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*देवभूमि में लव जिहाद, मस्जिद और मजार तेजी से पांव पसार रहा है! – भगवा फोर्स उत्तराखंड प्रदेश अध्यक्ष डॉक्टर त्रंबक सेमवाल से एक खास बातचीत*

भगवा फोर्स के उत्तराखंड प्रदेश अध्यक्ष डॉक्टर त्रंबक सेमवाल से एक भेंटवार्ता हुई, भेंटवार्ता के दौरान एक प्रश्न के जवाब में कि आखिर पहाड़ में भगवे की आवश्यकता क्यों पड़ी?

देवभूमि जे के न्यूज़।

सेमवाल ने बताया कि देवस्थली शांति के पर्यायवाली भूमि देव भूमि उत्तराखंड सालों से अशांत सी होने लगी है। जगह -जगह मजार’ दरगाह’ मस्जिद बनने से कुछ अशांति सी छाने लगी थी। यहीं नहीं लव जिहाद जैसे मामले भी यहां पर तेजी से पैर पसारने लगे हैं। भगवे का उद्देश्य संप्रदायिक आग फैलाना नहीं है केवल हिंदू जनमानस को उनके धर्म के प्रति सचेत करना है। और भावी पीढ़ी को सनातन धर्म की शिक्षा देकर उनको सनातन धर्म की मुख्यधारा से जोड़ना है।
प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि पहाड़ में लव जिहाद की मुख्य जड़ यहां पर उत्तर प्रदेश, बिहार, उड़ीसा से आने वाले मुस्लिम संप्रदाय के फेरी वाले हैं, जो यहां गांव- गांव जाकर सामान बेचते हैं! यह बार-बार सामान बेचने के बहाने एक ही गांव में जाकर उन परिवारों के बच्चों और महिलाओं को चिन्हित करते हैं जिनका मुखिया घर से दूर रहते हैं, धीरे-धीरे यह फेरीवाले उनसे दोस्ती कर लेते हैं या तो यह स्वयं लव जिहादी बनकर काम कर जाते हैं या अन्य किसी को का परिचय करा कर यह लव जिहाद का अंजाम देते हैं ।

मेरी आज तक में यह बात समझ मेंनहीं आई कि जहां एक और बाजार में जब छोटा व्यापारी दुकान में सरकार की सारी शर्तें पूरी करता है- जैसे लाइसेंस जीएसटी में रजिस्ट्रेशन करा दी वहीं यह फेरीवाले किस के साए में गांव-गांव जाकर सामान बेचते हैं? या सरकार के पास इसका कोई रिकॉर्ड है या इनको कोई परमिशन हमारी सरकार ने दी है?
अब भगवा फोर्स द्वारा उत्तराखंड के सभी जनपदों के जिला अधिकारियों को अपना एक पत्र लिखकर दे रहा है कि उत्तराखंड देवभूमि में लूटखसोट चोरी और लव जिहाद जैसी घटनाओं पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से उत्तराखंड में फेरी लगाने वालों के लिए कोई ठोस नीति बनाए या उत्तराखंड जैसे शांत प्रदेश में बाहरी व्यक्तियों के फेरी लगाने पर प्रतिबंध लगाया जाए।

फेरी व्यवसाय उत्तराखंड में प्रतिबंधित कर दिया जाए इससे इन समस्याओं से निजात मिलेगी ही साथ ही उत्तराखंड का छोटा व्यापारी चैन की सांस ले पाएगा, और शांति पूर्वक अपना व्यवसाय कर पाएगा क्योंकि उनका 75 प्रतिशत व्यवसाय फेरीवाले चौपट कर जाते हैं। सस्ते के नाम पर नकली सामान बेच कर लोगों को गुमराह करते हैं।

जय कुमार तिवारी

*हमेशा सच का साथ देना! ईमानदारी से आगे बढ़ना, दीनहीनों की आवाज को आगे पहुंचाना। सादा जीवन उच्च विचार और प्रकृति के बनाए हुए दायरे में जीवन निर्वहन करना। झूठ बोलने वालों और फरेब से दूर रहना, कभी किसी के अहित की बात नहीं सोचना। ईश्वर मेरे साथ हमेशा खड़े हैं!*

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