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*01 नवम्बर से उत्तराखंड में पहले चरण में स्कूल खुलेंगे, पहले चरण में केवल 10वीं और 12वीं के बोर्ड परीक्षार्थियों के लिए स्कूल खोले जाने का लिया गया फैसला*

देवभूमि जे के न्यूज़ ऋषिकेश।
देहरादून : उत्तराखंड कैबिनेट की बैठक समाप्त हो गयी है. इस बैठक में कई अहम फैसले लिए गए. शासकीय प्रवक्ता मदन कौशिक ने फैसलों की जानकारी दी. उत्तराखंड कैबिनेट ने प्रदेश में स्कूल खोले जाने को लेकर फैसला ले लिया है. बता दें कि आज त्रिवेंद्र सरकार की कैबिनटे बैठक थी, जिसमे अहम मुद्दा स्कूल का था कि स्कूल खोले जाएंगे या नहीं। इस पर त्रिवेंद्र कैबिनेट ने फैसला ले लिया है।

01 नवम्बर से उत्तराखंड में पहले चरण में स्कूल खुलेंगे। पहले चरण में केवल 10वीं और 12वीं के बोर्ड परीक्षार्थियों के लिए स्कूल खोले जाने का फैसला लिया गया है। आपको बता दें कि उत्तराखंड कि सरकार ने अभिभावकों और शिक्षकों से स्कूल खोले जाने को लेकर राय पूछी थी, जिसमें अधिकतर अभिभावकों और शिक्षकों ने बोर्ड परीक्षार्थियों के लिए स्कूल खोले जाने पर सहमति दी थी, जिसके बाद उत्तराखंड की त्रिवेंद्र सरकार ने 10वीं और 12वीं के बोर्ड परीक्षार्थियों के लिए स्कूल खोलने का फैसला कर दिया है। बाकी कक्षाओं के लिए कैबिनेट में अभी कोई फैसला नहीं लिया.

कोविड की वजह से 1 दिन के वेतन कटौति को कैबिनेट ने वापस ले लिया है।
राज्य कर्मचारियों की एक दिन की वेतन कटौती को किया गया वापस।
मुख्यमंत्री विधानसभा अध्यक्ष कैबिनेट मंत्रियों, विधायकों,आईएएस आईएफएस और पीसीएस अधिकारियों का कटता रहेगा वेतन।
त्योहारी सीजन को देखते हुए कैबिनेट में राज्य कर्मचारियों की वेतन कटौती के फैसले को लिया वापस।
2 लाख 43 हजार पर्यटन व्यवसाय से जुड़े लोगों को एक-एक हजार रुपए देने का पहले जो निर्णय लिया गया था उसके तहत अब एक-एक हजार रुपए और पर्यटन व्यवसाय से जुड़े लोगों को सरकार देगी.
वर्ग 4 भूमि और वर्ग 3 की भूमि को लेकर साल 2016 में कमेटी बनी थी, जिसके बाद फिर कुछ कमेटी बनाई गई थी लिहाजा अब उसका निर्णय लिया गया है कि वर्ग 3 की भूमि 132 धारा के तहत ना हीं रेगुलाइज किया जाएगा, ना ही मालिकाना हक दिया जाएगा.
1983 और उससे पहले से कब्जे धारी को 2004 के तहत पढ़ने वाली सर्किल रेट का मात्र 5% देना होगा.
उत्तराखंड अधी प्रमाणीकरण नियमावली बनाई गयी.
महाकुंभ को देखते हुए सभी अखाड़ा परिषदों को एक-एक करोड़ रुपए दिए जाने का राज सरकार ने लिया निर्णय.
अपने टेक्निकल टीम के माध्यम से राज्य सरकार प्रति अखाड़ा 1 करोड़ तक करेगी खर्च.
नई खेल नीति पर कैबिनेट ने लगाई मुहर

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