ऋषिकेश

*जीवन साइकिल की तरह है, बैलेंस बनाए रखने के लिए आपको चलते रहना होता है*


समय के परिवर्तन के साथ सब कुछ धीरे धीरे बदल जाता है आज की भागती दौड़ती जिंदगी के लिए आवश्यक हो गया है कि शारीरिक स्वस्थता व फिटनेस कैसे बनाए रखी जा सकती है , बेहतरीन स्वास्थ्य संवर्धन के लिए अनेक प्रकार के आयाम व्यक्ति ढूंढने लगा है जहां नौजवानों में बेहतरीन स्वास्थ्य के लिए जिम, मॉर्निंग वॉक, इविनिग वाक, आदि पहले से ही रुचिकर रहा है वहीं आजकल साइकिलिंग से स्वस्थ रहने की कोशिश की जा रही है ये तो समय बताएगा कि ये विधा कितनी फिट रख सकती है लेकिन शहर हो या गांव साइकिलिंग क्लबों का गठन किया गया है संडे की छुट्टी हो या अन्य दिन कई किमी की दूरी नौजवान साईकिल से पूरी कर रहे है ।
अपने शहर की बात करें तो कई साईकिल क्लब गठित किए गए है जिनके अच्छे परिणाम आ रहे हैं
कहावत है कि
ऊर्जा जीवन है और विज्ञान के सिद्धांत कहते है ,ऊर्जा न तो बनाई जा सकती है और न ही खत्म की जा सकती है | ये केवल परिवर्तित की जा सकती है | तो अपनी ऊर्जा अच्छे कामों में लगानी चाहिए | इसी ऊर्जा परिवर्तन के अंदर ही आती है एक्सरसाइज ! इम्युनिटी बढ़ाने के लिए साइकिलिंग अच्छी एक्सरसाइज है | कोरोना काल में साइकिलिंग का क्रेज बहुत अधिक बढ़ गया है | आजकल साइकिल चलाते हुए लोग सड़को पर अक्सर दिख जाते हैं ।

क्यों चलाएँ साइकिल ?

हर रोज 30 मिनट तक साइकिल चलाने से आपकी याददाश्त अन्य लोगों की तुलना में 15 फीसदी तक बढ़ सकती है l एक शोध के अनुसार साइकिल चलाने से दिल मजबूत होता है l इसके साथ ही इससे आपके दिमाग में नई कोशिकाओं का भी विकास होता है । आधा घंटा साइकिल चलाने से बॉडी की इम्यून सेल्स ज्यादा एक्टिव होती हैं और लोग कम बीमार पड़ते हैं।
इसके अलावा मधुमेह को नियंत्रित करने के लिए ,तनाव से छुटाकारा पाने के लिए ,मांसपेशियों को मजबूती के लिए ,शरीर के सभी अंगों के बीच अच्छा समन्वय स्थापित करने के लिए , कैंसर जैसी बीमारियों की सम्भावना घटाने के लिए , पर्यावरण संरक्षण के महत्व को बढ़ाने के लिए साइकिलिंग की जा रही है |
अपने शहर , जहाँ योग नगरी के नाम से प्रसिद्ध है | वही यहाँ के युवाओं ने मिलकर ऋषिकेश साइकिलिंग क्लब बनाकर युवाओं को इस दिशा में प्रेरित किया है | यह क्लब समय-समय पर ऋषिकेश के आस-पास की जगह पर सफाई अभियान भी चलाता रहता है | ऋषिकेश साइकिलिंग क्लब के मुख्य एडमिन ,एक्टिविस्ट साहिल जुगरान का सोचना है कि तन और मन के साथ -साथ हम अपने घर ऋषिकेश के लिए भी अच्छा सोचना और करना चाहिए |
ऋषिकेश साइकिलिंग क्लब के साथ बड़ी संख्या में लोग जुड़े हैं और बाहरी राज्यों के राइडर भी इससे जुड़े हैं
ऋषिकेश साइकिलिंग क्लब के अलग-अलग राइडर कम दूरी और लम्बी दूरी की राइड करते रहते हैं |
इनके राइडर राहुल जुगरान: मुज़फ़्फ़रनगर, पौंटा साहिब , देहरादून के चारों सिद्ध पीठ , साहिल जुगरान : जॉर्ज एवरेस्ट ,हिमांशु रावत और कुशाग्र नौटियाल : श्रीनगर ,रुद्रप्रयाग, चोपता तुंगनाथ और कमलेश रावत अभी तक सुरकंडा देवी ,चम्बा ,डोबरा-चांठी पुल(टिहरी ) ,पौंटा साहिब ,मसूरी देहरादून के चारों सिद्ध पीठ कर चुके हैं।

जय कुमार तिवारी

*हमेशा सच का साथ देना! ईमानदारी से आगे बढ़ना, दीनहीनों की आवाज को आगे पहुंचाना। सादा जीवन उच्च विचार और प्रकृति के बनाए हुए दायरे में जीवन निर्वहन करना। झूठ बोलने वालों और फरेब से दूर रहना, कभी किसी के अहित की बात नहीं सोचना। ईश्वर मेरे साथ हमेशा खड़े हैं!*

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