धर्म-कर्मराशिफल

*आज आपका राशिफल एवं प्रेरक प्रसंग- *सच्चा परिश्रम”*

🐐🐂💏💮🐅👩
〰️〰️〰️〰️〰️〰️
मेष🐐 (चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, अ)
आज का दिन विपरीत फलदायक है स्वभाव की मनमानी आज किसी न किसी रूप में हानि कराएगी। आज भी आपका मन अनैतिक कर्मो में अधिक रहेगा किसी के टोकने पर अभद्र व्यवहार करने से भी नही शर्माएंगे। मौज शौक के पीछे संचित धन भी खर्च कर सकते है बाद में आर्थिक संकट में फसेंगे। कार्य व्यवसाय की स्थिति आज दयनीय रहेगी सहयोगी एवं समय की कमी के कारण बड़े लाभ से वंचित रह जाएंगे। मध्यान बाद थोड़ी बहुत आय होगी लेकिन आकस्मिक नुकसान भी होने से भरपाई नही कर पाएंगे। किसी से उधार लेने की नौबत आ सकती है आज वह भी मिलना मुश्किल है। घर मे माता से कलह के बाद अनैतिक लाभ उठाएंगे किसी न किसी से तकरार लगी रहेगी। किसी भी प्रकार के जोखिम से बचे दुर्घटना की सम्भवना है सेहत में उतारचढ़ाव लगा रहेगा।

वृष🐂 (ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो)
आज का दिन आपके लिये मिश्रित फलदायक रहेगा। पूर्व में किसी गलती को लेकर मन मे ग्लानि होगी लेकिन सुधार करने की जगह दोबारा वही गलती करने पर किसी से अनबन के साथ शत्रुओ में वृद्धि भी होगी। आज घरेलू एवं व्यक्तिगत सुख सुविधा जुटाने के चक्कर मे अनैतिक कार्यो करने से परहेज नही करेंगे इससे बचे अन्यथा सरकारी उलझनों में फंसने की संभावना है। कार्य व्यवसाय में स्थिरता नही रहेगी धन अन्य लोगो की नजर में आपका व्यवसाय उत्तम रहेगा लेकिन होगा इसके विपरीत ही पूर्व में किये किसी सौदे को छोड़ अन्य किसी मार्ग से धन की आमद रुकेगी। स्त्री वर्ग बोल चाल में सावधानी बरतें छोटी सी बात पर कलह हो सकती है। सेहत कुछ समय के लिये नरम रहेगी।

मिथुन👫 (का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, हा)
आज का दिन साधारण रहेगा दिन के पूर्वार्ध में स्वास्थ्य ठीक रहने पर भी आलस्य के कारण कार्यो में विलंब होगा घरेलू कार्य भी धीमी गति से चलेंगे बाद में हड़बड़ी करने पर नुकसान होने की संभावना है। कार्य क्षेत्र पर लाभ पाने के लिये विविध युक्तियां लगाएंगे लेकिन आज अधिकांश में असफलता ही मिलेगी धन लाभ अवश्य होगा पर पुराने उधार एवं दैनिक खर्च के आगे कम ही रहेगा। धर्म कर्म में आस्था रहने पर भी आज भाग्य का साथ कम ही मिलेगा नौकरी वालो को आज पुराना अधूरा कार्य मुसीबत लगेगा। विरोधी पक्ष पर ढील न बरतें अन्यथा बाद में परेशानी में डालेंगे। घर मे खर्चो को लेकर आपसी मतभेद उभरेंगे। मौसमी बीमारी का प्रकोप सेहत पर देखने को मिलेगा।

कर्क🦀 (ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो)
आज का दिन शुभफलदायक रहेगा। भागदौड़ आज किसी न किसी काम से लगी रहेगी लेकिन इसका सफल परिणाम दिन भर उत्साहित रखेगा। दिन के आरंभ में पेट अथवा मासपेशियो मे थोड़ी बहुत तकलीफ होगी लेकिन मध्यान तक स्वतः ही सही हो जाएगी। काम-धंधे को लेकर आज गंभीर रहेंगे अन्य आवश्यक कार्य भी इसके लिये निरस्त करेंगे धन लाभ भाग्य का साथ मिलने से अवश्य होगा लेकिन तुरंत कही न कही खर्च भी हो जाएगा आज खर्च दिखावे के ऊपर भी करने पड़ेंगे। घर का वातावरण मध्यान तक शांत रहेगा इसके बाद इसके बाद व्यवसाय अथवा अन्य घरेलू कारणों से किसी से खींचतान होने की संभावना है वाणी का प्रयाग संभालकर करें अन्यथा संबंधों में लंबे समय के लिये कड़वाहट बन सकती है।

