धर्म-कर्मराशिफल

*क्या कहते हैं आज आपके सितारे? अपनी राशि के अनुसार जानिए आज का अपना राशिफल*

आज का राशिफल और पंचांग *************************** 21 नवंबर, 2020, शनिवार.

देवभूमि जेके न्यूज।

आज और कल का दिन खास
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21 नवम्बर- पंचक आज से होंगे शुरू।
21 नवम्बर- सहस्रार्जुन जयंती आज।

22 नवम्बर- गोपाष्टमी आज।
22 नवम्बर- जैन समाज आज मनायेगा अष्टान्हिका पर्व।
22 नवम्बर- मासिक दुगाष्टमी आज।

आज का राशिफल
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21 नवम्बर, 2020, शनिवार
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मेष राशि : आपके कार्यों की समाज में तारीफ होने से आपका रुतबा बढ़ेगा। व्यापार में इच्छानुकूल सफलता के योग हैं। कोई बड़े लाभ की उम्मीद है। पुराने निवेश से लाभ हो सकता है। पारिवारिक क्लेश रहेगा।

वृषभ राशि : सभी काम सिद्ध होंगे। व्यक्तिगत अथवा व्यापारिक कार्य से सुखद यात्रा हो सकेगी। आर्थिक लाभ के अवसर आएंगे। कार्यक्षेत्र का विस्तार होगा। आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। मित्रों का साथ मिलेगा। उन्नति के अवसर है।

मिथुन राशि : क्रोध एवं उत्तेजना पर नियंत्रण रखें। भाइयों से विवाद हो सकता है। रोजगार के क्षेत्र में उन्नति के योग हैं। जीवनसाथी के स्वास्थ्य की चिंता दूर होगी। आर्थिक संकट दूर होगा स्वास्थ में सुधार होगा।

कर्क राशि : आत्मविश्वास से कार्य करने पर वांछित प्रगति के योग हैं। व्यापार में नई योजनाओं के प्रति संभावनाएं बन सकेंगी। स्थायी संपत्ति में वृद्धि होगी। भवन भूमि के मामले यथावत रहेंगे।

सिंह राशि : आपके गुणों एवं योग्यताओं के कारण बिगड़े कामों में भी गति आ सकती है। नौकरी में प्रलोभन में नहीं रहें। धार्मिक रुचि बढ़ेगी। यात्रा सुखमय रहेगी। विवाह बाधा दूर होगी। आर्थिक लाभ हो सकता है।

कन्या राशि : धनकोष में वृद्धि होगी। अपने करियर के प्रति गंभीर निर्णय लें। आत्मविश्वास की कमी के कारण गलत फैसले ले सकते है। मन में कई दुविधाएं चल रही है। आध्यत्मिक बल से लाभ होगा।

तुला राशि : आज किसी पुराने मित्र से मुलाकात होगी। कर्ज संबंधी मामले आसानी से निपटेंगे। आपकी आर्थिक स्थिति संतोषजनक रहेगी। व्यापार के विस्तार के लिए प्रयास अधिक करने पड़ेंगे। परिजनों का साथ मिलेगा।

वृश्चिक राशि : कार्य स्थिति में सुधार की संभावना है। सुसंगति से हर्ष होगा। खान-पान का ध्यान रखें। अधिकारी सहयोग करेंगे। पारिवारिक चिंता रह सकती है। आप के कार्य से अधिकारी प्रभावित होंगे। नौकरी में बदलाव संभव है।

धनु राशि : पराक्रम व सुख-समृद्धि बढऩे से अनेक रुके काम पूरे होंगे। कार्य विस्तार होगा। प्रतिष्ठित व्यक्तियों से संबंध घनिष्ठ होंगे। भाइयों से विवाद की स्थिति निर्मित हो सकती है। अनजाने में कोई बड़ी गलती हो सकती है, सतर्क रहें।

मकर राशि : सहयोग व अच्छे संबंधों के कारण लाभ होगा तथा उन्नति करेंगे। व्यापार-व्यवसाय अच्छा एवं उन्नत रहेगा। बुद्धिमानी से समस्याओं का समाधान होगा। प्रेम-प्रसंग से दूर ही रहे, तो अच्छा होगा। मानसिक तनाव बढ़ सकता है।

कुम्भ राशि : जल्दबाजी ना करें। जीवनसाथी के स्वास्थ्य को लेकर चिंतित रहेंगे। आजीविका के लिए किए गए प्रयास सफल नहीं हो पाएंगे। आर्थिक कष्ट रहेगा। संतान की उन्नति में बाधा आ सकती है। दोस्तों का साथ मिलेगा।

