ऋषिकेश

*रेलवे अधिकारी(DRM)द्वारा मृतक के परिजनों को दिए गए अमानवीय जवाब से शर्मसार हुई मानवता*

देवभूमि जेके न्यूज ऋषिकेश
ऋषिकेश – पुराने रेलवे स्टेशन की नई सड़क पर विद्युत ट्रांसफार्मर से टकराने से हुई बनखंडी निवासी प्रदीप पाल की मौत के मामले को लेकर स्थानीय एक प्रतिनिधि मंडल ने उत्तर-रेलवे के महाप्रबन्धक आशुतोष गंगल से मिला । इस मौके पर उन्होंने मृतक के परिवार को आर्थिक सहायता ओर परिवार के एक सदस्य को नोकरी का ज्ञापन सौंपा ।
शनिवार को भाजपा के वरिष्ठ नेता ज्योति सजवान व पार्षद लता तिवाड़ी के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल रेलवे महाप्रबन्धक आशुतोष गंगल से मिला इस मौके पर उन्होंने मृतक के परिवार को आर्थिक सहायता देने को लेकर ज्ञापन सौंपा । लेकिन इस दौरान रेलवे के डीआरएम तरुण प्रकाश ने सड़क पर इस प्रकार के कई हादसे होने का जवाब देकर मृतक के परिवार को सांत्वना देने के बजाय उनके दिल को ठेस पहुंचाई गई । रेलवे अधिकारी द्वारा दिए गए आपत्तिजनक व अमानवीय जवाब से प्रतिनिधिमंडल ने रोष प्रकट किया ।

इस मामले में कोई स्पष्ट जवाब न मिलने से नाराज प्रतिनिधिमंडल जैसे ही रेलवे महाप्रबन्धक पुराने रेलवे स्टेशन पहुंचे वैसे ही प्रतिनिधि मंडल व परिजन भी पुराने रेलवे स्टेशन के मुख्य गेट पर खड़े हो गए और इस दौरान उन्होंने रेलवे अधिकारीयो के खिलाफ मुर्दाबाद के जमकर नारे लगाए ।

रेलवे अधिकारियों द्वारा कोई स्पष्ट जवाब न देने से मृतक के परिजन रेलवे महाप्रबन्धक की गाड़ी के सामने खड़े हो गए । इस दौरान रेलवे अधिकारी की गाड़ी के सामने खड़े परिजनों को हटाने के लिए बड़ी मशक्कत करनी पड़ी । लेकिन मृतक के परिजन गाड़ी के सामने से हटने को तैयार नहीं हुए इस दौरान प्रतिनिधिमंडल व परिजनों ने जमकर हंगामा किया।

इस मौके पर भाजपा नेता ज्योति सजवान ने कहा कि रेलवे अधिकारियों द्वारा मृतक के परिजनों को सांत्वना देने के बजाय आपत्तिजनक व अमानवीय जवाब दिया गया । उन्होंने कहा कि इस मामले को केंद्रीय रेलवे मंत्री तक ले जाया जाएगा । दुर्घटना रेलवे के अधिकारियों की लापरवाही से हुई है। रेलवे अधिकारियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा । इस मौके पर हरीश तिवाड़ी, राजेश दिवाकर सतीश पाल बाली पाल सुभाष पाल,विमला देवी, संगीता पाल,विजयलक्ष्मी आदि मौजूद थे।

जय कुमार तिवारी

*हमेशा सच का साथ देना! ईमानदारी से आगे बढ़ना, दीनहीनों की आवाज को आगे पहुंचाना। सादा जीवन उच्च विचार और प्रकृति के बनाए हुए दायरे में जीवन निर्वहन करना। झूठ बोलने वालों और फरेब से दूर रहना, कभी किसी के अहित की बात नहीं सोचना। ईश्वर मेरे साथ हमेशा खड़े हैं!*

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