सिंह🦁 (मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे)
आज का दिन सेहत को लेकर परेशान रहेंगे। घर मे मौसमी बीमारियों के कारण सर्दी जुखाम से कोई ना कोई परेशान रहेगा दैनिक कार्य भी विलंब से होंगे जिससे अन्य कार्यो में भी विलंब होता जाएगा। कार्य व्यवसाय से आज लाभ की आशा ना रखे उल्टे किसी से धन अथवा अन्य कारणों से विवाद होने पर भविष्य के लाभ से भी हाथ धो बैठेंगे। संध्या के आस पास किसी के सहयोग से धन संबंधित कोई काम बनने से कुछ राहत मिलेगी। लेकिन आज पैतृक धन अथवा संपत्ति में हास होने के योग भी है। घरेलू एवं व्यावसायिक खर्चो को लेकर विशेष चिंता रहेगी। धर्म कर्म में आज निष्ठा तो रहेगी फिर भी रुचि नही दिखाएंगे। परिजनों को अधिक समय दे गलतफहमियां दूर होंगी।

कन्या👩 (टो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो)
आज के दिन आपके मन मे उधेड़ बुन लगी रहेगी जो करना चाहेंगे उसे नही कर पाएंगे उल्टे जिस का को करने से चिढ़ते है मजबूरी में वही करना पड़ेगा। मध्यान तक का समय फिर भी मानसिक एवं पारिवारिक रूप से शांतिदायक रहेगा घर मे पूजा पाठ दानपुण्य होने से वातावरण ऊर्जावान रहेगा। मध्यान बाद का समय विविध उलझनों वाला रहेगा। कार्य व्यवसाय में भी आज मंदी का सामना करना पड़ेगा भागदौड़ करने पर भी खर्च निकलने लायक आय मुश्किल से ही मिल पाएगी। सहकर्मी अपना काम आपके सर थोपेंगे व्यवहारिकता में मना भी नही कर पाएंगे। लघु यात्रा के योग है सम्भव हो तो टाले खर्च के अलावा कुछ नही मिलेगा।

तुला⚖️ (रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते)
आज के दिन भागदौड़ लगी रहेगी दिन के आरंभ से ही आकस्मिक यात्रा की योजना बनेगी इसके अंत समय पर टलने की संभावना भी है। आज आप जो भी कामना करेंगे परिस्थिति स्वतः ही उसके अनुकूल बनने लगेगी कार्य व्यवसाय में प्रतिस्पर्धा रहने पर भी आपके कार्यो में बाधा नही पहुचेगी पूर्व में बनाई योजना आज फलीभूत होगी धन लाभ भी आवश्यकता पड़ने पर हो जाएगा लेकिन अतिरिक्त खर्च आने से हाथ मे रुकेगा नही। घर के सदस्यों से जबरदस्ती बात मनवाएँगे फिर भी परिजनों से भावनात्मक संबंध बने रहेंगे। संध्या बाद का समय अत्यधिक थकान वाला रहेगा फिर भी बेमन से सामाजिक व्यवहारों के कारण आराम करने का मौका चाह कर भी नही मिलेगा। सेहत में विकार आने की संभावना है सतर्क रहें।

वृश्चिक🦂 (तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू)
आज आप प्रत्येक कार्य बुद्धि विवेक से करेंगे लेकिन पूर्व में बरती अनियमितता के कारण आज शत्रु पक्ष प्रबल रहेंगे घर के सदस्यों का व्यवहार भी आज विपरीत रहेगा फिर भी आपको सबकी कमजोरी पता होने का फायदा मिलेगा लोग पीठ पीछे ही आलोचना करेंगे सामने कोई नही आएगा। व्यवसाय की गति आज अन्य दिनों को तुलना में धीमी रहेगी किसी कार्य से लाभ होते होते अंत समय मे लटक सकता है फिर भी खर्च निकालने लायक आय किसी पुराने अनुबंध द्वारा सहज हो जाएगी। भागीदारी के कार्य मे आज निवेश से बचे नाही किसी वस्तु का संग्रह करें आगे धन फंस सकता है। घर मे आवश्यकता के समय ही बोले शांति बनी रहेगी। सेहत में कुछ न कुछ विकार लगा रहेगा।

धनु🏹 (ये, यो, भा, भी, भू, ध, फा, ढा, भे)
आज का दिन आपके लिये प्रतिकूल रहेगा दिन के आरंभ से ही किसी से कहासुनी की संभावना रहेगी इसके लिये ज्यादा इंतजार भी नहीं करना पड़ेगा संतान अथवा किसी अन्य परिजन का उद्दंड व्यवहार कलह करवाएगा फिर भी आप धैर्य से काम लें अन्यथा एक बार मानसिक अशान्ति बनी तो संध्या तक परेशान करेगी। कार्य क्षेत्र से आज ज्यादा संभावना नही रहेगी फिर भी किसी न किसी माध्यम से आकस्मिक लाभ संचित कोष में वृद्धि करेगा। आज वाणी एवं व्यवहार पर अधिक संयम रखने की आवश्यकता है अन्यथा कई दिनों में बनी गरिमा धूमिल होने में वक्त नही लगेगा। संध्या के समय थकान अधिक होगी लेकिन स्वास्थ्य सामान्य बना रहेगा।

