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*उत्तराखंड विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल ने यज्ञ में आहुति डालकर सभी के स्वास्थ्य जीवन की कामना की*

देवभूमि जेके न्यूज।

डोईवाला 2 नवंबर। कोरोना संक्रमण के चलते 7 माह बाद डोईवाला स्थित स्वर्गीय हर ज्ञान चंद सरस्वती विद्या मंदिर में 10वीं एवं 12वीं कक्षा के लिए स्कूल खुलने पर बच्चों के स्वस्थ रहने की कामना के लिए यज्ञ का आयोजन किया गया।इस दौरान उत्तराखंड विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल ने यज्ञ में आहुति डालकर सभी के स्वास्थ्य जीवन की कामना की।

उत्तराखंड के 10वीं और 12वीं के छात्र छात्राओं के लिए आज से स्कूल खुल गए हैं वहीं स्वर्गीय हर ज्ञान चंद सरस्वती विद्या मंदिर स्कूल के खुलने पर स्कूल प्रबंधन द्वारा यज्ञ आयोजित किया गया।विधानसभा अध्यक्ष ने स्कूल में पहुंचकर कोरोना संक्रमण के बचाव हेतु आवश्यक दिशा निर्देशों को देखते हुए स्कूल एवं कक्षाओं का जायजा लिया।स्कूल में थर्मल स्कैनिंग एवं सैनिटाइजेसन के बाद छात्र छात्राओं को कक्षा में प्रवेश किया गया।साथ ही छात्र छात्राओं को सोशल डिस्टेंसिंग के मानकों के अनुरूप बैठाया गया।इस दौरान उपस्थित छात्र-छात्राओं में खासा उत्साह भी देखने को मिला।

इस अवसर पर स्कूल के प्रधानाचार्य महेश गुप्ता ने विधानसभा अध्यक्ष को जानकारी दी कि आज 10 एवं 12वीं के 24 बच्चों ने स्कूल में प्रवेश किया है।प्रधानाचार्य ने जानकारी देते हुए कहा कि दसवीं में 27 में से 23 बच्चों के एवं 12वीं में 35 बच्चों में से 28 बच्चों के अभिभावकों ने अपने बच्चों को स्कूल भेजने के लिए स्कूल प्रबंधन के समक्ष अपनी सहमति जताई है।प्रधानाचार्य ने अवगत किया कि आज छात्र छात्राओं की संख्या स्कूल का पहला दिन होने के कारण कम है परंतु आने वाले दिनों में यह संख्या बढ़ेगी।

इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष ने सभी बच्चों को शुभकामनाएं देते हुए मास्क पहनने एवं सेनीटाइजर का लगातार इस्तेमाल करने की बात कही।उन्होंने बच्चों को सोशल दूरी बनाए रखने के लिए भी जागरूक किया वहीं विधानसभा अध्यक्ष ने अध्यापकों को भी बच्चों का विशेष ख्याल रखने की बात कही।

इस अवसर पर संघचालक डोईवाला राजेंद्र बडो़नी, नरेंद्र गोयल, पुष्पा अग्रवाल, संघ प्रचारक ऋतुराज, संपूर्णानंद थपलियाल, सिया राम गिरी, सुभाष कृष्णाली, राजीव शर्मा, पंकज सेमवाल, संदीप पांडे, ऋषि पाल सहित अन्य लोग उपस्थित थे।

जय कुमार तिवारी

*हमेशा सच का साथ देना! ईमानदारी से आगे बढ़ना, दीनहीनों की आवाज को आगे पहुंचाना। सादा जीवन उच्च विचार और प्रकृति के बनाए हुए दायरे में जीवन निर्वहन करना। झूठ बोलने वालों और फरेब से दूर रहना, कभी किसी के अहित की बात नहीं सोचना। ईश्वर मेरे साथ हमेशा खड़े हैं!*

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