ऋषिकेशधर्म-कर्मशहर में खास

*परमार्थ निकेतन में विश्व का भविष्य माने जाने वाले युवाओं में तर्कसंगत सोच को बढ़ावा देने हेतु वेबनार का आयोजन! *

*युवाओं ने चैंपियंस और सकारात्मक परिवर्तन की प्रेरक कहानियां साझा की पद्मश्री कैलाश खेर का संगीत और प्रेरणादायी व्यक्तव्य*

देवभूमि जेके न्यूज ऋषिकेश!

12 अगस्त, ऋषिकेश। अंतर्राष्ट्रीय युवा दिवस के महत्वपूर्ण अवसर पर, ग्लोबल इंटरफेथ वाश एलायंस (जीवा), ने संयुक्त राष्ट्र जनसंख्या कोष (यूएनएफपीए) भारत के साथ साझेदारी में, युवाओं और युवा कार्यकर्ताओं के मार्गदर्शन हेतु एक वेबिनार का आयोजन किया गया। जिसमें विभिन्न क्षेत्रों की मशहूर हस्तियों एवं सफल पेशेवर हस्तियों ने सहभाग किया। इस वेबिनार में चर्चा की गयी कि वैश्विक स्तर पर युवाओं के लिये एक ऐसा क्षेत्र विकसित करना है जहाँ युवा अपनी सामाजिक और सांस्कृतिक विशिष्टता का आदान-प्रदान कर सकते हैं। जिससे विविध सामाजिक-सांस्कृतिक परिवेश का मिश्रण हो।

इस वर्ष संयुक्त राष्ट्र अंतर्राष्ट्रीय युवा दिवस की थीम ’’यूथ इंगेजमेंट फॉर ग्लोबल एक्शन’’ रखी गयी हैं। आज की इस वेबिनार के माध्यम से विश्व स्तर के प्रख्यात युवा नेता, प्रेरक संरक्षक, पेशेवर और उद्यमियों ने एक साथ आकर उन सभी प्रमुख चुनौतियों पर चर्चा की जो हमारे चारों ओर व्याप्त है और हमारे युवा जिसका सामना कर रहे हैं। साथ ही इस पर भी चर्चा हुई कि सकारात्मक कार्रवाई की पुष्टि करने के लिए, भारत के युवा कैसे और भी अधिक चेंजमेकर बन सकते हैं, इस बारे में संदेशों और एकीकृत प्रतिबद्धताओं को सशक्त बनाना। युवाओं के सशक्तिकरण के लिए सामूहिक रूप से कार्य करना।
इस वेबिनार के माध्यम से भारत में युवाओं को उन्हें अपने दिल का अनुसरण करने, अपने जुनून को खोजने और अपने सपनों को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध होने का संदेश दिया। साथ ही लक्ष्य को पाने लिये मार्ग में आने वाली बाधाओं का दृढ़ता से सामना करने वाली व्यक्तिगत और प्रेरक कहानियांे को भी साझा किया गया।

स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज ने आज अंतर्राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर संदेश दिया कि आईए हम अपनी जड़ों की ओर लौटे, अपने समुदायों से गहराई से जुड़ें, हमारे इतिहास और हमारी विरासत को समझे। आज बदलाव के बीजों का रोपण कर भविष्य में उड़ान भरने के लिए विज्ञान और प्रौद्योगिकी से सशक्त हो। उन्होंने कहा कि किसी भी उम्र में युवा कैसे बने रह सकते हैं, यह शारीरिक प्रक्रिया से अधिक मानसिकता प्रक्रिया है। आईये व्यस्त रहें, स्वस्थ रहे और मस्त रहें।

कैलाश खेर ने कहा कि ’’देश उन्नतिशील नहीं होता, धन के भरे खजानों से। देश उन्नतिशील नहीं होता, टैंक, तोप और विमानों से। देश उन्नतिशील होता है, उन्नतिशील नौजवानों से, आईये युवाओं को उन्नति की ओर बढ़ने हेतु मार्गदर्शन, प्रेरणा और साहस प्रदान करें। अपने जीवन की कहानी साझा करते हुये कहा कि परमार्थ निकेतन से मेरे जीवन की यात्रा शुरू हुई आज यहां तक पहंुची। जीवन में कई निराशा भी हुआ परन्तु मैने उसे आशाओं में बदला।

