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*ये कहानी फिल्मी नहीं हकीकत है!-हरिद्वार अर्धकुंभ में बिछड़ी कृष्णा देवी ऋषिकेश महाकुंभ में पुलिस के सहयोग से परिजनो को मिली*

ऋषिकेश: कुंभ मेले में लोगों के बिछड़ने और मिलने की कहानी आपने भी जरूर सुनी होगी। कुछ ऐसी ही कहानी आज तीर्थनगरी ऋषिकेश में भी देखने को मिली। 5 साल से पहले साल 2016 में हरिद्वार अर्धकुंभ में बिछड़ी हुई एक बुजुर्ग महिला कृष्ण देवी को ऋषिकेश महाकुंभ पुलिस ने परिजनों से मिलवाया है। जिसके बाद परिजनों और महिला की खुशी का ठिकाना नहीं रहा।

अर्धकुंभ में अपनों से बिछड़ी थी कृष्ण देवी5 साल पहले मेले में बिछड़ी एक बुजुर्ग महिला है। संयोग से महाकुंभ में अपनों से मिल गई। यह सुखद संयोग ही था कि इस बार के महाकुंभ आयोजन के दौरान ऋषिकेश त्रिवेणी घाट पर लंबे समय से लापता बुजुर्ग महिला कृष्णा देवी को पुलिस ने अपनों से मिलवाया है। अपनों से बिछड़ने के बाद जिस तरह से बुजुर्ग कृष्ण देवी अपने बेटे और परिवार से मिलीं, उसकी कहानी किसी फिल्म से कम नहीं है।


अर्धकुंभ में बिछड़ी अम्मा को महाकुंभ ने मिलवाया-
हरिद्वार अर्द्धकुंभ में आईं कृष्णा देवी उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर जिले की रहने वाली कृष्णा देवी वर्ष 2016 फरवरीकुंभ स्नान के लिए हरिद्वार आई थी। लेकिन इसी बीच वह अचानक अपनों से बिछड़कर लापता हो गई। कई दिनों के इंतजार के बाद जब वह घर पर नहीं लौटीं तो परिजनों ने हरिद्वार, अयोध्या, प्रयागराज जैसे कई स्थानों में खोजबीन की। लेकिन किसी तरह की कोई सफलता नहीं मिली। इतना ही नहीं परिजनों ने समाचार पत्रों टेलीविजन में गुमशुदगी का प्रचार- प्रसार और पुलिस में शिकायत भी दर्ज कराई, लेकिन कृष्ण देवी का कोई पता नहीं लगने पर परिजन मायूस होकर परिजनों खोजबीन बंद कर दी

5 साल पहले हुई थी लापता-

अर्धकुंभ के समय लापता बुजुर्ग कृष्णा देवी को खोज कर उनके मिलने की खबर पुलिस ने परिजनों को पहुंचाया। उसके बाद बुधवार को उनके बेटे दिलेश्वर पाठक ऋषिकेश अपने माता-पिता को लेने पहुंचे।ऋषिकेश परिवारों के साथ पहुंचे परिजनों में बेटे ने कृष्णा देवी माँ को देख छलके आंसू-

इस दौरान बूढ़ी मां को देख बेटा और बहू खुशी से रो पड़े। मां के मिलने पर परिजनों ने उत्तराखंड पुलिस का आभार व्यक्त किया। कृष्णा देवी के बेटे दिलेश्वर पाठक ने बताया कि वह गुजरात में नौकरी करते थे, लेकिन मां के लापता होने की वजह से उनकी नौकरी भी चली गई। जब माँ लापता हुई थी, तब उनकी बेटी 2 साल की थी। आज वह 7 साल की हो चुकी है। ऋषिकेश पुलिस ने कृष्णा देवी को खोज निकाला।कई शहरों में मां की तलाशउन्होंने बताया कि मां को ढूंढने के लिए उन्होंने भारत के कई शहरों की सड़कें भी नापी, लेकिन सफलता नहीं मिली। जब उत्तराखंड पुलिस और सिद्धार्थनगर पुलिस के सहयोग से मां के जीवित होने की जानकारी मिली तो उनके खुशी का ठिकाना नहीं रहा। कृष्णा देवी के पति ज्वाला प्रसाद ने पुलिस को बताया कि उनकी छोटी बेटी माया की अचानक मौत होने के बाद कृष्णा देवी खामोश रहने लगी थी। कृष्णा देवी स्वयं बताती हैं कि बेटी की मौत के बाद मन की शांति के लिए कुंभ स्नान के लिए घर से निकल गए थे। उसके जाने के बाद उसकी इच्छा नहीं हुई। वह अब माँ गंगा के तट को छोड़कर घर वापस जाना नहीं चाहती। कृष्ण देवी ने कहा कि उनकी इच्छा अब अमरनाथ जी के दर्शन करने की है।पुलिस ने मां को बेटे से मिलाया कुंभ थाना एसएसआई दीपक रावत ने बताया कि इसी तरह पुलिस वेरिफिकेशन अपराधिक प्रवृत्ति के लोगों पर नजर रखने के लिए किया जाता है, लेकिन पुलिस वेरिफिकेशन के माध्यम से लापता बुजुर्ग भी अपने परिजनों से मिल जाएगी, पुलिस ने भी कभी ऐसा नहीं सोचा था। बुजुर्गों को परिजनों के सुपुर्द करते हुए पुलिस की ओर से मुंह मीठा भी कराया गया है।

जय कुमार तिवारी

*हमेशा सच का साथ देना! ईमानदारी से आगे बढ़ना, दीनहीनों की आवाज को आगे पहुंचाना। सादा जीवन उच्च विचार और प्रकृति के बनाए हुए दायरे में जीवन निर्वहन करना। झूठ बोलने वालों और फरेब से दूर रहना, कभी किसी के अहित की बात नहीं सोचना। ईश्वर मेरे साथ हमेशा खड़े हैं!*

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