चमोली

*दूसरे दिन भी एसडीआरएफ का राहत कार्य जारी, 10 लाशें बरामद*


देहरादून:-रविवार का दिन उत्तराखंड के जनपद चमोली के तपोवन में जो हादसे का सैलाब लाया था इसके पीड़ितों को बचाने में उत्तराखंड पुलिस टीम कल से ही राहत कार्यों में लगी हुई है जिसके चलते कल शाम तक एसडीआरएफ व आईटीबीपी के संयुक्त प्रयासों के चलते 25 लोगों को रेस्क्यू किया गया था। वहीं आज सोमवार को दूसरे दिन एसडीआरएफ व आईटीबीपी की टीम द्वारा तड़के ही तपोवन व रैणी पावर प्रोजेक्ट की टनल में फंसे लोगों को बाहर निकालने को राहत कार्य शुरू कर दिया गया था। पुलिस महानिदेशक उत्तराखंड द्वारा स्वयं अपने निरीक्षण पर इस रेस्क्यू आपरेशन को संभाला जा रहा है।

जनपद चमोली के तपोवन में फिलहाल एसडीआरएफ व आईटीबीपी द्वारा किये जा रहे बचाव कार्यों में मौके पर मौजूद पुलिस महानिदेशक उत्तराखंड ने बताया कि इस आपदा में स्थिति फिलहाल नियंत्रण में है। यह सैलाब फिलहाल थम चुका है जिससे नदी के किनारे बसे अन्य गांव व जनपदों को अब कोई खतरा नही है।पानी का स्तर सामान्य लेवल पर आ चुका है किन्तु एतिहातन उनके द्वारा सभी ऋषिकेश व हरिद्वार में नदी किनारे की सभी गतिविधियों में रोक लगा दी गयी है।

उन्होंने आगे कहा कि वह अपील करते है कि कोई भी लोग अफवाह न फैलाव। एसडीआरएफ द्वारा राहत कार्य किया जा रहा है जिसके चलते उनके द्वारा कल तक 25 लोगों को टनल से सुरक्षित बाहर निकाला गया था व 10 मृतकों को बाहर निकाला है। उन्होने लापता लोगों के सापेक्ष में बताया कि जानकारी के अनुसार 153 लोग फिलहाल लापता है जिसमे रैणी पावर प्रोजेक्ट के 32 व तपोवन पावर प्रोजेक्ट के 121 लोगों के अभी टनल में फंसे होने की संभावना है। राहत कार्यों में लगी टीमों द्वारा अभी तपोवन क्षेत्र की टनलों को खोल दिया गया है व एक बड़ी टनल को खोलने का कार्य अभी जारी है।वह टनल बहुत बड़ी है व काफी मलबे से भरी हुई है। उन्होंने बताया कि जो कुल लापता लोग है उनमें से 25 से 36 लोगों के फंसे होने की संभावना है जिन्हें बचाने का प्रयास किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि रैणी गांव व मलारी गांव के लोगों का मुख्य सड़क मार्ग से जोड़ने वाला पुल टूट गया है किंतु पुलिस द्वारा उन लोगों से फ़ोन के माध्यम से संपर्क साधा गया है व हेली सेवाएं को भी होल्ड पर रखा गया है।

जय कुमार तिवारी

*हमेशा सच का साथ देना! ईमानदारी से आगे बढ़ना, दीनहीनों की आवाज को आगे पहुंचाना। सादा जीवन उच्च विचार और प्रकृति के बनाए हुए दायरे में जीवन निर्वहन करना। झूठ बोलने वालों और फरेब से दूर रहना, कभी किसी के अहित की बात नहीं सोचना। ईश्वर मेरे साथ हमेशा खड़े हैं!*

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