ऋषिकेशराजनीतिशहर में खास

*बाबा साहेब के कार्यों से आज भी लोगों के दिलों में वह हैं जिंदा-अनिता ममगाई*

*भीमराव अम्बेडकर एकता मंच ने महापौर का जताया आभार*

देवभूमि जे के न्यूज़!

ऋषिकेष- नगर निगम महापौर अनिता ममगाई ने कहा कि गरीबों व शोषितो के मसीहा थे डॉ. भीमराव आम्बेडकर । उन्होंने शोषित समाज को संविधान रूपी हथियार अपने हक व हकूक के लिए दिया है।
उन्होंने पिछड़े वर्गों के हकों को दिलाने के लिए संघर्ष किया और आज उनके आदर्शों पर चलते हुए करोड़ों दलित, गरीब, पिछड़े परिवार उन्नति की ओर अग्रसर हो रहे हैं। उक्त विचार महापौर ममगाई ने अम्बेडकर चौक पर निगम प्रशासन द्वारा संविधान निर्माता डा भीमराव अम्बेडकर की भव्य मूर्ति लगाये जाने पर आभार जताने पहुंचे भीमराव अंबेडकर एकता मंच के सदस्यों के समक्ष व्यक्त किए।उन्होंने कहा कि बाबा साहब दूरदर्शी एवं सकारात्मक सोच के व्यक्ति थे, जिन्हें कई भाषाओं का ज्ञान थे और उन्होंने गरीब, पिछड़े व दलितों को उनके हक दिलाकर उन्हें समाज की मुख्य धारा से जोड़ने का काम किया। यही कारण है कि वह आज भी लोगों के दिलों में जिंदा हैं। महापौर ने कहा कि नगर निगम क्षेत्र में दलित समाज के लोगों को आगे बढ़ाने के लिए निगम प्रशासन हर संभव प्रयास करेगा।
मंगलवार की दोपहर भीमराव अम्बेडकर एकता मंच के सदस्य नगर निगम महापौर अनिता ममगाई के कैंप कार्यालय पहुंचे जहां अंबेडकर चौक पर डा भीमराव अंबेडकर की भव्य आदमकद मूर्ति लगाए जाने को लेकर पुष्प गुच्छ भेंटकर उनका आभार जताया गया। मंच के सदस्यों ने महापौर का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वर्षों से तीर्थ नगरी में दलित समाज उपेक्षा का शिकार रहा है ।अंबेडकर चौक के जीर्णोद्धार की मांग वर्षों से उठती रही है लेकिन जनप्रतिनिधि उक्त मांग पर कभी भी संजीदा कोशिश करते हुए दिखाई नहीं दिए। जिसकी वजह से वर्षों से अंबेडकर चौक पर लगी संविधान निर्माता डॉ भीमराव अंबेडकर की मूर्ति भी अपनी बेबसी पर आंसू बहाती रही। लेकिन वर्तमान बोर्ड ने मंच की मांग पर बाबा साहेब की भव्य मूर्ति निर्माण का निर्णय लिया।इससे दलित समाज स्वयं को सम्मानित महसूस कर रहा है ।आभार जताने वालों में मंच अध्यक्ष राजेश कुमार, उपाध्यक्ष सहदेव सिंह,मोहनलाल, मोहन देव, विपिन कुमार, मुकेश कुमार, संदीप कुमार आदि शामिल थे।

जय कुमार तिवारी

*हमेशा सच का साथ देना! ईमानदारी से आगे बढ़ना, दीनहीनों की आवाज को आगे पहुंचाना। सादा जीवन उच्च विचार और प्रकृति के बनाए हुए दायरे में जीवन निर्वहन करना। झूठ बोलने वालों और फरेब से दूर रहना, कभी किसी के अहित की बात नहीं सोचना। ईश्वर मेरे साथ हमेशा खड़े हैं!*

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