डाॅ साध्वी भगवती सरस्वती ने पैनलिस्टों का स्वागत करते हुये अंतर्राष्ट्रीय युवा दिवस की थीम पर जोर देते हुये कहा कि आज संयुक्त राष्ट्र और अन्य प्रसिद्ध लीडर्स के एक साथ आने की खुशी है। हम कहते हैं कि युवा भविष्य हैं, लेकिन आज भविष्य केवल हमारे घर के दरवाजे पर नहीं है, यह हमारे घर के अंदर है! आज हमें युवाओं को आगे बढ़ाने के लिए तैयार रहना होगा। युवा ऊर्जा, विचारों और आशावाद से भरे हैं। आज विज्ञान और प्रौद्योगिकी की दुनिया, विकास की दुनिया है, हमारी दुनिया के सामने आने वाली चुनौतियां इतनी तेजी से बदल रही हैं कि वास्तव में ऐसा कोई पाठ्यक्रम नहीं है जिसे हम अपने युवाओं को आत्मविश्वास के साथ आगे की चुनौतियों के लिए तैयार कर सकें, कनेक्शन, साहस और रचनात्मकता के पाठ्यक्रम को छोड़कर! हमें अपने युवाओं को उनकी जड़ों, उनकी विरासत और संस्कृति से जुड़े रहने के लिए, चुनौतियों को हल करने के नए तरीकों के बारे में तथा रचनात्मक तरीके से सोचने के लिये तैयार करना होगा।

अर्जेंटीना मातेवेल पिकासीन ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र जनसंख्या कोष, युवाओं में चैंपियन के रूप में परिवर्तन हेतु जबरदस्त क्षमता को मान्यता देता है। इन पिछले कुछ महीनों में भारत सहित दुनिया भर के युवाओं ने अपने समुदायों को सुरक्षित रखने हेतु अद्भुत कार्य किया। चुनौतीपूर्ण समय में कई युवा स्वयंसेवक के रूप में डोर-टू-डोर जाकर बहुत आवश्यक जानकारी और अन्य सेवाएं दे रहे हैं तथा अन्य परिवारों और समुदायों के बुजुर्गों की सहायता कर रहे। आईये हम उनकी प्रतिभा और कौशल को उनके परिवारों, स्कूलों और समाज के भीतर सच्चे परिवर्तनकारी के रूप में खोजने में मदद करते हैं। ”

डॉ यास्मीन अली हक ने मार्मिक शब्दों के साथ कहा कि “जैसा कि हम इस वैश्विक संकट से उबरकर पुनर्निर्माण की प्रक्रिया को अपनाते हैं और एक बेहतर कल का पुनर्निर्माण करने के लिये प्रयासरत हैं, इस हेतु सभी को प्रयास करना चाहिए।

अमीश त्रिपाठी “यह हमारे युवाओं के पारंपरिक भारतीय संस्कृति के संबंध को मजबूत करने के लिए पहले से कहीं अधिक महत्वपूर्ण है। उदाहरण के लिए पर्यावरणवाद और वास्तविक उदारवाद के क्षेत्रों में यह समाज को कई तरह से मदद कर सकता है। लेकिन इससे भी महत्वपूर्ण बात यह है कि यह युवाओं को शांतिपूर्ण, संपन्न और खुशहाल जीवन जीने में मदद करेगा। मैं अपने छोटे से तरीके से इस नेक अभियान का हिस्सा बनकर सम्मानित महसूस कर रहा हूं। ”

पूनम महाजन ने अपने विचार साझा करते हुये कहा कि “सभी को प्रतिकूलताओं और असफलताओं का सामना करना पड़ता है, लेकिन इसे एक गुलेल की तरह यह आपको वापस नहीं पकड़ना चाहिए, आपको आगे बढना होगा। मैंने अपनी असफलताओं से सीखा और मुझे सच में विश्वास है कि सफलता का सबसे अच्छा तरीका है अपने लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित करना और कड़ी मेहनत करना। ये सफलता के दो ही रास्ते हैं। ”

रूबल नागी ने अंतर्राष्ट्रीय युवा दिवस पर अपने विचार साझा करते हुये कहा कि “युवा सशक्तीकरण युवाओं को एक समान अवसर देने और उनके जुनून का पालन करने का साहस प्रदान करता है। “जब आप इस हेतु दिल को सिखाते हैं, तो मन इसका अनुसरण करने लगता है।“ तो चलिए युवाओं पर विश्वास करते हैं। आइए उन्हें उत्कृष्टता प्रदान करने के लिए उपयुक्त संसाधन प्रदान करें। ”

