स्वास्थ्य

*अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में एम्स ऋषिकेश में होगा स्त्री वरदान कार्यक्रम*

एम्स में स्थापित विश्व का पहला रिकंस्ट्रक्टिव एवं कॉस्मेटिक गायनेकोलॉजी विभाग चला रहा अभियान प

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में 7मार्च 2021 रविवार को एम्स ऋषिकेश के रिकंस्ट्रक्टिव एवं कॉस्मेटिक गायनेकोलॉजी विभाग की ओर से संस्थान में रविवार को स्त्री वरदान अभियान के तहत कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, एम्स ऋषिकेश की पहल पर आयोजित विश्वव्यापी इस अभियान का ध्येय वाक्य है “चुप्पी तोड़ो, स्त्रीत्व से नाता जोड़ो”। ​स्त्रियों की समस्याओं पर आधारित एम्स की इस पहल पर आयोजित कार्यक्रम में देश और उत्तराखंड राज्य की कई लब्ध प्रतिष्ठित हस्तियां प्रतिभाग करेंगी। एम्स निदेशक पद्मश्री प्रोफेसर रवि कांत की देखरेख में आयोजित इस कार्यक्रम में सूबे की महामहिम राज्यपाल श्रीमती बेबी रानी मौर्य, आचार्य महामंडलेश्वर अवधेशानंद गिरी जी महाराज, स्वामी देवानंद सरस्वती जी महाराज, स्वामी विजय कौशल महाराज, हंस फाउंडेशन की प्रमुख माता श्री मंगला जी, राष्ट्रीय महिला आयोग, भारत सरकार की चेयरपर्सन रेखा शर्मा, यमकेश्वर क्षेत्र की विधायक ऋतु खंडूड़ी, देव संस्कृति विश्वविद्यालय के उपकुलपति डॉ. चिन्मय पांड्या, दिव्य प्रेम सेवा मिशन के संस्थापक आशीष गौतम प्रमुखरूप से शामिल होंगे।

गौरतलब है कि अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान एम्स ऋषिकेश की ओर से अपनी तरह के अनूठे स्त्री वरदान कार्यक्रम की शुरुआत गतवर्ष 31 अक्टूबर 2020 को रिकंस्ट्रक्टिव एवं कॉस्मेटिक गायनेकोलॉजी विभाग के डॉक्टर नवनीत मग्गो के मार्गदर्शन में की गई थी। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य महिलाओं की निजी समस्याओं का निवारण करना है। डा. मग्गो के अनुसार रिकंस्ट्रक्टिव एवं कॉस्मेटिक गायनेकोलॉजी विभाग, विश्व में अपनी तरह का पहला ऐसा विभाग है जो एम्स ऋषिकेश के निदेशक पद्मश्री प्रो. रवि कांत की दिव्यदृष्टि से 2020 में स्थापित किया गया था।

ऋ​षिकेश एम्स के स्त्री वरदान कार्यक्रम के निदेशक डॉ. नवनीत मग्गो का कहना है कि यह कार्यक्रम उन अंतर्मुखी महिलाओं की आवाज़ बनेगा, जो अपनी निहायत निजी स्वास्थ्य समस्याओं को चुपचाप सहती रहती हैं।

पत्रकार वार्ता में एम्स ऋषिकेश की गाईनो प्रमुख डॉक्टर प्रोफेसर जया चतुर्वेदी ने कहा कि महिलाएं अक्सर अपनी शरीर में रोगों को छुपाती है और डॉक्टर से खुलकर बात नहीं करती है अथवा परिवार में चुपचाप रोगों को सहन करते हुए अपने काम में लगी रहती है। इस पीड़ा को समझते हुए गाइनेकोलॉजिस्ट विभाग स्त्रियों के इस चुप्पी को तोड़ने के लिए स्वयंसेवी संस्थाओं के लगभग 300 कार्यकर्ताओं के साथ घर घर जाकर इस समस्या का समाधान करेगा और इस अवसर पर एक मोबाइल नंबर भी जारी किया गया जिसमें महिलाएं अपनी समस्याओं अपनी बीमारियों को खुलकर बता सकती हैं।
मोबाइल नंबर 8811009900 इस नंबर पर महिलाएं अपनी समस्याओं से डॉक्टरों को अवगत कराकर उनके निराकरण संबंधित सलाह ले सकती हैं।
एम्स ऋषिकेश के निदेशक पद्मश्री प्रो. रवि कांत के मार्गदर्शन में इस कार्यक्रम के माध्यम से देश की महिलाओं के कल्याण के लिए एक पहल की गई है, जिसकी शुरुआत उत्तराखंड से की जा रही है। उम्मीद जताई कि यह संकल्प जल्द साकार होगा और महिलाएं अपनी पीड़ा से मुक्त होंगी।

जय कुमार तिवारी

*हमेशा सच का साथ देना! ईमानदारी से आगे बढ़ना, दीनहीनों की आवाज को आगे पहुंचाना। सादा जीवन उच्च विचार और प्रकृति के बनाए हुए दायरे में जीवन निर्वहन करना। झूठ बोलने वालों और फरेब से दूर रहना, कभी किसी के अहित की बात नहीं सोचना। ईश्वर मेरे साथ हमेशा खड़े हैं!*

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