अजब-गजब!

2 *जून की रोटी का मतलब*?

देवभूमि जे के न्यूज़!
दो जून की रोटी वैसे तो ये एक साधारण सा मुहावरा हैं, लेकिन इसका जून महीने से कोई संबंध नही हैं। यह कब और कहा से आया ये भी नही पता, लेकिन इसका शाब्दिक अर्थ कुछ अलग ही हैं।
आजकल सोशल मीडिया पर आज के दिन 2 जून को लोग एक मैसेज वायरल कर रहे हैं, जिसमें लिखा है कि 2 जून की रोटी अवश्य खाना।
आज 2 जून है, आज 2 जून की रोटी सबको खानी चाहिए!
कई बार लोग किसी भी शब्द वाक्य को बिना समझे उसका अलग ही अर्थ लगा लेते हैं ,वास्तव में 2 जून की रोटी का मतलब क्या है?
बचपन में पढ़ी गई किताबों में हमने ऐेसे मुहावरे पढ़े जिनका अर्थ जीवन की गहराइयों तक जाता हैं। ऐसा ही एक मुहावरा दो जून की रोटी भी हैं। मोटे तौर पर माना जाए तो यह करीब 600 साल पहले से प्रचलन में हैं, किसी घटनाक्रम की विशेषता बताने के लिए मुहावरों को जोड़कर प्रयोग में लाया जाता हैं यह क्रम आजतक जारी हैं।
दो जून की रोटी का मतलब-
कड़ी मेहनत के बाद भी लोगों को दो समय का खाना नसीब नहीं होना!

जय कुमार तिवारी

*हमेशा सच का साथ देना! ईमानदारी से आगे बढ़ना, दीनहीनों की आवाज को आगे पहुंचाना। सादा जीवन उच्च विचार और प्रकृति के बनाए हुए दायरे में जीवन निर्वहन करना। झूठ बोलने वालों और फरेब से दूर रहना, कभी किसी के अहित की बात नहीं सोचना। ईश्वर मेरे साथ हमेशा खड़े हैं!*

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