ऋषिकेशधर्म-कर्मशहर में खास

*हिंदू धर्म में सोमवती अमावस्या का विशेष महत्व -स्वामी विजयानंद सरस्वती*

वेद निकेतन धाम में संतों को राशन कीट वितरित किया गया!

देवभूमि जे के न्यूज़ ऋषिकेश!
आज सोमवती अमावस्या के अवसर पर वेद निकेतन धाम में साधुओं को राशन किट व अन्य जरूरी सामान वितरित की गई।
इस अवसर पर माता संतोष भारती, स्वामी विजयानंद सरस्वती, ऋषि विद्याधर , निर्मल माटेला, आश्रम के मैनेजर हितेश, अरविंद पांडे, शरद, रामनाथ ब्रह्मचारी, तरुणराज तिवारी सहित तमाम लोग उपस्थित थे।
इस अवसर पर स्वामी विजयानंद सरसवती सोमवती अमावस्या के विषय में विस्तार से बताते हुए कहा कि शास्त्रों में इस पर्व का बड़ा महत्व है और यह पर्व हजारों सालों से मनाते हुए आ रहे हैं और यह जो आज सोमवती अमावस्या है साथ में श्रावणी सोमवार है यह जो तिथि है करीबन 46 साल बाद आ रही है। इसमें जो दान करते हैं उसका जो प्रभाव है वह हजारों गुना होता है और खासकर ऐसे जो तीर्थ क्षेत्र है ऋषिकेश, हरिद्वार यहां पर गंगा स्नान रूद्र पूजा और शिव का भजन करने का भी महत्व बताया गया है तो इस प्रकार करीबन ढाई सौ साधुओं को सामग्री उपलब्ध कराई गई।
सोमवार को पड़ने वाली अमावस्या को सोमवती अमावस्या कहा जाता है। हिंदू धर्म में इस अमावस्या का विशेष महत्व है। पुराणों में कहा गया है कि इस दिन सुहागिन महिलाओं को अपने पति की दीर्घायु की कामना के लिए व्रत रखना चाहिए। मान्यता है कि इस दिन मौन व्रत रहने से सहस्त्र गोदान का फल प्राप्त होता है। सोमवार चूँकि भगवान शिव को समर्पित है इसलिए इस दिन भोलेनाथ की पूजा करते हुए महिलाएँ अपने पति की दीर्घायु की कामना करती हैं और पीपल के वृक्ष में शिवजी का वास मानकर उसकी पूजा और परिक्रमा की जाती है। यह भी माना जाता है कि पूर्वजों की आत्मा की तृप्ति के लिए अमावस्या के सभी दिन श्राद्ध की रस्मों को करने के लिए उपयुक्त हैं। कालसर्प दोष निवारण की पूजा करने के लिए भी अमावस्या का दिन उपयुक्त होता है।

वैसे तो इस दिन गंगा स्नान का विशेष महत्व माना गया है लेकिन यदि यह संभव नहीं हो तो नहाते समय पानी में गंगा जल मिलाया जा सकता है। इस दिन पीपल के वृक्ष की पूजा करने से सौभाग्य में वृद्धि होती है। पीपल की पूजा के बाद गरीबों को कुछ दान अवश्य देना चाहिए। यदि कोई नदी या सरोवर निकट हो तो वहाँ अवश्य जाएँ और भगवान शंकर, पार्वती और तुलसी जी की भक्तिभाव से पूजा करें। सोमवती अमावस्या के दिन 108 बार तुलसी की परिक्रमा करना, ओंकार का जप करना, सूर्य नारायण को अर्घ्य देना अत्यंत फलदायी है। मान्यता है कि सिर्फ तुलसी जी की 108 बार प्रदक्षिणा करने से घर की दरिद्रता भाग जाती है।
प्रत्येक मास एक अमावस्या आती है, परंतु ऐसा बहुत ही कम होता है, जब अमावस्या सोमवार के दिन हो। यह स्नान, दान के लिए शुभ और सर्वश्रेष्ठ मानी जाती है। पुराणों में कहा गया है कि सोमवार को अमावस्या बड़े भाग्य से ही पड़ती है। इस दिन को नदियों, तीर्थों में स्नान, गोदान, अन्नदान, ब्राह्मण भोजन, वस्त्र आदि दान के लिए विशेष माना जाता है। सोमवार चंद्रमा का दिन है। इस दिन अमावस्या को सूर्य तथा चंद्र एक सीध में स्थित रहते हैं, इसलिए यह पर्व विशेष पुण्य देने वाला होता है। अमावस्या जब सोमवार के दिन पड़ती है तो उसे सोमवती अमावस्या कहते हैं और अमावस्या जब शनिवार के दिन पड़ती है तो उसे शनि अमावस्या कहते हैं।

जय कुमार तिवारी

*हमेशा सच का साथ देना! ईमानदारी से आगे बढ़ना, दीनहीनों की आवाज को आगे पहुंचाना। सादा जीवन उच्च विचार और प्रकृति के बनाए हुए दायरे में जीवन निर्वहन करना। झूठ बोलने वालों और फरेब से दूर रहना, कभी किसी के अहित की बात नहीं सोचना। ईश्वर मेरे साथ हमेशा खड़े हैं!*

Related Articles

36 Comments

  1. Trusted online drugstore reviews Size Hum of Toxins Medications (ACOG) has had its absorption on the pancreas of gestational hypertension and ed pills online as superbly as basal insulin in stiff elevations; the two biologic therapies were excluded inexpensive cialis online canadian pharmaceutics the Dilatation sympathetic of Lupus Nephritis. viagra online canada Izinop tklznt

Leave a Reply

Your email address will not be published.

error: Content is protected !!
Close