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*नेपाली मूल के व्यक्ति को घायल देख सशस्त्र सीमा बल के निरीक्षक भगवान सिंह पँवार मदद को आगे आए*

श्रीनगर ट्रेनिंग सेंटर में सेवारत हैं!

देवभूमि जेके न्यूज, ऋषिकेश!

जिनका मुख्य कर्तव्य चाहे सरहद हो या अन्य जगह हमारे जाबाज सिपाही कभी पीछे नहीं रहते हैं , यह मिशाल देखने को मिली हिमालयन हॉस्पिटल जॉली ग्रांट के मुख्य द्वार पर चमोली जिले से आये हुए एक नेपाली मूल के व्यक्ति के रिश्तेदार व्यथित दशा मे बैठे हुए थे जिसका कारण था कि उनके परिवार के गणेश नामक व्यक्ति का कुछ दिन पहले एक ट्रैक्टर से एक्सीडेंट हो गया था जिसमें यह काफी घायल हो गया था इसके इलाज हेतु इसे हिमालयन अस्पताल जोली ग्रान्ट लाये अस्पताल द्वारा इलाज शुरू किया गया जितना पैसा इनके पास था सब इलाज मे खर्चा हो गया ,डॉक्टर्स द्वारा मरीज का एक मेजर ऑपरेशन जिसमें 150000 लाख तक खर्च होने की बात की गई । परिवार के पास इतना रुपया न होने के कारण हताश निराश मुख्य गेट पर मरीज को लेकर बैठे थे ।
उसी समय शसत्र सीमा सुरक्षा बल (S S B) श्रीनगर मे निरीक्षक पद पर तैनात भगवान सिहं पँवार अपने स्वास्थ्य जांच के लिए हिमालयन हॉस्पिटल जॉली ग्रांट पहुंचे तो उन्होंने जब उक्त परिवार की दशा देखी तो उनसे रहा नहीं गया अपनी जांच छोड़कर उन्हें पूछा ओर सारे हालचाल जानकर परिवार को हिम्मत दिलवाते हुए मदद करने का वायदा किया।
पँवार ने तुरन्त अपनी यूनिट श्रीनगर सम्पर्क करके साथियों की मदद से उक्त मरीज को एडमिट करवाया तथा जो भी खर्चा इसके इलाज पर होगा उसे बहाल करने की बात की है ।
जहाँ मित्र देश के रूप मे नेपाल अपना स्थान हर भारतीयों के दिलों मे रखता था ओर नेपाल मूल के 60 प्रतिशत नागरिक आज भी आजीविका के लिए भारत पर निर्भर हैं वहीं नेपाल आज चीन की सह पर भारत की सशत्र सीमा पर आंख उठाये हुए है ।
वहीं शसस्त्र सीमा सुरक्षा बल के भगवान सिंह पवार ने यह मिसाल कायम की है कि भारत संवेदनाओं की भूमि है उसकी भूमि पर रहने वाले हर नागरिक की सुरक्षा करना उसका पहला कर्तव्य है।
इस नेक कार्य के लिए भगवान सिह पँवार को सैल्यूट करते हैं ।
इस कार्य मे महत्व पूर्ण सहयोग देने वाले ऋषिकेश क्षेत्र मे अपनी सेवाओं के लिए पहचान रखने वाले समाज सेवी सुरेंद्र सिंह भंडारी ,शिवांश पँवार थे ।

जय कुमार तिवारी

*हमेशा सच का साथ देना! ईमानदारी से आगे बढ़ना, दीनहीनों की आवाज को आगे पहुंचाना। सादा जीवन उच्च विचार और प्रकृति के बनाए हुए दायरे में जीवन निर्वहन करना। झूठ बोलने वालों और फरेब से दूर रहना, कभी किसी के अहित की बात नहीं सोचना। ईश्वर मेरे साथ हमेशा खड़े हैं!*

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