UNCATEGORIZEDऋषिकेश

उत्तराखंड में लागू हो दिल्ली सरकार का शिक्षा का मॉडल- डॉ राजे सिंह नेगी।

राज्य में शिक्षा का बुनियादी ढांचा सुधारना बेहद आवश्यक- डॉ नेगी

देवभूमि जेके न्यूज ऋषिकेश।

ऋषिकेश-आम आदमी पार्टी के नेता डॉ राजे सिंह नेगी ने दिल्ली की केजरीवाल सरकार के शिक्षा के मॉडल से सबक लेकर प्रदेश की प्राथमिक शिक्षा में सुधार की मांग की है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में प्राइमरी शिक्षा एवं संस्कृत शिक्षा वर्षों से चरमरा रखी है जिसके सुधार के लिए उसमें आमूलचूल परिवर्तन करना बेहद आवश्यक हो गया है।आप के नेता डॉ नेगी ने एक जारी बयान में कहां कि प्राथमिक शिक्षा में सुधार हो इस मुद्दे पर वर्षों से उत्तराखंड की सत्ता पर काबिज राष्ट्रीय दलों की सरकारें विचार करती रही हैं। लेकिन यह सुधार कैसे होगा, इस पर कभी ईमानदारी से नहीं सोचा गया।राज्य में संस्कृत विद्यालयों की स्तिथि भी दयनीय है।यही वजह है कि सरकारी नियंत्रण वाले प्राथमिक और माध्यमिक स्कूलों में न तो शिक्षा का स्तर सुधर पा रहा है और न ही इनमें विद्यार्थियों को बुनियादी सुविधाएं मिल पा रही हैं।जाहिर है कि प्राथमिक स्कूलों में शिक्षा के सुधार के लिए जब तक कोई बड़ा कदम नहीं उठाया जाता, तब तक हालात नहीं बदलेंगे।उन्होंने कहा कि प्रदेश के सरकारी स्कूलों की दुर्दशा सुधारने के लिए मंत्री, सरकारी अफसर और सरकारी खजाने से वेतन या मानदेय पाने वाले हर व्यक्ति के बच्चे का सरकारी प्राइमरी स्कूल में पढ़ना अनिवार्य होना चाहिए,और जो शख्स ऐसा न करे, उसके खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जाए।सरकार मजबूत इरादे दिखाए तो यह व्यवस्था अगले शिक्षा सत्र से ही लागू हो सकती है। आम आदमी पार्टी के नेता डॉ नेगी के अनुसार सरकारी स्कूलों की दशा सुधारने के लिए इस तरह के सख्त कदम जरूरी हैं। अगर अब भी ऐसे कदम नहीं उठाए गए तो प्राथमिक शिक्षा का पूरा ढांचा चरमरा जाएगा और इसकी जिम्मेदार सिर्फ सरकार होगी।इस अवसर पर सेक्टर प्रभारी डॉ हरवेन्द्र त्यागी,कोर्डनेटर दिनेश असवाल,सर्किल इंचार्ज अमित बिश्नोई, दिनेश कुलियाल, मनोज भट्ट ,रुपेश चौहान, देवराज नेगी, सुनील कुमार वर्मा, ज्ञान सिंह रावत, संजय सिलस्वाल,नवीन मोहन, मनोज कोटियाल,गणेश बिजल्वाण, दिनेश कुलियाल,विक्रांत भारद्वाज,मनोज भट्ट,चंद्रमोहन भट्ट,जगदीश कोहली,अंकित नैथानी उपस्थित थे।

जय कुमार तिवारी

*हमेशा सच का साथ देना! ईमानदारी से आगे बढ़ना, दीनहीनों की आवाज को आगे पहुंचाना। सादा जीवन उच्च विचार और प्रकृति के बनाए हुए दायरे में जीवन निर्वहन करना। झूठ बोलने वालों और फरेब से दूर रहना, कभी किसी के अहित की बात नहीं सोचना। ईश्वर मेरे साथ हमेशा खड़े हैं!*

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