सम्मानित पैनलिस्ट और वक्ताओं में शामिल हैंः

पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी – परमाध्यक्ष, परमार्थ निकेतन; सह-संस्थापक / अध्यक्ष, ग्लोबल इंटरफेथ वाश एलायंस
पद्मश्री कैलाश खेर – आध्यात्मिक, सूफी और लोक गायक; गीतकार; संगीतकार
डाॅ साध्वी भगवती सरस्वती – अन्तर्राष्ट्रीय महासचिव, ग्लोबल इंटरफेथ वाश एलायंस; अध्यक्ष, डीवाइन शक्ति फाउंडेशन,
अर्जेंटीना माटवेल पिकासीन, – प्रतिनिधि, संयुक्त राष्ट्र जनसंख्या कोष, भारत; निदेशक, यूएनएफपीए, भूटान
डॉ यास्मीन हक – प्रतिनिधि, यूनिसेफ, भारत; भारत में कार्यवाहक, संयुक्त राष्ट्र के रेजिडेंट कोऑर्डिनेटर
अमीश त्रिपाठी – लेखक; निदेशक, नेहरू सेंटर लंदन
पूनम महाजन – संसद सदस्य, मुंबई उत्तर मध्य; राष्ट्रीय अध्यक्ष, भारतीय जनता युवा मोर्चा,
रूबल नागी – सामाजिक कार्यकर्ता और प्रख्यात कलाकार; संस्थापक, आरएन आर्ट फाउंडेशन और मिशाल मुंबई / भारत
मिक्की अग्रवाल – सामाजिक उद्यमी; सर्वश्रेष्ठ विक्रय लेखक; ज्न्ैभ्ल् और ज्भ्प्छग् के संस्थापक
राहुल कुमार – मैनेजिंग ट्रस्टी, संस्कृती गंगा ट्रस्ट; निदेशक, फोरम ऑफ डेमोक्रेटिक गवर्नेंस
संजय राय – राष्ट्रीय संयोजक, राष्ट्रीय युवा परियोजना
मल्लिका बजाज – डिजिटल मीडिया उद्यमी; बाल अधिकार अधिवक्ता; संस्थापक, लिटिल येलो बीटल
प्रतिष्ठा देवेश्वर – विकलांगता, समावेश और पहुँच अधिकार कार्यकर्ता; ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय में अध्ययन करने वाले व्हीलचेयर का उपयोग करने वाले पहले भारतीय
लिसेप्रिया कंगुजम – 8 वर्षीय जलवायु और पर्यावरण कार्यकर्ता; संस्थापक, बाल आंदोलन
रोहन मैकलेरन – ऑस्ट्रेलियाई मॉडल और टीवी व्यक्तित्व मानवतावादी
गंगा नंदिनी – परियोजना कार्यान्वयन और संचार निदेशक, ग्लोबल इंटरफेथ वाश एलायंस;
श्रेया लखानी – ऑक्सफ़ोर्ड विश्वविद्यालय के बॉलिओल कॉलेज के संस्कृत स्नातक; कम्युनिकेशंस एंड इवेंट्स मैनेजर, ग्लोबल इंटरफेथ वाश एलायंस एंड डिवाइन शक्ति फाउंडेशन

अन्य पैनलिस्टों के विचार और पैनल में हुई चर्चा

लिसेप्रिया कंगुजम ने अपने विचारों को साझा करते हुये कहा कि कैसे उन्हें एक युवा नेता और चेंजमेकर बनने के लिए प्रेरित किया गया है। उन्होंने वैश्विक जलवायु संकट पर अपने ज्ञान और अद्भुत अंतर्दृष्टि के साथ प्रभावशाली उद्बोधन प्रस्तुत किया और अन्य युवाओं से आग्रह किया कि वे सकारात्मक बदलाव के लिए बोलने और सशक्त बनने के लिए आत्मविश्वास रखें।

प्रतिष्ठा देवेश्वर ने अपनी कहानी साझा करते हुये कहा कि ’’भारत में सभी लड़कियों को शिक्षित करना कितना महत्वपूर्ण है। उन्होंने श्रोताओं से आग्रह कियाः “शिक्षा सशक्तिकरण हेतु योगदान प्रदान करें। जब मैंने एक दुर्घटना के बाद चलने की क्षमता खो दी, तो इस घटना ने मुझे उड़ने के लिए पंख दिए। और हमारे देश की हर लड़की इस उड़ान को अपने सपनों की पूर्ति की ओर ले जा सकती है, यदि उसे ’’शिक्षा!“ तक पहुँच प्रदान की जाए।“

रोहन मैकलेरन ने अपनी सफलता और प्रसिद्धि के विषय में अपनी खुद की यात्रा के बारे में बात की, आध्यात्मिकता के माध्यम से मानवता के लिए सच्चे प्रेम और सेवा के मार्ग की कैसे खोज की इस बारे में प्रभावशाली विचार प्रस्तुत किये।

