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*रंभा नदी के उद्गम स्थल पर महापौर ने किया पीपल के पौधे का रोपण*

*रंम्भा जल देवालय बनाकर करायेंगे शिवलिंग की स्थापना -अनिता ममगाई* *योग ,ध्यान और अध्यात्म का प्रमुख केन्द्र होगी संजय झील-मेयर*


ऋषिकेश- संजय झील के सौंदर्यीकरण के लिए कमर कस चुकी नगर निगम महापौर ने आज रंभा नदी के उद्गम स्थल पर पीपल के पौधे का रोपण कर भगवान विष्णु का स्मरण किया।इस दौरान उन्होंने हरेला पर्व के मौके पर नगर निगम प्रशासन की ओर से रोपे गए पौधों का भी निरीक्षण किया।

नगर निगम प्रशासन करीब ढाई दशक से फाईलों में सिमटे संजय झील के सौंदर्यीकरण के लिए हर आवश्यक कदम उठाता हुआ नजर आ रहा है।महापौर स्वंय इस ड्डीम प्रोजेक्ट को धरातल पर उतारने के लिए मोर्चा की अगुवाई कर रही हैं। बुधवार को बारिश की रिमझिम फुहारों के बीच पलंबर नदी के उद्गम स्थल पर पहुंची महापौर ने जहां एक और हरेला पर्व के दौरान लगाए गए पौधों का निरीक्षण किया वही पुराणों में पीपल के महत्व को देखते हुए पीपल के पौधे का रोपण भगवान विष्णु का स्मरण भी किया। महापौर ने बताया कि रंभा नदी को विकसित करने के लिए नगर निगम प्रशासन तत्परता के साथ जुटा हुआ है। सब कुछ यदि योजना के मुताबिक हुआ तो जल्द ही रंभा नदी के उद्गम स्थल को शहर के सबसे प्रमुख पर्यटन स्थल के रूप में विकसित कर योजना को धरातल पर उतार दिया जायेगा। जोकि निश्चित ही योग ,ध्यान और अध्यात्म के लिए आर्दश केन्द्र होगी।उन्होंने वन विभाग के अधिकारियों को रंभा नदी के डी पी आर के लिए मिले दस लाख रूपये की राशि से उद्गम स्थल पर रंम्भा जल देवालय बनाकर शिवलिंग की स्थापना करने की मांग भी की जिसे डीएफओ द्वारा प्रोजेक्ट में शामिल कर लिया गया। महापौर ने बताया कि जल्द ही लगाए गए पीपल के पौधे पर खूबसूरत चबुतरे का निर्माण कराया जायेगा। इस दौरान पार्षद विपिन पंत , राधा रमोला , अनिता रैना , मनीष बनवाल , भाजपा जिला मंत्री पंकज शर्मा,रविन्द्र राणा, संदीप शास्त्री ,सुभाष बाल्मीकि , रजनी बिष्ट , ममता नेगी , प्रमिला त्रिवेदी , हेमलता चौहान , सुनीता नौटियाल , रेणु देवी, राजीव गुप्ता , यशवंत रावत , कुलदीप टंडन , नरेंद्र शर्मा , आशुतोष , रूपेश गुप्ता ,राजेश कोटियाल , अनूप बडोनी , शरद कुमार , सचिन रावत , अभिषेक मल्होत्रा , मुकेश खैरवाल आदि मौजूद रहे।

जय कुमार तिवारी

*हमेशा सच का साथ देना! ईमानदारी से आगे बढ़ना, दीनहीनों की आवाज को आगे पहुंचाना। सादा जीवन उच्च विचार और प्रकृति के बनाए हुए दायरे में जीवन निर्वहन करना। झूठ बोलने वालों और फरेब से दूर रहना, कभी किसी के अहित की बात नहीं सोचना। ईश्वर मेरे साथ हमेशा खड़े हैं!*

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