ऋषिकेश

*सामर्थ्यवान व्यक्ति अपने जन्मदिन पर जर्जर होते सामुदायिक केन्द्रों, आंगनबाड़ी व स्कूलों को करें संरक्षित- जयेन्द्र रमोला*


आज दिनांक 25/10/21 को अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सदस्य जयेन्द्र रमोला ने बताया कि नगर निगम क्षेत्र के सर्वहारा नगर वार्ड में सामुदायिक भवन जिसमें आंगनबाड़ी चलती है उस भवन पर कई वर्षों से रंग रौगन नहीं होने के कारण उस भवन की स्थिति ख़राब हो रही थी जिसके खिड़की दरवाज़े सब ख़राब होने लगे थे मैंने इस वर्ष अपने जन्मदिवस के मौक़े पर सामुदायिक भवन को रंग करवाकर ठीक करवाया व सभी से आग्रह करता हूँ हर सक्षम व्यक्ति या सामाजिक व राजनीतिक व्यक्ति अपने जन्मदिन के अवसर पर अपने आस पास के क्षेत्रों ऐसे सरकारी स्कूलों, सामुदायिक भवनों व आंगनबाड़ी केन्द्रों जिनकी कोई देते रेख ना हो पा रही हो या ख़राब स्थिति में हों उनको अपने जन्मदिवस पर ठीक करवायें ताकि समाज के इन संस्थानों को हम मिलकर संरक्षित कर सकें क्योंकि ये वे संस्थान हैं जहॉं गरीब बच्चों का भविष्य संवारा जाता है साथ सामुदायिक केन्द्र होने से गरीब परिवार के लोगों के साथ साथ आमजन को भी उसकी सुविधाओं का लाभ मिलता है ।
रमोला ने बताया कि कल सांय जन्मदिवस के मौक़े पर इस आंगनबाड़ी केन्द्र के बच्चों को पाठ्य सामग्री भी वितरण की जायेगी और मैं हर वर्ष इस तरह के सार्वजनिक संस्थानों को अपने जन्मदिन के मौक़े पर रखरखाव करने का कार्य करता रहूँगा ।
कांग्रेस नेत्री चन्द्रकान्ता जोशी ने कहा कि बहुत समय से इस भवन की स्थिति जर्जर हो रही थी जबकि यहॉं पर आंगनबाड़ी केन्द्र भी है जिसमें लगभग एक दर्जन से अधिक बच्चे पढ़ते हैं परन्तु यहाँ बिजली ना होने से भी बड़ी दिक़्क़त होती है कई वर्षों से पुताई ना होने से दीवारें व दरवाज़े भी ख़राब होने लगी थी परन्तु आज भाई जयेन्द्र रमोला ने अपने जन्मदिन के मौक़े पर इस सामुदायिक केन्द्र को ठीक करवाया जिसके हम सभी सर्वहारा नगर क्षेत्र के लोग उनका आभार व्यक्त करते हैं ।
मौक़े पर कांग्रेस ओबीसी प्रकोष्ठ के महानगर अध्यक्ष शैलेन्द्र गुप्ता,राम गुप्ता, रामबदन साहनी, चंद्रकांता जोशी, गंगा यादव, विद्यावती, कैलाशी देवी, कांति यादव, सुमन, मधु, पूनम, कमला देवी, सावित्री, निक्की, नीलम, नविता, शीतल कुमारी, कमला जाटव, अनिता, मुकुल यादव आदि मौजूद थे ।

जय कुमार तिवारी

*हमेशा सच का साथ देना! ईमानदारी से आगे बढ़ना, दीनहीनों की आवाज को आगे पहुंचाना। सादा जीवन उच्च विचार और प्रकृति के बनाए हुए दायरे में जीवन निर्वहन करना। झूठ बोलने वालों और फरेब से दूर रहना, कभी किसी के अहित की बात नहीं सोचना। ईश्वर मेरे साथ हमेशा खड़े हैं!*

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