ऋषिकेशधर्म-कर्मशहर में खास

वेदपाठी ब्राह्मणों के सामने रोजी-रोटी का संकट!

देवाधीनं जगत सर्वे मंत्राधीना च देवता ते मंत्रा ब्राह्मणाधीना तस्मात् ब्राह्मण देवता!

देवभूमि जे के न्यूज़!

समस्त संसार देवता के अधीन है और समस्त देवता मंत्रों के अधीन हैं । सभी मंत्र ब्राह्मणों के अधीन हैं, इसलिए ब्राह्मण देवता है।
अर्थात् मंत्रों को जानने वाला ज्ञानी ब्राह्मण देवता के समान पूजनीय है ।

वैश्विक महामारी के संकट मे जहाँ आज समाज का हर वर्ग उद्यमी से लेकर श्रमिक अर्थात पूंजीवादी से लेकर निम्न वर्ग तक जीविकोपार्जन की चिंता मे है वहीं समाज का एक ऐसा वर्ग जो सदैव विश्व कल्याण के लिए “सर्वे भवन्तु सुखिना ” की कामना की उपासना, वन्दना, साधना मे लगा रहा है जिसकी जीविका का एक मात्र स्रोत यही कार्य रहा है पूजा पाठ ,नित्य कर्म पद्वति से ही भरण पोषण की परम्परा सनातनी परम्परा मे अनादिकाल से चली आई है वह वेद मन्त्रों के अन्वेषकों की परम्परा को बढ़ाने वाले इस महामारी के संकट से अछूते नहीं हैं, ऋषियों की नगरी ह्रषिकेश नारायण की भूमि मे कई वेद पाठी आज संकट की स्थिति मे हैं ।
मेरा निवेदन उन धर्म संस्थाओं के शंकराचार्यों,महा मन्डलेश्वरों, धर्म ध्वजा संरक्षकों, संवर्धकों , महंतों ,अधिष्ठाताओं , अनुषांगिक संगठनों से कि जहाँ आप अपने धन की कृपाद्रता का अंश प्रधान मंत्री कोष या मुख्यमंत्री कोष मे राष्ट्र रक्षा हित मे दे रहे है निश्चित अनेकों पुण्यों का संचय कर रहे हैं, वहीं इन वेदों की ऋचाओं के संवर्धकों को भी कुछ न अंश अनुष्ठान (भंडारा ) को मानते हुए प्रदान करें ताकि ये जलाशय शुष्कता मे परिवर्तित न हों धर्म मार्ग की प्रेरणा के ये सर्जक हैं। आप सभी कुबेर पुत्रों अन्नपूर्णा
से निवेदन है।
इस वैश्विक महामारी में डाक्टर सनील थपलियाल, डॉ जनार्दन कैरवाण, सुभाष डोभाल, गंगाराम व्यास ,शिवस्वरूप नोटियाल ,जितेंद्र भट्ट, आदि ने चिंता व्यक्त की व निवेदन किया।

जय कुमार तिवारी

*हमेशा सच का साथ देना! ईमानदारी से आगे बढ़ना, दीनहीनों की आवाज को आगे पहुंचाना। सादा जीवन उच्च विचार और प्रकृति के बनाए हुए दायरे में जीवन निर्वहन करना। झूठ बोलने वालों और फरेब से दूर रहना, कभी किसी के अहित की बात नहीं सोचना। ईश्वर मेरे साथ हमेशा खड़े हैं!*

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