मकर🐊 (भो, जा, जी, खी, खू, खा, खो, गा, गी)
आज का दिन लाभदायक रहेगा लेकिन ध्यान रहे आपका व्यवहार होने वाले लाभ को कम या अधिक करने में महत्तवपूर्ण भूमिका रखेगा। वैसे तो आज काम निकालने के लिये मीठा व्यवहार ही करेंगे लेकिन जिससे ख़ट पट हुई उसकी शक्ल भी देखना पसंद नही करेंगे चाहे हानि ही क्यो ना हो। कार्य व्यवसाय के साथ अन्य मार्ग से धन की आमद अवश्य होगी माता का व्यवहार आज कुछ अटपटा रहने के बाद भी इनके सहयोग अथवा अचल संपत्ति से भी लाभ की संभावना है। पति-पत्नी में किसी बात को लेकर ठनेगी फिर भी मामला ज्यादा गंभीर नही होने देंगे। व्यावसायिक यात्रा से धन मिल सकता है। विदेश जाने के इच्छुक आज प्रयास अवश्य करें सफल होने की संभावना अधिक है। सेहत छोटी मोटी समस्या को छोड़ ठीक रहेगी।

कुंभ🍯 (गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा)
आज के दिन आपको उतार चढ़ाव का सामना करना पड़ेगा आपका स्वभाव आज संतोषी ही रहेगा फिर भी आकस्मिक आने वाले क्रोध पर नियंत्रण रखना आवश्यक है। आज आपका स्वभाव शंकालु रहेगा हर कार्य को करने से पहके हानि लाभ की परख करेंगे लेकिन किसी के दबाव अथवा बहकावे में आकर गलत निर्णय लेंगे बाद में इससे पछतावा हो इससे बेहतर आज ज्यादा झमेले वाले कार्यो से दूर ही रहे। भाई बंधुओ से संबंध ईर्ष्या युक्त होने पर भी कार्य क्षेत्र पर सहयोग अथवा मार्गदर्शन मिलने से आवश्यकता अनुसार धन सहज ही मिल जाएगा। घर मे पति-अथवा पत्नी की किसी गुप्त कामना को पूर्ण ना कर पाने पर खटास आ सकती है। धर्म कर्म में केवल व्यवहारिकता मात्र ही रहेगी। आरोग्य बना रहेगा।

मीन🐳 (दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची)
मन मे चंचलता बढ़ने के कारण आज आपका स्वभाव पल पल में बदलेगा किसी भी कार्य मे अनिर्णय की स्थिति बाधा डालेगी जिससे कार्यो में विलंब होगा। स्वभाव में आडंबर रहने पर सार्वजनिक क्षेत्र पर आपकी पहचान धनवानों जैसी बनेगी इसको बनाये रखने पर भी व्यर्थ खर्च करेंगे। कार्य व्यवसाय से आज कामना पूर्ति करना सम्भव नही माथापच्ची के बाद आय अवश्य होगी लेकिन नियमित ना होकर अंतराल पर होने से अधिक चौकन्ना रहना पड़ेगा। छाती अथवा छाती से ऊपरी भाग में कोई न कोई समस्या बनेगी समय से उपचार ले गंभीर भी हो सकती है। भावुकता अधिक रहेगी विपरीत लिंगीय के प्रति आकर्षित होंगे लेकिन मन ना मिलने पर दुख भी होगा।
〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰

1️⃣1️⃣❗0️⃣4️⃣❗2️⃣0️⃣2️⃣1️⃣

*🌹 आज का प्रेरक प्रसंग 🌹*

*!! सच्चा परिश्रम !!*
~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~

बनारस के छोटे से गांव में गोपाल नाम का एक किसान रहता था | उसके पास थोड़ी-सी खेती बाड़ी थी | उससे उसे जो कुछ मिल जाता था वह उसी से गुजारा कर लेता तथा अपनी छोटी सी गृहस्थी की गाड़ी खींच रहा था | वह कभी भी किसी के समक्ष हाथ नहीं फैलाता था |

