शहर में खाससाहित्य सृजन।

*शशि देवली की ” यादों की दस्तक” के विमोचन में गण्य मान्य साहित्यकार रहे उपस्थित*

गोपेश्वर, उत्तराखंड; हिंदी साहित्य भारती (अंतरराष्ट्रीय) तथा कलम क्रांति साहित्यिक संस्था के संयुक्त तत्त्वावधान में तीलू रौतेली पुरस्कार से सम्मानित सुप्रतिष्ठित कवयित्री शशि देवली के सद्य प्रकाशित काव्य -संग्रह 'यादों की दस्तक' का विमोचन गण्य मान्य साहित्यकारों और बुद्धिजीवियों की उपस्थिति में सम्पन्न हुआ।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि अपर जिलाधिकारी चमोली श्री हेमंत वर्मा ने कहा कि साहित्य समाज का न सिर्फ आईना होता है बल्कि समाज को उसकी बुराइयों के लिए आईना भी दिखाता है।

कार्यक्रम की अति विशिष्ट अतिथि व मुख्य वक्ता बहुसर्जक लेखिका- कवयित्री डॉ कविता भट्ट ‘शैलपुत्री’ ने कहा कि साहित्य सृजन समाज की सबसे बड़ी सेवा है और यह लेखक को प्रतिकूल परिस्थितियों में भी खड़ा होने का संबल देती है। उन्होंने आगे कहा कि पहाड़ों में नए रचनाकारों का उदय हिंदी साहित्य की सेवा के लिए एक शुभ संकेत है। साथ ही उन्होंने अपनी प्रतिनिधि रचना ‘रुकती न कभी थकती न कभी तू हे पहाड़ की नारी’ भी दर्शकों के अनुरोध पर सुनाई।

विशिष्ट अतिथि नर्सिंग कॉलेज गोपेश्वर की प्रधानाचार्य डॉ ममता कप्रवाण ने कहा कि आधुनिक समाज के संपूर्ण विकास के लिए न सिर्फ वैज्ञानिक चेतना का विकास होना चाहिए बल्कि साहित्यिक संवेदनशीलता की भी आवश्यकता है।

कार्यक्रम अध्यक्ष श्री मंगला कोठियाल ने कहा कि समाज की सच्ची सेवा के लिए न सिर्फ रचनाओं का बेदाग होना जरूरी है बल्कि लेखक की छवि भी बेदाग होनी जरूरी है तभी समाज में साहित्य लिखने पढ़ने का विश्वास बना रहेगा।

पुस्तक की लेखिका श्रीमती शशि देवली ने कहा कि उन्होंने अपने जीवन के खट्टे मीठे अनुभवों को शब्दों में पिरोकर उन्होंने इसे पुस्तक के रूप में प्रशित किया है। उनके इस काव्य संग्रह में कुल 98 कविताएं हैं जो जीवन के विभिन्न पहलुओं को उजागर करती हैं।

इस अवसर पर गूगल गर्ल ख्याति सेमवाल को फिल्म क्रांति मंच एवं एक्सिस बैंक की तरफ से सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में मंच की रचनाकारों ने विभिन्न रचनाओं के माध्यम से दर्शकों का मन्नू मोहा।

इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि बंड विकास संगठन के अध्यक्ष शंभू प्रसाद सती, अतुल शाह, आर आर सिंह, सादर कैंतुरा, कलम क्रांति मंच के संरक्षक भगत सिंह राणा, हिमांशु थपलियाल, राकेश देवली, सुभाष चन्द्र भट्ट, महेंद्र रावत, अक्षत नाट्य संस्था के विजय वशिष्ठ, जगनमोहन चोपता, मोहित कोठियाल, सुनीता सेमवाल, सुशीला सेमवाल, किरण पुरोहित, विमल राणा, लक्ष्मण राणा, कृतिका, पूजा, प्रेरणा आदि उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन कलम क्रांति मंच के सचिव प्रो. दर्शन सिंह नेगी ने किया।

जय कुमार तिवारी

*हमेशा सच का साथ देना! ईमानदारी से आगे बढ़ना, दीनहीनों की आवाज को आगे पहुंचाना। सादा जीवन उच्च विचार और प्रकृति के बनाए हुए दायरे में जीवन निर्वहन करना। झूठ बोलने वालों और फरेब से दूर रहना, कभी किसी के अहित की बात नहीं सोचना। ईश्वर मेरे साथ हमेशा खड़े हैं!*

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