जितेंद्र बिष्ट ,सुनील दत्त थपलियाल, सोहन लाल आदि ने सहयोग प्रदान किया।

जय कुमार तिवारी

*हमेशा सच का साथ देना! ईमानदारी से आगे बढ़ना, दीनहीनों की आवाज को आगे पहुंचाना। सादा जीवन उच्च विचार और प्रकृति के बनाए हुए दायरे में जीवन निर्वहन करना। झूठ बोलने वालों और फरेब से दूर रहना, कभी किसी के अहित की बात नहीं सोचना। ईश्वर मेरे साथ हमेशा खड़े हैं!*

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