साधनासाहित्य सृजन।

*हिंदी साहित्य भारती जनपद देहरादून द्वारा हिंदी साहित्य के भीष्म मुंशी प्रेमचंद जी का 141 वीं जयंती पर भावपूर्ण स्मरण किया गया*

31जुलाई हिंदी साहित्य भारती के तत्वावधान में जनपद देहरादून की बैठक आयोजित की गई , इस अवसर पर समस्त सदस्यों द्वारा हिंदी साहित्य के भीष्म मुंशी प्रेमचंद जी की 141 वीं जयंती पर श्रद्धा सुमन अर्पित करते हुए उनका हिंदी साहित्य में योगदान का भावपूर्ण स्मरण किया गया ।
तथा हिन्दी साहित्य भारती द्वारा संचालित गतिविधियों पर वक्ताओं द्वारा चर्चा की गई ,
जिसमें हिंदी को राष्ट्र भाषा बनाए जाने के संकल्प को दोहराते हुए वक्ताओं ने कहा कि हिंदी भाषा इस देश का गौरव है जिस प्रकार से अन्य भाषाओं को वर्तमान समय में महत्व दिया जा रहा है हिंदी को राष्ट्रभाषा घोषित किया जाना चाहिए हिंदी साहित्य भारती का यह प्रमुख उद्देश्य होगा कि जब तक हिंदी राष्ट्रभाषा घोषित नहीं हुई तब तक यह अभियान सतत रूप से प्रवाह मान रहेगा
बैठक मे पत्र लेखन को अधिक से अधिक भरवाने के सन्दर्भ मे विचार रखते हुए हिन्दी साहित्य के प्रसार पर ध्यान देने की बात की गई ।
इस अवसर पर प्रांतीय कार्यकारिणी एवं केंद्रीय कार्यकारणी के कार्यों की प्रशंसा करते हुए प्रेरणा लेने की बात की गई ।
बैठक की
अध्यक्षता प्रबोध उनियाल , संचालन डॉ सुनील थपलियाल , वंदना मणि अग्रवाल, देश भक्ति गीत अनीता भट्ट , द्वारा प्रस्तुत किया गया ।
इस अवसर पर सत्यानंद ब डोनी, कुसुम पंत ,नीलम शर्मा ,सरोजिनी भट्ट ,अनीता ध्यानी ,सरस्वती उनियाल, धर्म प्रकाश नौटियाल, नीलम जोशी, अनीता भट्ट मणि अग्रवाल, जनार्दन प्रसाद उनियाल आदि ने विचार व्यक्त किए ।

जय कुमार तिवारी

*हमेशा सच का साथ देना! ईमानदारी से आगे बढ़ना, दीनहीनों की आवाज को आगे पहुंचाना। सादा जीवन उच्च विचार और प्रकृति के बनाए हुए दायरे में जीवन निर्वहन करना। झूठ बोलने वालों और फरेब से दूर रहना, कभी किसी के अहित की बात नहीं सोचना। ईश्वर मेरे साथ हमेशा खड़े हैं!*

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