ऋषिकेश

*ऋषिकेश-शुक्रवार को तड़के एक हाथी जंगल से निकलकर शहर में घुस आया*

ऋषिकेश 5 मार्च।ऋषिकेश में शुक्रवार को तड़के एक हाथी जंगल से निकलकर शहर में घुस आया।हाथी हरिद्वार रोड गंगा विहार स्थित विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल के आवास क्षेत्र की ओर गया और यहां से निकलकर डिग्री कॉलेज की दीवार को तोड़कर आगे बढ़ गया।आबादी में जंगली हाथी को देख लोगों में हड़कंप मच गया। इस घटना को देखते हुए उत्तराखंड विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल ने आज भराड़ीसैंण विधानसभा परिसर में वन मंत्री हरक सिंह रावत से वार्ता की एवं इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति ना हो इस संबंध में विभाग द्वारा आवश्यक कार्यवाही किए जाने की बात कही।
विधानसभा अध्यक्ष ने वन मंत्री को बताया कि जानकारी के मुताबिक सुबह ऋषिकेश एम्स मार्ग पर एक हाथी सड़क पर आ गया।आवास-विकास कॉलोनी से लगे बगीचे से हाथी बाहर निकला। एक दांत वाले विशालकाय हाथी को देखकर लोगों में भय का माहौल पैदा हो गया। श्री अग्रवाल ने कहा कि इस प्रकार से एक बार पहले भी हाथी ऋषिकेश में आबादी वाले क्षेत्र में घुस गया था जिससे लोगों में हड़कंप मच गया था। अग्रवाल ने कहा कि जंगलों से हाथी का आबादी वाला क्षेत्र में बार बार आने से कभी भी कोई अप्रिय घटना घट सकती है।विधानसभा अध्यक्ष ने वन मंत्री से कहा कि वन विभाग इस पर आवश्यक कार्यवाही कर जंगली जानवरों को आबादी वाले क्षेत्रों में आने से रोकने के लिए ठोस रणनीति बनाकर कार्य करें।
वही इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष ने ऋषिकेश में स्थित संजय झील के सौंदर्यीकरण एवं पुनरुद्धार को लेकर भी वन मंत्री हरक सिंह रावत से वार्ता की। विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि तीर्थाटन के साथ ही पर्यटन को बढ़ावा देने की दृष्टि से संजय झील को विकसित किया जाना अति आवश्यक है ।संजय झील प्राकृतिक रूप से अत्यंत सुंदर है और इस के सौंदर्यीकरण से स्थानीय लोगों को रोजगार के अलावा बाहर से आने वाले पर्यटकों को एक सुंदर रमणीक स्थान देखने को मिलेगा। विधानसभा अध्यक्ष ने वन मंत्री से कहा कि शीघ्र ही इस पर कार्य योजना तैयार कर संजय झील को विकसित करने की दिशा में कार्य किया जाना चाहिये।
दोनों ही विषयों पर वन मंत्री ने विधानसभा अध्यक्ष को आश्वस्त करते हुए कहा कि शीघ्र ही इस संबंध में विभाग द्वारा आवश्यक क़दम उठाए जाएंगे।

जय कुमार तिवारी

*हमेशा सच का साथ देना! ईमानदारी से आगे बढ़ना, दीनहीनों की आवाज को आगे पहुंचाना। सादा जीवन उच्च विचार और प्रकृति के बनाए हुए दायरे में जीवन निर्वहन करना। झूठ बोलने वालों और फरेब से दूर रहना, कभी किसी के अहित की बात नहीं सोचना। ईश्वर मेरे साथ हमेशा खड़े हैं!*

Related Articles

Leave a Reply

error: Content is protected !!
Close