ऋषिकेशधर्म-कर्म

*प्रेमवरणी आश्रम में कोरोनावायरस निवारणार्थ यज्ञ एवं हवन का आयोजन*

देवभूमि जेके न्यूज ऋषिकेश।

स्वर्गाश्रम स्थित प्रेमवरणी आश्रम में विश्वव्यापी महामारी कोरोनावायरस से मुक्ति हेतु यज्ञ और हवन का आयोजन किया गया।
इस अवसर पर आश्रम के परमाध्यक्ष स्वामी प्रेमवरणी जी महाराज ने कहा कि कोरोना महामारी विश्व को झकझोर कर रख दिया है। प्राचीन भारतीय संस्कृति में दिनचर्या का शुभारंभ हवन, यज्ञ, अग्निहोत्र आदि से होता था। तपस्वी और ऋषि-मुनियों से लेकर सद्गृहस्थों, वटुक-ब्रह्मचारियों तक नित्य प्रति यज्ञ किया करते थे। प्रातः और सायं यज्ञ करके संसार के विविध रोगों का निवारण करते थे। यज्ञों का वैज्ञानिक आधार है।
यज्ञों के माध्यम से शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक लाभ उठाया जा सकता है और विभिन्न रोगों से छुटकारा भी पाया जा सकता है। इतना ही नहीं संपूर्ण वैज्ञानिक एवं वैदिक विधि से किए गए यज्ञ से वृक्ष-वनस्पतियों की अभिवृद्धि भी की जा सकती है। यज्ञ अनुसंधान वैज्ञानिक अध्यात्मवाद की एक शोध शाखा है।

शारीरिक रोगों के साथ ही मानसिक रोगों मनोविकृतियों से उत्पन्न विपन्नता से छुटकारा पाने के लिए यज्ञ चिकित्सा से बढ़कर अन्य कोई उपयुक्त उपाय-उपचार नहीं है। विविध अध्ययन, अनुसंधानों एवं प्रयोग परीक्षणों द्वारा ऋषि प्रणीत का यह तथ्य अब सुनिश्चित होता जा रहा है।
यज्ञ और हवन में मुख्य रूप से जय वीर शास्त्री, सुरेंद्र त्यागी, रामेश्वर त्यागी, संजय मिश्रा, विनीत परमार्थ, राजकुमार, आदर्श शर्मा, वीणा बहेती, पुरुषोत्तम शर्मा, दिव्यावरणी, मुकेश कुमार, भूमि, वर्षाविनीत सम्मिलित हुए।

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