ऋषिकेशशहर में खास

*”मेरे गांधी के सपनों का अब यह देश नहीं है”*

*गांधी जयंती के अवसर पर अखिल भारतीय साहित्य परिषद द्वारा "गांधी के अरमानों का भारत एवं वर्तमान भारत की दशा " विषय पर एक गोष्ठी का आयोजन किया गया*

राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती पर एक गोष्ठी का आयोजन किया गया। गोष्ठी में कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए साहित्य परिषद के प्रांतीय अध्यक्ष सुनील पाठक ने गांधी जी के विराट चिंतन पर अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि गांधीजी हृदय की भाषा बोलते थे एवं उन्होंने अपने सबसे छोटे बेटे देवदास गांधी को प्रेसिडेंसी कॉलेज मद्रास हिंदी के प्रचार प्रसार के लिए भेजा क्योंकि गांधीजी मानते थे की हिंदी ही संपूर्ण भारत में एक संपर्क भाषा के रूप में हर भारतवासी को जोड़ सकती है। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि महाराष्ट्र से साहित्यकार पवन तिवारी ने गांधी जी को एक बरगद के रूप में वटवृक्ष की भांति बताया। उन्होंने गांधीजी के स्वच्छ भारत ,स्वदेशी एवं स्वाबलंबी भारत के कल्पना को साकार करने के लिए उनके विचारों पर चलने का आवाहन किया ।
विशिष्ट अतिथि प्रांतीय महामंत्री शिव प्रसाद बहुगुणा ने गांधी जी को सदी का महामानव बता कर अपनी कविता “मेरे गांधी के सपनों का अब यह देश नहीं है।
उनके आदर्शों का इसमें तनिक भी समावेश नहीं है ,
कुचले जाते नित नव गांधी भ्रष्ट तंत्र की जे.सी.बी से
नेकी सत निष्ठा का तंबू
भ्रष्टों की रेतीली अंधड़ में
तृण कम्पित सा डोल रहा है।
अब यह मेरे सपने गांधी के सपनों का देश नहीं है , स्वरचित रचना प्रस्तुत की ।साहित्यकार एवं प्रांतीय संरक्षिका अरुणा वशिष्ठ ने गांधी जी पर महा कवि सुमित्रानंदन पंत की कविता ‘हे अस्थिशेष, हे अस्थिहीन ,हे चिरपुराण ,हे चिर नवीन! पेश की ।
कार्यक्रम का सुन्दर संचालन विपिन पांडे जी ने किया एवं डॉक्टर गुंजन जोशी ने मधुर कंठ से शारदे मां का आवाहन किया।

इस अवसर पर ऋषिकेश नगर महामंत्री जय कुमार तिवारी ने गांधीजी एवं लाल बहादुर शास्त्री जी के जीवन मूल्यों को अपनाने की बात कही। मनोज गुप्ता आचार्य मनुश्री ने गांधी जी को आज के दिन पर अत्यधिक प्रासंगिक बताया ।प्रांतीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष डॉक्टर धीरेंद्र रागड ने गांधी जी के त्याग एवं बलिदान तथा लाल बहादुर शास्त्री की के समर्पण को अपने वक्तव्य में उजागर किया। इस अवसर पर आशीष त्रिपाठी, श्रद्धा पाठक, भास्कर पंत ,डॉ वंदना खंडूरी, नरेंद्र रयाल, ऊषा वर्मा, मंजू पांडे उदिता ,नरेंद्र खुराना ,विवेक डोभाल, नीलम रतूड़ी, मणि रमन, मौजूद थे।
कार्यक्रम का संयोजन पुष्प लता जोशी पुष्पांजलि हल्द्वानी इकाई अध्यक्ष तथा मनोज गुप्ता ऋषिकेश ने संयुक्त रुप से किया।

जय कुमार तिवारी

*हमेशा सच का साथ देना! ईमानदारी से आगे बढ़ना, दीनहीनों की आवाज को आगे पहुंचाना। सादा जीवन उच्च विचार और प्रकृति के बनाए हुए दायरे में जीवन निर्वहन करना। झूठ बोलने वालों और फरेब से दूर रहना, कभी किसी के अहित की बात नहीं सोचना। ईश्वर मेरे साथ हमेशा खड़े हैं!*

Related Articles

6 Comments

Leave a Reply

Your email address will not be published.

error: Content is protected !!
Close