मल्लिका बजाज ने कहा कि “अपने आंतरिक शक्ति और तप पर काम करें। अपने उद्देश्य को महसूस करने के लिए खुद को प्रोत्साहित करें और अपने बाद की पीढ़ी के लिए एक सकारात्मक संदेेश को पीछे छोड़ें। सबसे महत्वपूर्ण बात, अपने सपनों को सच करने की दिशा में काम करे और ब्रह्मांड की शक्ति पर विश्वास रखें; आपका विश्वास आपको अपने लक्ष्य तक पहुंचने में मदद करेंगा और इस हेतु डरने की ज़रूरत नही है।
संजय राय ने कहा कि मेरा सपना हैं कि अन्तर्राष्ट्रीय युवा दिवस पर, पूरी दुनिया के युवा एक साथ, एक स्वर में, एक युवा गीत गाये। वह युवा गीत युवाओं को सपनांे की दुनिया का परिचय कराता हो। वह युवा गीत, दुनिया के युवाओं की धमनियो में रक्त के साथ घुल जायें ताकि हर युवा अपने सपने के लिए जीये।

राहुल कुमार ने कहा कि युवा असीमित ऊर्जा का स्रोत हैं, वे ऐसे चमक और चमकते हुए सूर्य हैं जो संपूर्ण सृष्टि को दिशा प्रदान कर सकते हैं । आवश्यकता केवल ऊर्जा को सही दिशा देने की है । अपनी जमीन, अपनी संस्कृति और अपने मूल्यों के साथ युवा शक्ति संपूर्ण विश्व को हर क्षेत्र में नई ऊर्जा देगी ऐसा हमारा विश्वास है।

पहले तीन पैनल – यंग लीडर्स एंड चेंजमेकर्स पर केंद्रित थी। जो श्रेया लखानी द्वारा संचालित थी। इस पैनल के माध्यम से इस बात पर ध्यान केंद्रित किया गया था कि आज युवाओं के लिए सकारात्मक सामाजिक गतिविधियों में लगे रहना कितना आवश्यक है। पैनल ने वैश्विक अंतर-सरकारी नेताओं के साथ-साथ उभरते युवा नेताओं को भी साथ लाया। प्रख्यात नेताओं के व्यक्तिगत अनुभव और सफलता की कहानियों को सुनना युवा लोगों के लिए प्रेरणादायी रहा। पैनल के सदस्यों ने भारत और दुनिया में युवाओं को प्रेरणा देने के लिए, बाधाओं को पार करने के लिए अपनी कहानियों को साझा किया और अपने सपनों और आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए करुणा से प्रेरित अपने जुनून को खोजने के लिए मार्गदर्शन प्रदान किया।

पैनल 2ः युवाओं में निवेश करने की प्रेरणा
यह सत्र गंगा नंदिनी द्वारा संचालित, जिसमें जो हस्तियां युवाओं का समर्थन करने के लिए काम करते हैं, वे उन्हें फलने-फूलने में सक्षम बनाते हैं और उनकी पूरी क्षमता तक पहुंचाने में मदद करते है आदि विशिष्ट हस्तियों ने सहभाग किया। इस पैनल ने चर्चा की कि वह क्या है जो वर्तमान लीडर्स को आने वाली पीढ़ी में निवेश करने और अपनी ऊर्जा केंद्रित करने के लिए प्रेरित करता है? उनकी अपनी यात्रा क्या थी और उन्होंने अपना रास्ता कैसे चुना? वर्तमान में कौन से अवसर हैं और हम युवाओं को सशक्त बनाने के लिए आवश्यक सामाजिक और संरचनात्मक परिवर्तन कैसे करते हैं? इस पर सारगर्भित चर्चा हुई

पैनल 3ः बाधाओं पर काबू पानेः परिवर्तन की कहानियां

प्रख्यात सार्वजनिक शख्सियतों ने अपने जीवन के अनुभवों के आधार पर अपने विचार साझा करते हुये कहा कि कैसे उन्होंने अपने जीवन के महत्वपूर्ण मोड़ पर चुनौतियों और कठिनाइयों का सामना किया और काबू पाया, इस हेतु उन्होंने युवाओं को प्रेरित करने के लिए परिवर्तन की अपनी अनूठी कहानियों को साझा किया। अपने युवा अवस्था में उन्हें कैसे डर और ठोकरों का सामना करना पड़ा और फिर उन्होंने कैसे सफलता का अनुभव किया। सच्ची सफलता क्या है? आज भारत और दुनिया में युवाओं के लिए अवसरों के सबसे बड़े क्षेत्र क्या हैं? आदि पर विस्तृत चर्चा हुई।

जय कुमार तिवारी

*हमेशा सच का साथ देना! ईमानदारी से आगे बढ़ना, दीनहीनों की आवाज को आगे पहुंचाना। सादा जीवन उच्च विचार और प्रकृति के बनाए हुए दायरे में जीवन निर्वहन करना। झूठ बोलने वालों और फरेब से दूर रहना, कभी किसी के अहित की बात नहीं सोचना। ईश्वर मेरे साथ हमेशा खड़े हैं!*

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