अजब-गजब!शहर में खास

*शिक्षक को अपनी नाबालिग शिष्या से हुआ प्यार! अगवा कर हुआ फरार*

राजस्थान अजमेर से एक शिक्षक को अपनी नाबालिग शिष्या से प्यार हो गया इसके बाद वह शिष्या को अगवा कर फरार हो गया।
शादी नहीं कर पा रहे पर दोनों ने पहाड़ से कूदकर सामूहिक जान देने का प्रयास किया। मगर यहां भी नाकाम रहे पुलिस ने पकड़ लिया। शिष्या अपने पिता के घर पर है शिक्षक पुलिस हिरासत में है। इस मामले की चारों तरफ चर्चा हो रही है।
गंज थाना अंतर्गत 15 मार्च को हुए अपहरण के मामले में पुलिस को कामयाबी मिली है बताया जाता है कि यहां एक ट्यूशन टीचर ने नाबालिग छात्रा का अपहरण कर लिया था। पुलिस ने बोराज की पहाड़ियों से उसे ढूंढ निकाला, 15 मार्च को गंज थाना अंतर्गत ट्यूशन टीचर द्वारा नाबालिग छात्रा का अपहरण कर ले जाने के मामले में पुलिस ने मामला दर्ज किया था। इस मामले की जांच के लिए जिला पुलिस अधीक्षक जगदीश चंद्र शर्मा के निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सीताराम प्रजापत, सीओ दरगाह रघुवीर प्रसाद शर्मा के द्वारा थाना पुलिस की टीम का गठन किया गया। इस टीम ने स्पेशल टीम की मदद से 2 दिनों के अथक प्रयास व तकनीकी सहायता के आधार पर आशिक टीचर और नाबालिग छात्रा को बरामद करने में कामयाबी प्राप्त कर ली। शर्मा ने बताया कि प्रारंभिक पूछताछ में दोनों ने खुदकुशी करने का प्लान बनाया था लेकिन नाबालिक द्वारा पीछे हटने से यह नहीं हो सका। ठीक समय पर पहुंची पुलिस ने आज की पहाड़ियों से दोनों को ढूंढ निकाला। रघुवीर ने यह जानकारी दी है।
आपको याद होगा कि एक प्रोफेसर जूली की लव स्टोरी!
कॉलेज की अपने ही कालेज की उम्र में से 30 साल छोटू छात्रा से लव मैरिज की थी। जिसके बाद उनकी खूब चर्चा हुई थी पहली बार 2004 में क्लास रूम में मुलाकात हुई थी उस समय कालेज में एक शिविर लगा हुआ था। इसी दौरान दोनों में बातचीत शुरू हुई दोनों के बीच फोन पर घंटों बातें होती थी। प्रोफेसर की स्टूडेंट जूली ने उन्हें प्रपोज किया था उसने कहा था कि वो आपसे शादी करना चाहती है।एक दिन जूली का फोन आया और उसने कहा कि वह मुझे पसंद करती है और मुझसे शादी करना चाहती है। जूली को समझाया था कि यह पॉसिबल नहीं है। वह पहले से शादीशुदा है और उसके बच्चे भी है पर धीरे-धीरे मटुक भी जूली से प्यार करने लगे फिर जूली के साथ प्रेम प्रसंग की वजह से 15 जुलाई सन 2004 को पटना यूनिवर्सिटी हिंदी डिपार्टमेंट ने बाद में उन्हें सेवा से बर्खास्त कर दिया गया था। और दोनों को जेल भिजवा दिया था। कई साल से नौकरी से बर्खास्त रहे। हालांकि 2013 में 13 फरवरी को पटना यूनिवर्सिटी ने पिछले 5 साल का एरियर ₹2000000 दिया था पैसे से अगले दिन 14 फरवरी को कार खरीदकर जूली को गिफ्ट की थी।

जय कुमार तिवारी

*हमेशा सच का साथ देना! ईमानदारी से आगे बढ़ना, दीनहीनों की आवाज को आगे पहुंचाना। सादा जीवन उच्च विचार और प्रकृति के बनाए हुए दायरे में जीवन निर्वहन करना। झूठ बोलने वालों और फरेब से दूर रहना, कभी किसी के अहित की बात नहीं सोचना। ईश्वर मेरे साथ हमेशा खड़े हैं!*

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