UNCATEGORIZED

*ज्ञान करतार आश्रम कात्यानी मंदिर मे माता की चौकी का आयोजन किया गया*

देवभूमि जे के न्यूज़ ऋषिकेश।

आज ज्ञान करतार आश्रम कात्यानी मंदिर मे माता की चौकी का आयोजन किया गया जिसमें आए हुए सभी श्रद्धालुओं ने मां कात्यायनी की पूजा-अर्चना कर मां से सुख शांति समृद्धि की कामना की कात्यायनी मंदिर में राकेश राणा एंड पार्टी द्वारा मां का गुणगान किया गया कार्यक्रम का शुभारंभ संयुक्त तत्वाधान में सीमा डेंटल कॉलेज के निर्देशक डॉ हिमांशु एरन एवं उद्योगपति बचन पोखरियाल चंद्रवीर पोखरियाल शिवमूर्ति कंडवाल कात्यानी मंदिर के संस्थापक गुरविंदर सलूजा नमिता सलूजा पंडित रवि शास्त्री अभिषेक शर्मा राजपाल खरोरा गोविंद अग्रवाल सभी के संयुक्त तत्वाधान में कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया सभी ने मां की ज्योत जलाकर कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया
नवरात्र में छठवें दिन देवी शक्ति मां कात्यायनी की पूजा की जाती है। देवी शक्ति के नौ रूपों में छठवें रूप का नाम कात्यायनी है। परंपरागत रूप से मां कात्यायनी,देवी दुर्गा की तरह लाल रंग से जुड़ी हुई हैं। इस दिन लाल फुल, लाल फल,लाल वस्त्र आदि का बड़ा महत्व होता है। संस्कृत में उमा, कात्यायनी, गौरी, काली, हैमावती, इश्वरी इन्हीं के अन्य नाम बताये गए हैं। अमरकोष में इन्हें माता पार्वती के लिए दूसरा नाम माना गया है। शक्ति के आराधक के बीच माता कात्यायनी, शक्ति या दुर्गा, जिसमें भद्रकाली और चंडिका भी शामिल है, के रूप में भी प्रचलित हैं।
नौ दिन तक चलने वाले नवरात्रि में षष्ठी के दिन उनकी पूजा की जाती है। कहा जाता है कि इस दिन साधक का मन आज्ञा चक्र में होता है। इस चक्र में स्थित मन वाला साधक मां कात्यायनी के चरणों में अपना सर्वस्व निवेदित कर देता है। ऐसे भक्तों को सहज भाव से मां की असीम कृपा प्राप्त होती है।
मां कात्यायनी का ध्यान गोधुली बेला में करना सर्वोत्तम होता है
नवरात्रि का छठा दिन मां कात्यायनी की उपासना का दिन होता है। माना जाता है कि इनके पूजन से तों में शक्ति का संचार होता है। मां कात्यायनी का ध्यान गोधुली बेला में करना सर्वोत्तम होता है। पंडित रवि शास्त्री ने बताया कि
मां कात्यायनी के पूजा के लिए लोक पढ़ना चाहिए,और मां का आशीर्वाद पाने के लिए नवरात्रि में छठे दिन इसका जाप भी करना चाहिए। इनका श्लोक है ‘या देवी सर्वभूतेषु शक्ति रूपेण संस्थिता, नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:। इसका अर्थ है हे मां सर्वत्र विराजमान और शक्ति -रूपिणी प्रसिद्ध अंबे, आपको मेरा बार-बार प्रणाम हैं। ऐसी मान्;यता है कि देवी कात्यायनी को जो सच्चे मन से याद करता है उसके रोग, शोक, संताप, भय आदि सर्वथा नष्ट हो जाते हैं।
इस अवसर पर ज्ञान करतार आश्रम मां कात्यायनी मंदिर के संस्थापक गुरविंदर सलूजा, नमिता सलूजा, बच्चन पोखरियाल, सीमा डेंटल कॉलेज के निर्देशक हिमांशु एरन ,नगर निगम की महापौर अनीता मंमगाई ,चंद्रवीर पोखरियाल, शिवमूर्ति कंडवाल, राजपाल खरोला, संजय शास्त्री, अशोक रस्तोगी, गोविंद अग्रवाल, वेद प्रकाश ,नीतू अरोड़ा, तृप्ति कालड़ा, नवनीत नागलिया, विनोद धई,
सुधीर कालड़ा, अशोक कुमार अरोड़ा, संदीप गुप्ता आदि लोग मौजूद रहे सभी भक्तों ने राकेश राणा एंड पार्टी द्वारा मां के सुर मधुर भजन गाकर सभी को मंत्रमुग्ध किया सभी ने माता रानी की भजनों पर खूब नाचे।

Related Articles

20 Comments

Leave a Reply

error: Content is protected !!
Close