संयोग की बात है | एक दिन गोपाल का एक बैल मर गया | बेचारा किसान बड़ी परेशानी में पड़ गया | जुताई का समय था खेत को जोतना आवश्यकता था | समय निकल जाने के पश्चात खेत जोतने से कोई लाभ नहीं होता | एक बैल के मर जाने से उसके पास ही एक ही बेल बचा | वह बड़ी परेशानी में बैठा हुआ था, उसे इस प्रकार बैठा देख उसकी पत्नी ने उससे पूछा – ” क्या बात है ! इस प्रकार मुंह लटकाए बैठे हो | गोपाल ने कहा – ” अरे क्या बताऊं ! जुताई का समय है | एक बैल के मर जाने से एक बैल से खेत जोतना असंभव है | इसी चिंता में बैठा हूं |”

पत्नी ने कुछ सोच कर कहा – ” देखो जी ! हमारे पास एक बैल तो है ही, जुताई में दूसरे बैल के स्थान पर मैं लग जाती हूं | इस प्रकार हमारा काम भी हो जाएगा |”

गोपाल ने काफी सोचा इसके अलावा उसे कोई चारा नजर नहीं आया | वह पत्नी को लेकर खेतों पर आया और हल के जुए में एक और बैल जोता और दूसरी और अपनी स्त्री को और काम करने लगा |

अचानक उसी समय उस राज्य का राजा अपने रथ में उधर से गुजरा | उसकी निगाह खेत पर काम कर रहे गोपाल पर गई | जिसने हल के जुए में एक तरफ बैल और दूसरी तरफ स्त्री को जोत रखा था | राजा को यह देख कर बड़ा आश्चर्य हुआ तथा साथ ही दु:ख भी हुआ | वह अपने रथ को रोककर गोपाल के पास जाकर बोला – ” यह तुम क्या कर रहे हो |”

गोपाल ने निगाह उठाकर उसकी ओर देखा और बोला – ” मेरा बैल मर गया है | और मुझे खेत जोतना जरूरी है | राजा ने कहा – ” भले मानस ! कहीं स्त्री से भी बैल का काम लिया जाता है |

गोपाल बोला – ” क्या करूं ! इसके अतिरिक्त कोई अन्य उपाय भी तो नहीं है |”

राजा कहने लगा – ” तुम ऐसा करो | मेरा एक बैल ले आओ |”

गोपाल बोला – ” किंतु; मेरे पास इतना समय नहीं है |”

राजा बोला – ” सुनो भाई ! तुम इस स्त्री को बेल लाने भेज दो | जब तक यह आएगी | तब तक मैं उसकी जगह काम करूंगा |

गोपाल की स्त्री ने कहा – ” तुम तो बेल देने को तैयार हो, पर तुम्हारी पत्नी ने इनकार कर दिया तो |”

राजा बोला -” तुम चिंता मत करो ऐसा नहीं होगा |”

गोपाल राजी हो गया |

उसकी स्त्री बैल लेने चली गई और राजा ने हल का जुआ अपने कंधे पर रख लिया |

किसान की स्त्री राजा के महल में पहुंची और उसने रानी के पास जाकर राजा की बात कही | तो वह बोली – ” अरी बहन ! एक बेल से कैसे काम चलेगा तुम्हारा | तुम्हारा बेल तो कमजोर होगा | हमारा बेल मजबूत है | दोनों साथ काम नहीं कर पाएंगे | तुम हमारे दोनों बैल ले जाओ |”

स्त्री को बड़ा आश्चर्य हुआ | उसे तो डर था कि वह कहीं एक बैल देने से इंकार न कर दे यहां तो एक छोड़ रानी दोनों बैलों को देने को राजी हो गई |

स्त्री बेलों को लेकर आई और पूरे खेत की बुवाई हो गई | कुछ समय पश्चात फसल हुई | गोपाल ने देखा तो वह आश्चर्य में पड़ गया | सारे खेत में अनाज पैदा हुआ है; किंतु जितनी जमीन पर राजा ने हल चलाया था और उसका पसीना बहा था | ” इतनी जमीन पर मोतियों उगे थे |”

यह सच्ची मेहनत का फल था | जहां राजा अपनी प्रजा की भलाई के लिए अपना पसीना बहुत आता है | वहां ऐसा ही फल प्राप्त होता है |

*सदैव प्रसन्न रहिये।*
*जो प्राप्त है, पर्याप्त है।।*
✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️

जय कुमार तिवारी

*हमेशा सच का साथ देना! ईमानदारी से आगे बढ़ना, दीनहीनों की आवाज को आगे पहुंचाना। सादा जीवन उच्च विचार और प्रकृति के बनाए हुए दायरे में जीवन निर्वहन करना। झूठ बोलने वालों और फरेब से दूर रहना, कभी किसी के अहित की बात नहीं सोचना। ईश्वर मेरे साथ हमेशा खड़े हैं!*

Related Articles

Leave a Reply

error: Content is protected !!
Close