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*उत्तराखंड-अन्य राज्यो से सहमति नही बनने से कांवड़ यात्रा पर पूर्ण विराम, कुम्भ में मिले परिणामो के बाद सावधानी बरत रही सरकार*

देहरादून -: कावड़ यात्रा को लेकर चली आ रही असमंजस की स्थिति को उत्तराखंड सरकार ने विराम लगा दिया है। राज्य सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि उत्तराखंड में कावड़ यात्रा नहीं होगी और ना ही बारी राज्य के किसी भी कांवड़ लाने वाले को उत्तराखंड में प्रवेश करने दिया जाएगा। गत वर्ष भी कावड़ यात्रा रद्द कर दी गई थी और यह लगातार दूसरा वर्ष है जब उत्तराखंड में कांवड़ यात्रा प्रवेश नहीं करेगी।
अब राज्य सरकार और उत्तराखंड पुलिस के आगे यह बड़ी चुनौती है कि एक तरफ तो उत्तराखंड सरकार ने कावड़ यात्रा को रद्द कर दिया है तो वहीं दूसरी और उत्तर प्रदेश सरकार ने कांवड़ यात्रा को अभी तक रद्द करने का कोई फैसला नहीं लिया है और ऐलान किया जा चुका है कि यूपी में यात्रा चालू रहेगी। इस स्थिति से उत्तराखंड के लिए एक टकराव की स्थिति बन सकती है।

उत्तराखंड के डीजीपी अशोक कुमार पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि कांवड़ यात्रा रद्द होने की सूरत में उत्तराखंड एवं उत्तर प्रदेश सहित दूसरे राज्यों से लगने वाली सीमा ऊपर कड़ी चौकसी रखी जाएगी एवं कांवड़ यात्रा के दौरान बॉर्डर सील रहेंगे।
ऐसी स्थिति में बॉर्डर पर टकराव के हालात बन सकते हैं जिससे निपटने की पूरी तैयारी राज्य सरकार कर रही है। बता दें कि इससे पूर्व दोनों राज्यों के बीच कावड़ यात्रा को सुचारू रूप से चलाने के लिए बातचीत का दौर चल रहा था लेकिन उत्तराखंड सरकार ने अंततः संक्रमण के प्रसार की संभावनाओं को देखते हुए कावड़ यात्रा को अंतिम तौर पर पूर्णतया रद्द कर दिया है ।

मुख्यमंत्री ने सचिव गृह और पुलिस महानिदेशक को यथोचित कार्यवाही करने के निर्देश दिये। यह भी निर्देश दिए कि पड़ोसी राज्यों के अधिकारियों से समन्वय स्थापित करते हुए प्रभावी कार्यवाही हेतु अनुरोध किया जाय, ताकि वैश्विक माहमारी को रोकने में सफल हो सकें।
बैठक में मुख्य सचिव डॉ. एस. एस. संधु, अपर मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार, सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

जय कुमार तिवारी

*हमेशा सच का साथ देना! ईमानदारी से आगे बढ़ना, दीनहीनों की आवाज को आगे पहुंचाना। सादा जीवन उच्च विचार और प्रकृति के बनाए हुए दायरे में जीवन निर्वहन करना। झूठ बोलने वालों और फरेब से दूर रहना, कभी किसी के अहित की बात नहीं सोचना। ईश्वर मेरे साथ हमेशा खड़े हैं!*

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