मीन राशि : बुरी आदतों को हावी न होने दें। सुख में कमी आएगी। शत्रुओं द्वारा बाधाएं उत्पन्न की जा सकती हैं। पारिवारिक क्लेश होगा। व्यापार, नौकरी की चिंता रहेगी। भागदौड़ अधिक होने से थकान रहेगी।

आज का पंचांग
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21 नवंबर, 2020
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तिथि सप्तमी 21.50
नक्षत्र श्रवण 09.53
करण गर 09.35
वणिज 21.50
पक्ष शुक्ल
योग ध्रुव 30.00
वृद्धि 30.42
वार शनिवार
सूर्योदय 06.48
सूर्यास्त 17.25
चन्द्रमा मकर राशि में 22.26
राहुकाल 09.27 – 10.47
विक्रमी संवत्  2077
शक सम्वत 1942 (शार्वरी)
मास कार्तिक
शुभ मुहूर्त
अभिजित 11.45 – 12.28

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*👇👇 आज का प्रेरक प्रसंग 👇👇*

*!! एक धनी किसान !!*
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एक धनी किसान था। उसे विरासत में खूब संपत्ति मिली थी। ज्यादा धन-संपदा ने उसे आलसी बना दिया। वह सारा दिन खाली बैठा हुक्का गुड़गुड़ाता रहता था। उसकी लापरवाही का नौकर-चाकर नाजायज फायदा उठाते थे। उसके सगे-संबंधी भी उसका माल साफ करने में लगे रहते थे। एक बार किसान का एक पुराना मित्र उससे मिलने आया। वह उसके घर की अराजकता देख दुःखी हुआ। उसने किसान को समझाने की कोशिश की लेकिन उस पर कोई असर नहीं पड़ा। एक दिन उसने कहा कि वह उसे एक ऐसे महात्मा के पास ले जाएगा जो अमीर होने का तरीका बताते हैं। किसान के भीतर उत्सुकता जागी। वह महात्मा से मिलने को तैयार हो गया। महात्मा ने बताया, ‘हर रोज सूर्योदय से पहले एक हंस आता है जो किसी के देखने से पहले ही गायब हो जाता है। जो इस हंस को देख लेता है उसका धन निरंतर बढ़ता जाता है।’

अगले दिन किसान सूर्योदय से पहले उठा और हंस को खोजने खलिहान में गया। उसने देखा कि उसका एक संबंधी बोरे में अनाज भरकर ले जा रहा है। किसान ने उसे पकड़ लिया। वह रिश्तेदार बेहद लज्जित हुआ और क्षमा मांगने लगा। तब वह गौशाला में पहुंचा। वहां उसका एक नौकर दूध चुरा रहा था। किसान ने उसे फटकारा। उसने पाया कि वहां बेहद गंदगी है। उसने नौकरों को नींद से जगाया और उन्हें काम करने की हिदायत दी। दूसरे दिन भी कुछ ऐसा ही हुआ। इस तरह किसान रोज हंस की खोज में जल्दी उठता। इस कारण सारे नौकर सचेत हो गए और मुस्तैदी से काम करने लगे। जो रिश्तेदार गड़बड़ी कर रहे थे वे भी सुधर गए।

जल्दी उठने और घूमने-फिरने से किसान का स्वास्थ्य भी ठीक हो गया। इस प्रकार धन तो बढ़ने लगा, लेकिन हंस नहीं दिखा। इस बात की शिकायत करने जब वह महात्मा के पास पहुंचा तो उन्होंने कहा, ‘तुम्हें हंस के दर्शन तो हो गए, पर तुम उसे पहचान नहीं पाए। वह हंस है परिश्रम। तुमने परिश्रम किया, जिसका लाभ अब तुम्हें मिलने लगा है।

*सदैव प्रसन्न रहिये।*
*जो प्राप्त है, पर्याप्त है।।*
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जय कुमार तिवारी

*हमेशा सच का साथ देना! ईमानदारी से आगे बढ़ना, दीनहीनों की आवाज को आगे पहुंचाना। सादा जीवन उच्च विचार और प्रकृति के बनाए हुए दायरे में जीवन निर्वहन करना। झूठ बोलने वालों और फरेब से दूर रहना, कभी किसी के अहित की बात नहीं सोचना। ईश्वर मेरे साथ हमेशा खड़े हैं!*

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